बाबाफाग दहका गीत बघेली लोकगीत BabaFaag Dahka ke Geet Lokgeet Bagheli Lyrics

 ऊंची अटारी का बैठक हो / बघेली बाबाफाग दहका गीत

ऊँची अटारी का बैठक हो
गंगा स्नान
बेरा कुवेरा कै चितवन हो
जिया मारइ हमार


धनि शिव मुरति तोरि / बघेली बाबाफाग दहका गीत

धनि शिव बाबा मूरति तोरि
जटन से गंगा बही है
हां हां रे जटन से गंगा बही है
ऐ झालखण्ड मां झांझै बजत हैं
गया बजत घरियाल
ए बरहाँ बजा बजे अजुध्या जहां राम लिहिनि अउतार
जहाँ राम लिहिनि अउतार
जटन से गंगा बही है


ये केरा के पात सुहावन / बघेली बाबाफाग दहका गीत


ये केरा के पात सुहावन
अमवा गुलजार
कोइली के बोल रसावन
मोसे रहियउ न जाय।


ये चन्दा बरन उजियारी / बघेली बाबाफाग दहका गीत


ये चन्दा बरन उजियारी राधा
चन्दा बरन उजियारी
दस अंगुरी दस मुंदरी सोहैं
बाजूबन्द चौलारी
ये चन्दा बरन उजियारी राधा
ये गर सोहै मोतिअन के माला
हीरा लगे हजारी
चन्दा बरन उजियारी राधा
ये लेसे दिअना खड़ी अंटारी
चन्दा बरन उजियारी राधा
ये सुर श्याम ऐसे मन मोहन
खेलंइ पन्सासारी
राधा चन्दा बरन उजियारी
राधा चन्दा बरन उजियारी राधा
चन्दा बरने उजियारी

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