के नगरी में वीर जन्मे, महावीर जी जागे भाग हैं त्रिशला माँ के, के त्रिभवन के नाथ जन्मे, महावीर जी हो… शुभ घडी जनम की आई, सवरग से देव आये, महावीर जी तेरा नवन करें मेरु पर के, इंद्र जल भर लाए, महावीर जी हो.. तुझे देवीआं झुलाये पलना, मन में मगन हो के, महावीर जी तेरे पलने में हीरे मोती, के. गोरिओं में लाल लटके, महावीर जी हो… अब ज्योति तेरी जागी के सूर्य चाँद छिप जाए, महावीर जी तेरे पिता लुटावें मोहरें खजाने सारे खुल जाएंगे, महावीर जी हो… हम दरश को तेरे आए के पाप सब काट जाएंगे, महावीर जी बजे कुण्डलपर में बधाई, के नगरी में वीर जन्मे, महावीर जी जैन भजन संग्रह के सभी भजन यहाँ पढ़ें: जैन भजन संग्रह (सम्पूर्ण सूची)
यह हो वो जहाज जिसने लाखों को तारा णमो अरिहंताणं णमो सिद्धाणं णमो आयरियाणं णमो उवज्झायाणं णमो लोए सव्व साहूणं अरिहंतों को नमन हमारा, अशुभ धर्म अरि हनन करें सिद्धों के सुमिरन से आत्मा सिद्ध क्षेत्र को गमन करे भव भव में ना हो जनम दोबारा, मंत्र णमोकार हमें प्राणो से प्यारा… आचार्यों के आचारों से निर्मल निज आचार करें उपाधयाय को ध्यान धरें हम संवारता सत्कार करें सर्व साधू को नमन हमारा, मंत्र णमोकार हमें प्राणो से प्यारा… णमो अरिहंताणं णमो सिद्धाणं णमो आयरियाणं णमो उवज्झायाणं णमो लोए सव्व साहूणं सोते उठते, चलते फिरते इसी मंत्र का जाप करे ताप हमारे तो उनका भी छेदअपने आप करें इसी मंत्र का लेलो सहारा, मंत्र णमोकार हमें प्राणो से प्यारा… जैन भजन संग्रह के सभी भजन यहाँ पढ़ें: जैन भजन संग्रह (सम्पूर्ण सूची)