संदेश

अगस्त, 2026 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

श्री नेमिनाथ जी चालीसा – सम्पूर्ण पाठ हिंदी में (Lyrics व Video सहित)

श्री नेमिनाथ जी चालीसा 🎬 वीडियो देखें श्री नेमिनाथ जी चालीसा एक अत्यंत पावन एवं भक्तिभाव से परिपूर्ण स्तुति है। श्रद्धालु प्रतिदिन इस चालीसा का पाठ करके मन की शांति, सुख-समृद्धि और सभी कष्टों से मुक्ति की कामना करते हैं। नीचे दी गई सम्पूर्ण चालीसा को ध्यानपूर्वक पढ़ें और साथ ही ऊपर दिए गए बटन पर क्लिक करके इसका भक्ति वीडियो भी देखें। श्री जिनवाणी शीश धार कर, सिद्ध परभू का करके ध्यान । लिखू नेमि चालीसा सुखकार, नेमी प्रभु की शरण में आन।। समुन्द्र विजय यादव कुलराई, सौरिपुर रजधानी कहाई । शिवादेवी उनकी महारानी, षष्ठी कार्तिक शुक्ल बखानी ।। सुख से शयन करें शैया पर, सपने देखे सौलह सुन्दर । तज विमान जयंत अवतारे, हुए मनोरथ पूरण सारे ।। प्रतिदिन महल में रतन बरसते, यदुवंशी निज मन में हरषते । दिन षष्ठी सावन शुक्ल का, हुआ अभ्युदय पुत्र रतन का ।। तिन लोक में आनद छाया, प्रभु को मेरु पर पधराश । न्वहन हेतु जल ले क्षीरसागर, मणियो के थे कलश मनोहर ।। कर अभिषेक किया परनाम, अरिष्ट नेमि दिया शुभ नाम । शोभित तुमसे सत्य मराल, जीता तुमने काल कराल ।। सहस अष्ट लक्षण सुलालाम, नील कमल सम वर्ण अभिराम...

श्री सुपार्श्वनाथ जी चालीसा – सम्पूर्ण पाठ हिंदी में (Lyrics व Video सहित)

श्री सुपार्श्वनाथ जी चालीसा 🎬 वीडियो देखें श्री सुपार्श्वनाथ जी चालीसा एक अत्यंत पावन एवं भक्तिभाव से परिपूर्ण स्तुति है। श्रद्धालु प्रतिदिन इस चालीसा का पाठ करके मन की शांति, सुख-समृद्धि और सभी कष्टों से मुक्ति की कामना करते हैं। नीचे दी गई सम्पूर्ण चालीसा को ध्यानपूर्वक पढ़ें और साथ ही ऊपर दिए गए बटन पर क्लिक करके इसका भक्ति वीडियो भी देखें। लोक शिखर के वासी हैं प्रभु, तीर्थंकर सुपार्श्व जिननाथ । नयन द्वार को खोल खड़े हैं, आओ! विराजो! हे जगनाथ ।। सुन्दर नगरी वाराणसी स्थित, राज्य करें रजा सुप्रतिष्टित । पृथ्वीसेना उनकी रानी, देखे स्वप्ना सोलह अभिरामी ।। तीर्थंकर सूत गर्भ में आये, सुरगण आकर मोद मनाये । शुक्ल ज्येष्ठ द्वादशी शुभ दिन, जन्मे अहमिन्द्र योग में श्रीजिन ।। जन्मोत्सव की ख़ुशी असीमित, पूरी वाराणसी हुई सुशोभित । बढे सुपाश्वजिन चन्द्र समान, मुख पर बसे मंद मुस्कान ।। समय प्रवाह रहा गतिशील, कन्याएं परनाई सुशील । लोक प्रिय शासन कहलाता, पर दुष्टों का दिल दहलाता ।। नित प्रति सुन्दर भोग भोगते, फिर भी कर्म बंध नहीं होते। तन्मय नहीं होते भोगो में, दृष्टि रहे अंतर योगों में ...

श्री नमिनाथ जी चालीसा – सम्पूर्ण पाठ हिंदी में (Lyrics व Video सहित)

श्री नमिनाथ जी चालीसा 🎬 वीडियो देखें श्री नमिनाथ जी चालीसा एक अत्यंत पावन एवं भक्तिभाव से परिपूर्ण स्तुति है। श्रद्धालु प्रतिदिन इस चालीसा का पाठ करके मन की शांति, सुख-समृद्धि और सभी कष्टों से मुक्ति की कामना करते हैं। नीचे दी गई सम्पूर्ण चालीसा को ध्यानपूर्वक पढ़ें और साथ ही ऊपर दिए गए बटन पर क्लिक करके इसका भक्ति वीडियो भी देखें। सतत पूज्यनीय भगवन, नमिनाथ जिन महिभावान । भक्त करें जो मन में ध्याय, पा जाते मुक्ति वरदान ।। जय श्री नमिनाथ जिन स्वामी, वसु गुण मण्डित प्रभु प्रणमामि । मिथिला नगरी प्रान्त बिहार, श्री विजय राज्य करें हितकार ।। विप्रा देवी महारानी थी, रूप गुणों की वो खानी थी । कृष्णाश्विन द्वितीय सुखदाता, षोडश स्वपन देखती माता।। अपराजित विमान को तजकर, जननी उदर बसे प्रभु आकर । कृष्ण असाढ़ दशमी सुखकार, भूतल पर हुआ प्रभु अवतार ।। आयु सहस दस वर्ष प्रभु की, धनु पंद्रह अव्गना उनकी । तरुण हुए जब राजकुमार, हुआ विवाह तब आनंदकार ।। एक दिन भ्रमण करे उपवन में, वर्षा ऋतू में हर्षित मन में । नमस्कार करके दो देव, कारण कहने लगे स्वयमेव ।। ज्ञात हुआ की क्षेत्र विदेह में, भावी ती...

श्री मल्लिनाथ जी चालीसा – सम्पूर्ण पाठ हिंदी में (Lyrics व Video सहित)

श्री मल्लिनाथ जी चालीसा 🎬 वीडियो देखें श्री मल्लिनाथ जी चालीसा एक अत्यंत पावन एवं भक्तिभाव से परिपूर्ण स्तुति है। श्रद्धालु प्रतिदिन इस चालीसा का पाठ करके मन की शांति, सुख-समृद्धि और सभी कष्टों से मुक्ति की कामना करते हैं। नीचे दी गई सम्पूर्ण चालीसा को ध्यानपूर्वक पढ़ें और साथ ही ऊपर दिए गए बटन पर क्लिक करके इसका भक्ति वीडियो भी देखें। मोहमल्ल मद मर्दन करते, मन्मथ दुर्ध्दर का मद हरते । धैर्य खडग से कर्म निवारे, बाल्यती को नमन हमारे ।। बिहार प्रान्त की मिथिला नगरी, राज्य करे कुम्भ काश्यप गोत्री । प्रभावती महारानी उनकी, वर्षा होती थी रत्नो की ।। अपराजित विमान को तज कर, जननी उदार बसे प्रभु आकर । मंगसिर शुक्ल एकादशी शुभ दिन, जन्मे तीन ज्ञान युक्त श्री जिन ।। पूनम चन्द्र समान हो शोभित, इंद्र न्वहन करते हो मोहित । तांडव नृत्य करे खुश हो कर, निरखे प्रभु को विस्मित हो कर ।। बढे प्यार से मल्लि कुमार, तन की शोभा हुई अपार । पचपन सहस आयु प्रभुवर की, पच्चीस धनु अवगाहन वपु की ।। देख पुत्र की योग्य अवस्था, पिता ब्याह की करें व्यवस्था । मिथिलापूरी को खूब सजाया, कन्या पक्ष सुनकर हर्षाया ...

श्री अरहनाथ जी चालीसा – सम्पूर्ण पाठ हिंदी में (Lyrics व Video सहित)

श्री अरहनाथ जी चालीसा 🎬 वीडियो देखें श्री अरहनाथ जी चालीसा एक अत्यंत पावन एवं भक्तिभाव से परिपूर्ण स्तुति है। श्रद्धालु प्रतिदिन इस चालीसा का पाठ करके मन की शांति, सुख-समृद्धि और सभी कष्टों से मुक्ति की कामना करते हैं। नीचे दी गई सम्पूर्ण चालीसा को ध्यानपूर्वक पढ़ें और साथ ही ऊपर दिए गए बटन पर क्लिक करके इसका भक्ति वीडियो भी देखें। श्री अरहनाथ जिनेन्द्र गुणाकर, ज्ञान दरस सुख बल रत्नाकर । कल्पवृक्ष सम सुख के सागर, पार हुए निज आतम ध्याकर ।। अरहनाथ वसु अरि के नाशक, हुए हस्तिनापुर के शाषक । माँ मित्रसेना पिता सुदर्शन, चक्रवर्ती बन दिया दिग्दर्शन ।। सहस चौरासी आयु प्रभु की, अवगाहना थी तीस धनुष की । वर्ण सुवर्ण समान था पीत, रोग शोक थे तुमसे भीत ।। ब्याह हुआ जब प्रीत कुमार का, स्वपन हुआ साकार पिता का । राज्याभिषेक हुआ अरहजिन का, हुआ अभ्युदय चक्र रतन का ।। एक दिन देखा शरद ऋतू में, मेघ विलीन हुए क्षण भर में । उदित हुआ वैराग्य ह्रदय में, लौकंतिक सुर आये पल में ।। अरविन्द पुत्र को देकर राज, गए सहेतुक वन जिनराज । मंगसिर की दशमी उजियारी, परम दिगंबर दीक्षा धारी ।। पंचमुश्ठी उखाड़े केश...

श्री कुंथुनाथ जी चालीसा – सम्पूर्ण पाठ हिंदी में (Lyrics व Video सहित)

श्री कुंथुनाथ जी चालीसा 🎬 वीडियो देखें श्री कुंथुनाथ जी चालीसा एक अत्यंत पावन एवं भक्तिभाव से परिपूर्ण स्तुति है। श्रद्धालु प्रतिदिन इस चालीसा का पाठ करके मन की शांति, सुख-समृद्धि और सभी कष्टों से मुक्ति की कामना करते हैं। नीचे दी गई सम्पूर्ण चालीसा को ध्यानपूर्वक पढ़ें और साथ ही ऊपर दिए गए बटन पर क्लिक करके इसका भक्ति वीडियो भी देखें। दया सिन्धु कुन्थु जिनराज, भव सिंधु तिरने को जहाज। कामदेव चाकरी महाराज, दया करो हम पर भी आज।। जय श्री कुन्थु नाथ गुणखान, परम यशस्वी महिमावान । हस्तिनापुर नगरी के भूपति, शूरसेन कुरुवंशी अधिपति ।। महारानी थी श्रीमती उनकी, वर्षा होती थी रतनन की । प्रतिपदा वैशाख उजियारी, जन्मे तीर्थंकर बलधारी ।। गहन भक्ति अपने उर धारे, हस्तिनापुर आये सुर सारे । इन्द्र प्रभु को गोद में लेकर, गए सुमेरु हर्षित हो कर ।। न्हवन करे निर्मल जल लेकर, ताण्डव नृत्य करे भक्ति भर । कुंथुनाथ नाम शुभ देकर, इन्द्र करें स्तवन मनोहर ।। दिव्या वस्त्राभूषण पहनाये, वापिस हस्तिनापुर को आए । क्रम क्रम से बढे बालेन्दु सम, यौवन शोभा धारें हितकर ।। धनु पैतालीस उननत प्रभु तन, उत्तम शोभा...

श्री शांतिनाथ जी चालीसा – सम्पूर्ण पाठ हिंदी में (Lyrics व Video सहित)

श्री शांतिनाथ जी चालीसा 🎬 वीडियो देखें श्री शांतिनाथ जी चालीसा एक अत्यंत पावन एवं भक्तिभाव से परिपूर्ण स्तुति है। श्रद्धालु प्रतिदिन इस चालीसा का पाठ करके मन की शांति, सुख-समृद्धि और सभी कष्टों से मुक्ति की कामना करते हैं। नीचे दी गई सम्पूर्ण चालीसा को ध्यानपूर्वक पढ़ें और साथ ही ऊपर दिए गए बटन पर क्लिक करके इसका भक्ति वीडियो भी देखें। शांतिनाथ महाराज का, चालीसा सुखकार । मोक्ष प्राप्ति के ही लिए, कहूँ सुनो चितधार ।। चालीसा चालीस दिन तक, कह चालीस बार। बढे जगत सम्पन्न, सुमत अनुपम शुद्द विचार ।। शांतिनाथ तुम शांतिनायक, पंचम चक्री जग सुखदायक । तुम्ही हो सौलवे तीर्थंकर, पूजे देव भूप सुर गणधर।। पंचाचार गुणों के धारी, कर्म रहित आठो गुणकारी । तुमने मोक्ष का मार्ग दिखाया, निज गुण ज्ञान भानु प्रगटाया ।। स्यादवाद विज्ञान उचारा, आप तिरेन औरन को तारा । ऐसे जिन को नमस्कार कर, चढू सुमत शांति नौका पर ।। सुक्ष्म सी कुछ गाथा गाता, हस्तिनापुर जग विख्याता । विश्वसेन पितु, ऐरा माता, सुर तिहूँ काल रत्न वर्षाता ।। साढ़े दस करोड़ नित गिरने, ऐरा माँ के आँगन भरते । पंद्रह माह तक हुई लुटाई, ले जा ...

श्री धर्मनाथ जी चालीसा – सम्पूर्ण पाठ हिंदी में (Lyrics व Video सहित)

श्री धर्मनाथ जी चालीसा 🎬 वीडियो देखें श्री धर्मनाथ जी चालीसा एक अत्यंत पावन एवं भक्तिभाव से परिपूर्ण स्तुति है। श्रद्धालु प्रतिदिन इस चालीसा का पाठ करके मन की शांति, सुख-समृद्धि और सभी कष्टों से मुक्ति की कामना करते हैं। नीचे दी गई सम्पूर्ण चालीसा को ध्यानपूर्वक पढ़ें और साथ ही ऊपर दिए गए बटन पर क्लिक करके इसका भक्ति वीडियो भी देखें। उत्तम क्षमा अदि दस धर्म,प्रगटे मूर्तिमान श्रीधर्म । जग से हरण करे सन अधर्म, शाश्वत सुख दे प्रभु धर्म ।। नगर रतनपुर के शासक थे, भूपति भानु प्रजा पालक थे। महादेवी सुव्रता अभिन्न, पुत्रा आभाव से रहती खिन्न ।। प्राचेतस मुनि अवधिलीन, मत पिता को धीरज दीन । पुत्र तुम्हारे हो क्षेमंकर, जग में कहलाये तीर्थंकर ।। धीरज हुआ दम्पति मन में, साधू वचन हो सत्य जगत में । मोह सुरम्य विमान को तजकर, जननी उदर बसे प्रभु आकर ।। तत्क्षण सब देवों के परिकर, गर्भाकल्याणक करें खुश होकर । तेरस माघ मास उजियारी, जन्मे तीन ज्ञान के धारी ।। तीन भुवन द्युति छाई न्यारी, सब ही जीवों को सुखकारी । माता को निंद्रा में सुलाकर, लिया शची ने गोद में आकर ।। मेरु पर अभिषेक कराया, धर्मन...

श्री अनंतनाथ जी चालीसा – सम्पूर्ण पाठ हिंदी में (Lyrics व Video सहित)

श्री अनंतनाथ जी चालीसा 🎬 वीडियो देखें श्री अनंतनाथ जी चालीसा एक अत्यंत पावन एवं भक्तिभाव से परिपूर्ण स्तुति है। श्रद्धालु प्रतिदिन इस चालीसा का पाठ करके मन की शांति, सुख-समृद्धि और सभी कष्टों से मुक्ति की कामना करते हैं। नीचे दी गई सम्पूर्ण चालीसा को ध्यानपूर्वक पढ़ें और साथ ही ऊपर दिए गए बटन पर क्लिक करके इसका भक्ति वीडियो भी देखें। अनन्त चतुष्टय धरी अनंत, अनंत गुणों की खान अनन्त। सर्वशुद्ध ज्ञायक हैं अनन्त, हरण करे मम दोष अनन्त ।। नगर अयोध्या महा सुखकार, राज्य करे सिंहसेन अपार । सर्वयशा महादेवी उनकी, जननी कहलाई जिनवर की ।। द्वादशी ज्येष्ठ कृष्ण सुखकारी, जन्मे तीर्थंकर हितकारी । इन्द्र प्रभु को गोद में लेकर, न्वहन करे मेरु पर जाकर ।। नाम अनंतनाथ शुभ दीना, उत्सव करते नित्य नवीना । सार्थक हुआ नाम प्रभुवर का, पार नहीं गुण के सागर का ।। वर्ण सुवर्ण समान प्रभु का, ज्ञान धरें मुनि श्रुत अवधि का । आयु तीस लाख वर्ष उपाई, धनुष अर्धशत तन ऊचाई ।। बचपन गया जवानी आई, राज्य मिला उनको सुखदाई । हुआ विवाह उनका मंगलमय, जीवन था जिनवर का सुखमय ।। पंद्रह लाख बरस बीतें जब, उल्क...

श्री विमलनाथ जी चालीसा – सम्पूर्ण पाठ हिंदी में (Lyrics व Video सहित)

श्री विमलनाथ जी चालीसा 🎬 वीडियो देखें श्री विमलनाथ जी चालीसा एक अत्यंत पावन एवं भक्तिभाव से परिपूर्ण स्तुति है। श्रद्धालु प्रतिदिन इस चालीसा का पाठ करके मन की शांति, सुख-समृद्धि और सभी कष्टों से मुक्ति की कामना करते हैं। नीचे दी गई सम्पूर्ण चालीसा को ध्यानपूर्वक पढ़ें और साथ ही ऊपर दिए गए बटन पर क्लिक करके इसका भक्ति वीडियो भी देखें। सिद्ध अनंतानंत नमन कर, सरस्वती को मन में ध्याय । विमल प्रभु की विमल भक्ति कर, चरण कमल को शीश नवाय ।। जय श्री विमलनाथ विमलेश, आठो कर्म किये निःशेष । कृत वर्मा के राज दुलारे, रानी जयश्यामा के प्यारे ।। मंगलिक शुभ सपने सारे, जगजननी ने देखे न्यारे । शुक्ल चतुर्थी माघ मास की, जन्म जयंती विमलनाथ की ।। जन्मोत्सव देवों ने मनाया, विमलप्रभु शुभ नाम धराया । मेरु पर अभिषेक कराया, गंधोदक श्रद्धा से लगाया ।। वस्त्राभूषण दिव्य पहनाकर, मात पिता को सौपा आकर । साठ लाख वर्षायु प्रभु की, अवगाहना थी साठ धनुष की ।। कंचन जैसी छवि प्रभु तन की, महिमा कैसे गाऊ में उनकी । बचपन बिता, यौवन आया, पिता ने राजतिलक करवाया ।। चयन करो सुन्दर वधुओ का, आयोजन किया शुभ विवाह का ।...

श्री वासुपूज्य जी चालीसा – सम्पूर्ण पाठ हिंदी में (Lyrics व Video सहित)

श्री वासुपूज्य जी चालीसा 🎬 वीडियो देखें श्री वासुपूज्य जी चालीसा एक अत्यंत पावन एवं भक्तिभाव से परिपूर्ण स्तुति है। श्रद्धालु प्रतिदिन इस चालीसा का पाठ करके मन की शांति, सुख-समृद्धि और सभी कष्टों से मुक्ति की कामना करते हैं। नीचे दी गई सम्पूर्ण चालीसा को ध्यानपूर्वक पढ़ें और साथ ही ऊपर दिए गए बटन पर क्लिक करके इसका भक्ति वीडियो भी देखें। वासु पूज्य महाराज का, चालीसा सुखकार । विनय प्रेम से बाँचिये, करके ध्यान विचार ।। जय श्री वासुपूज्य सुखकारी, दीन दयाल बाल ब्रह्माचारी । अदभुत चम्पापुर रजधानी, धर्मी न्यायी ज्ञानी दानी ।। वासु पूज्य यहाँ के राजा, करने राज काज निष्काजा । आपस में सब प्रेम बढ़ाने, बारह शुद्ध भावना भाते ।। गऊ शेर आपस में मिलते, तीनो मौसम सुख में कटते । सब्जी फल घी दूध हो घर घर, आते जाते मुनि निरंतर ।। वस्तु समय पर होती सारी, जहा न हो चोरी बीमारी । जिन मंदिर पर ध्वजा फहराए, घंटे घरनावल झान्नाये ।। शोभित अतिशय माय प्रतिमायें, मन वैराग्य देख छा जावे । पूजन दर्शन नवहन करावे, करते आरती दीप जलाये ।। राग रागिनी गायन गायें, तरह तरह के साज बजायें। कोई अलौकिक नृत्य दिख...

श्री श्रेयांसनाथ जी चालीसा – सम्पूर्ण पाठ हिंदी में (Lyrics व Video सहित)

श्री श्रेयांसनाथ जी चालीसा 🎬 वीडियो देखें श्री श्रेयांसनाथ जी चालीसा एक अत्यंत पावन एवं भक्तिभाव से परिपूर्ण स्तुति है। श्रद्धालु प्रतिदिन इस चालीसा का पाठ करके मन की शांति, सुख-समृद्धि और सभी कष्टों से मुक्ति की कामना करते हैं। नीचे दी गई सम्पूर्ण चालीसा को ध्यानपूर्वक पढ़ें और साथ ही ऊपर दिए गए बटन पर क्लिक करके इसका भक्ति वीडियो भी देखें। निज मन में करके स्थापित, पंच परम परमेष्ठी को । लिखूं श्रेयांसनाथ चालीसा, मन में बहुत ही हर्षित हो ।। जय श्रेयांसनाथ श्रुत ज्ञायक हो, जय उत्तम आश्रय दायक हो । माँ वेणु पिता विष्णु प्यारे, तुम सिंहपुर में अवतारे ।। जय ज्येष्ठ कृष्ण षष्ठी प्यारी, शुभ रत्न वृष्टि होती भारी। जय गर्भकल्यानोत्सव अपार, सब देव करें नाना प्रकार ।। जय जन्म जयंती प्रभु महान, फाल्गुन एकादशी कृष्ण जान । जय जिनवर का जन्माभिषेक, शत अष्ट कलश से करे नेक ।। शुभ नाम मिला श्रेयांसनाथ, जय सत्य परायण सद्यजात । निश्रेयस मार्ग के दर्शायक, जन्मे मति श्रुत अवधि धारक ।। आयु चौरासी लक्ष प्रमाण, तन तुंग धनुष अस्सी महान । प्रभु वर्ण सुवर्ण सम्मान पीत, गए पूरब इक्कीस लक्ष बीत ।। ह...

श्री शीतलनाथ जी चालीसा – सम्पूर्ण पाठ हिंदी में (Lyrics व Video सहित)

श्री शीतलनाथ जी चालीसा 🎬 वीडियो देखें श्री शीतलनाथ जी चालीसा एक अत्यंत पावन एवं भक्तिभाव से परिपूर्ण स्तुति है। श्रद्धालु प्रतिदिन इस चालीसा का पाठ करके मन की शांति, सुख-समृद्धि और सभी कष्टों से मुक्ति की कामना करते हैं। नीचे दी गई सम्पूर्ण चालीसा को ध्यानपूर्वक पढ़ें और साथ ही ऊपर दिए गए बटन पर क्लिक करके इसका भक्ति वीडियो भी देखें। शीतल हैं शीतल वचन, चन्दन से अधिकाय । कल्प वृक्ष सम प्रभु चरण, हैं सबको सुखकाय ।। जय श्री शीतलनाथ गुणाकर, महिमा मंडित करुणासागर । भाद्दिलपुर के दृढरथ राय, भूप प्रजावत्सल कहलाये ।। रमणी रत्न सुनन्दा रानी, गर्भ आये श्री जिनवर ज्ञानी । द्वादशी माघ बदी को जन्मे, हर्ष लहर उठी त्रिभुवन में ।। उत्सव करते देव अनेक, मेरु पर करते अभिषेक । नाम दिया शिशु जिन को शीतल, भीष्म ज्वाल अध् होती शीतल ।। एक लक्ष पुर्वायु प्रभु की, नब्बे धनुष अवगाहना वपु की । वर्ण स्वर्ण सम उज्जवलपीत, दया धर्मं था उनका मीत ।। निरासक्त थे विषय भोगो में, रत रहते थे आत्म योग में । एक दिन गए भ्रमण को वन में, करे प्रकृति दर्शन उपवन में ।। लगे ओसकण मोती जैसे, लुप्त हुए सब सूर्योदय से ।...

श्री पुष्पदंत जी चालीसा – सम्पूर्ण पाठ हिंदी में (Lyrics व Video सहित)

श्री पुष्पदंत जी चालीसा 🎬 वीडियो देखें श्री पुष्पदंत जी चालीसा एक अत्यंत पावन एवं भक्तिभाव से परिपूर्ण स्तुति है। श्रद्धालु प्रतिदिन इस चालीसा का पाठ करके मन की शांति, सुख-समृद्धि और सभी कष्टों से मुक्ति की कामना करते हैं। नीचे दी गई सम्पूर्ण चालीसा को ध्यानपूर्वक पढ़ें और साथ ही ऊपर दिए गए बटन पर क्लिक करके इसका भक्ति वीडियो भी देखें। दुःख से तृप्त मरुस्थल भाव में, सघन वृक्ष सम छायाकार । पुष्पदन्त पद छत्र छाव में, हम आश्रय पावें सुखकार ।। जम्बू द्वीप के भरत क्षेत्र में, काकंदी नामक नगरी में । राज्य करें सुग्रीव बलधारी, जयराम रानी थी प्यारी ।। नवमी फाल्गुन कृष्ण बखानी, षोडश स्वपन देखती रानी । सूत तीर्थंकर गर्भ में आये, गर्भ कल्याणक देव मनाये ।। प्रतिपदा मंगसिर उजियारी, जन्मे पुष्पदंत हितकारी । जन्मोत्सव की शोभा न्यारी, स्वर्गपुरी सम नगरी प्यारी ।। आयु थी दो लक्ष पूर्व की, ऊंचाई शत एक धनुष की । थामी जब राज्य बागडोर, क्षेत्र वृद्धि हुई चहुँ और ।। इच्छाए थी उनकी सिमित, मित्र प्रभु के हुए असीमित । एक दिन उल्कापात देख कर, दृष्टिपात किया जीवन पर ।। स्थिर कोई पदार्थ ना जग में,...

श्री चन्द्रप्रभु जी चालीसा – सम्पूर्ण पाठ हिंदी में (Lyrics व Video सहित)

श्री चन्द्रप्रभु जी चालीसा 🎬 वीडियो देखें श्री चन्द्रप्रभु जी चालीसा एक अत्यंत पावन एवं भक्तिभाव से परिपूर्ण स्तुति है। श्रद्धालु प्रतिदिन इस चालीसा का पाठ करके मन की शांति, सुख-समृद्धि और सभी कष्टों से मुक्ति की कामना करते हैं। नीचे दी गई सम्पूर्ण चालीसा को ध्यानपूर्वक पढ़ें और साथ ही ऊपर दिए गए बटन पर क्लिक करके इसका भक्ति वीडियो भी देखें। शीश नवा अरिहंत को, सिद्धन करूँ प्रणाम। उपाध्याय आचार्य का, ले सुखकारी नाम।। सर्व साधु और सरस्वती, जिन मंदिर सुखकर। चन्द्रपुरी के चन्द्र को, मन मंदिर में धार।। ।। चौपाई ।। जय-जय स्वामी श्री जिन चन्दा, तुमको निरख भये आनन्दा। तुम ही प्रभु देवन के देवा, करूँ तुम्हारे पद की सेवा।। वेष दिगम्बर कहलाता है, सब जग के मन भाता है। नासा पर है द्रष्टि तुम्हारी, मोहनि मूरति कितनी प्यारी।। तीन लोक की बातें जानो, तीन काल क्षण में पहचानो। नाम तुम्हारा कितना प्यारा , भूत प्रेत सब करें निवारा।। तुम जग में सर्वज्ञ कहाओ, अष्टम तीर्थंकर कहलाओ।। महासेन जो पिता तुम्हारे, लक्ष्मणा के दिल के प्यारे।। तज वैजंत विमान सिधाये , लक्ष्मणा के उर में आये। पोष वदी ए...

श्री सुमतिनाथ जी चालीसा – सम्पूर्ण पाठ हिंदी में (Lyrics व Video सहित)

श्री सुमतिनाथ जी चालीसा 🎬 वीडियो देखें श्री सुमतिनाथ जी चालीसा एक अत्यंत पावन एवं भक्तिभाव से परिपूर्ण स्तुति है। श्रद्धालु प्रतिदिन इस चालीसा का पाठ करके मन की शांति, सुख-समृद्धि और सभी कष्टों से मुक्ति की कामना करते हैं। नीचे दी गई सम्पूर्ण चालीसा को ध्यानपूर्वक पढ़ें और साथ ही ऊपर दिए गए बटन पर क्लिक करके इसका भक्ति वीडियो भी देखें। श्री सुमति नाथ करुना निर्झर, भव्य जानो तक पहुचे झर झर । नयनो में प्रभु की छवि भर कर, नित चालीसा पढ़े सब घर घर ।। जय श्री सुमति नाथ भगवान्, सबको दो सदबुद्धि दान । अयोध्या नगरी कल्याणी, मेघरथ राजा मंगला रानी ।। दोनों के अति पुण्य प्रजारे, जो तीर्थंकर सूत अवतारे । शुक्ल चैत्र एकादशी आई, प्रभु जन्म की बेला आई ।। तीनो लोको में आनंद छाया, नाराकियो ने दुःख भुलाया । मेरु पर प्रभु को ले जाकर, देव न्वहन करते हर्षाकर ।। तप्त स्वर्ण सम सोहे प्रभु तन, प्रगटा अंग प्रत्यंग में यौवन । ब्याही सुन्दर वधुएँ योग, नाना सुखो का करते भोग ।। राज्य किया प्रभु ने सुव्यवस्थित, नहीं रहा कोई शत्रु उपस्थित । हुआ एकदिन वैराग्य सब, नीरस लगाने लगे भोग सब ।। जिनवर करते आत्...

श्री अभिनंदननाथ जी चालीसा – सम्पूर्ण पाठ हिंदी में (Lyrics व Video सहित)

श्री अभिनंदननाथ जी चालीसा 🎬 वीडियो देखें श्री अभिनंदननाथ जी चालीसा एक अत्यंत पावन एवं भक्तिभाव से परिपूर्ण स्तुति है। श्रद्धालु प्रतिदिन इस चालीसा का पाठ करके मन की शांति, सुख-समृद्धि और सभी कष्टों से मुक्ति की कामना करते हैं। नीचे दी गई सम्पूर्ण चालीसा को ध्यानपूर्वक पढ़ें और साथ ही ऊपर दिए गए बटन पर क्लिक करके इसका भक्ति वीडियो भी देखें। ऋषभ अजित सम्भव अभिनन्दन, दया करे सब पर दुखभंजन । जनम मरण के टूटें बंधन, मनमन्दिर तिष्ठे अभिनन्दन ।। अयोध्या नगरी अति सुन्दर, करते राज्य भूपति संवर । सिद्धार्था उनकी महारानी, सुन्दरता में थी लासानी ।। रानी ने देखे शुभ सपने, बरसे रतन महल के अंगने । मुख में देखा हस्ती समाता, कहलाई तीर्थंकर की माता ।। जननी उदर प्रभु अवतारे, स्वर्गों से आये सुर सारे । मात पिता की पूजा करते, गर्भ कल्याणक उत्सव करते ।। द्वादशी माघ शुक्ला की आई, जन्मे अभिनन्दन जिनराई । देवों के भी आसन कांपे, शिशु को लेके गए मेरु पे ।। नव्हन किया शत आठ कलशों से, अभिनन्दन कहा प्रेम भाव से । सूर्य समान प्रभु तेजस्वी, हुए जगत में महा यशस्वी ।। बोले हित मित वचन सुबोध, वाणी में कही...

श्री सम्भवनाथ जी चालीसा – सम्पूर्ण पाठ हिंदी में (Lyrics व Video सहित)

श्री सम्भवनाथ जी चालीसा 🎬 वीडियो देखें श्री सम्भवनाथ जी चालीसा एक अत्यंत पावन एवं भक्तिभाव से परिपूर्ण स्तुति है। श्रद्धालु प्रतिदिन इस चालीसा का पाठ करके मन की शांति, सुख-समृद्धि और सभी कष्टों से मुक्ति की कामना करते हैं। नीचे दी गई सम्पूर्ण चालीसा को ध्यानपूर्वक पढ़ें और साथ ही ऊपर दिए गए बटन पर क्लिक करके इसका भक्ति वीडियो भी देखें। श्री जिनदेव को कर कर वन्दन, जिनवाणी को मन में ध्याय । काम असंभव कर दे संभव, समदर्शी संभव जिनराय ।। जगतपुज्य श्री संभव स्वामी, तीसरे तीर्थंकर हैं नामी । धर्म तीर्थ प्रगटाने वाले, भव दुःख दूर भागने वाले ।। श्रावस्ती नगरी अति सोहे, देवो के भी मनको मोहे । मात सुषेणा पिता द्रढ़राज, धन्य हुए जन्मे जिनराज ।। फाल्गुन शुक्ल अष्टमी आए, गर्भ कल्याणक देव मनाए । पूनम कार्तिक शुक्ल आई, हुई पुन्य प्रगटे जिनराई ।। तीन लोक में खुशिया छाई, शची प्रभु को लेने आई । मेरु पर अभिषेक रचाया, संभव प्रभु शुभ नाम धराया ।। बिता बचपन यौवन आया, पिता ने राज्याभिषेक कराया । मिली रानिया सब अनुरूप, सुख भोगे चवालिस लक्ष पूर्व ।। एक दिन महल की छत के ऊपर, देखे वन सुषमा मनहर । ...

श्री अजितनाथ जी चालीसा – सम्पूर्ण पाठ हिंदी में (Lyrics व Video सहित)

श्री अजितनाथ जी चालीसा 🎬 वीडियो देखें श्री अजितनाथ जी चालीसा एक अत्यंत पावन एवं भक्तिभाव से परिपूर्ण स्तुति है। श्रद्धालु प्रतिदिन इस चालीसा का पाठ करके मन की शांति, सुख-समृद्धि और सभी कष्टों से मुक्ति की कामना करते हैं। नीचे दी गई सम्पूर्ण चालीसा को ध्यानपूर्वक पढ़ें और साथ ही ऊपर दिए गए बटन पर क्लिक करके इसका भक्ति वीडियो भी देखें। श्री आदिनाथ को शीश नवाकर, माता सरस्वती को ध्याय । शुरू करू श्री अजितनाथ का, चालीसा स्व पर सुखदाय ।। जय श्री अजितनाथ जिनराज, पावन चिन्ह धरे गजराज । नगर अयोध्या करते राज, जिनाशत्रू नामक महाराज।। विजयसेना उनकी महारानी, देखे सोलह स्वपना ललामी । दिव्य विमान विजय से चयकर, जननी उदार बसे प्रभु आकर ।। शुक्ल दशमी माघ मास की, जन्म जयंती अजितनाथ की । इन्द्र प्रभु की शीशधार कर, गए सुमेरु हर्षित होकर।। नीर क्षीर सागर से लाकर, नवहन करे भक्ति में भर कर । वस्त्राभूषण दिव्य पहनाये, वापस लौट अयोध्या आये ।। अजितनाथ की शोभा न्यारी, वर्ण स्वर्ण तम क्रांतिकारी । बीता बचपन जब हितकारी, ब्याह हुआ तब मंगलकारी ।। कर्मबंध नहीं हो भोगो में, अंतदृष्टी थी योगो में । चंचल...

भगवान् आदिनाथ चालीसा (चाँदखेड़ी) – सम्पूर्ण पाठ हिंदी में (Lyrics व Video सहित)

भगवान् आदिनाथ चालीसा (चाँदखेड़ी) 🎬 वीडियो देखें भगवान् आदिनाथ चालीसा (चाँदखेड़ी) एक अत्यंत पावन एवं भक्तिभाव से परिपूर्ण स्तुति है। श्रद्धालु प्रतिदिन इस चालीसा का पाठ करके मन की शांति, सुख-समृद्धि और सभी कष्टों से मुक्ति की कामना करते हैं। नीचे दी गई सम्पूर्ण चालीसा को ध्यानपूर्वक पढ़ें और साथ ही ऊपर दिए गए बटन पर क्लिक करके इसका भक्ति वीडियो भी देखें। (छंद: दोहा) शीश नवा अरिहंत को, सिद्धन करूँ प्रणाम । उपाध्याय आचार्य का ले सुखकारी नाम ।। सर्व साधु और सरस्वती जिनमंदिर सुखकार । आदिनाथ भगवान् को मन-मंदिर में धार ।। (चौपाई छन्द) जै जै आदिनाथ जिन स्वामी, तीन-काल तिहुँ-जग में नामी । वेष-दिगम्बर धार रहे हो, कर्मों को तुम मार रहे हो ।।१।। हो सर्वज्ञ बात सब जानो; सारी दुनियाँ को पहचानो । नगर अयोध्या जो कहलाये, राजा नाभिराज बतलाये ।।२।। मरुदेवी माता के उदर से, चैत-वदी-नवमी को जन्मे । तुमने जग को ज्ञान सिखाया, कर्मभूमि का बीज उपाया ।।३।। कल्पवृक्ष जब लगे बिछरने, जनता आई दु:खड़ा कहने । सब का संशय तभी भगाया, सूर्य-चंद्र का ज्ञान कराया ।।४।। खेती करना भी सिखलाया, न्याय-दंड आदिक ...

श्री मुनिसुव्रतनाथ जिन चालीसा – सम्पूर्ण पाठ हिंदी में (Lyrics व Video सहित)

श्री मुनिसुव्रतनाथ जिन चालीसा 🎬 वीडियो देखें श्री मुनिसुव्रतनाथ जिन चालीसा एक अत्यंत पावन एवं भक्तिभाव से परिपूर्ण स्तुति है। श्रद्धालु प्रतिदिन इस चालीसा का पाठ करके मन की शांति, सुख-समृद्धि और सभी कष्टों से मुक्ति की कामना करते हैं। नीचे दी गई सम्पूर्ण चालीसा को ध्यानपूर्वक पढ़ें और साथ ही ऊपर दिए गए बटन पर क्लिक करके इसका भक्ति वीडियो भी देखें। कविश्री चंद्र (दोहा) अरिहंत सिद्ध आचार्य को करूँ प्रणाम । उपाध्याय सर्व-साधू करते स्व-पर-कल्याण ।। जिनधर्म जिनागम जिनमंदिर पवित्र-धाम । वीतराग की प्रतिमा को कोटि-कोटि प्रणाम ।। (चौपाई) जय मुनिसुव्रत दया के सागर, नाम प्रभू का लोक-उजागर । सुमित्रा राजा के तुम नंदा, माँ शामा की आँखों के चंदा ।।१।। श्यामवर्ण-मूरत प्रभू की प्यारी, गुणगान करें निश-दिन नर-नारी । मुनिसुव्रत-जिन हो अंतरयामी, श्रद्धा-भाव-सहित तुम्हें प्रणामी ।।२।। भक्ति आपकी जो निश-दिन करता, पाप-ताप भय-संकट हरता । प्रभु संकटमोचन नाम तुम्हारा, दीन-दु:खी जीवों का सहारा ।।३।। कोई दरिद्री या तन का रोगी, प्रभु दर्शन से होते हैं निरोगी । मिथ्या-तिमिर भयो अतिभारी, भव-भव की ब...

श्री पद्मप्रभ भगवान चालीसा – सम्पूर्ण पाठ हिंदी में (Lyrics व Video सहित)

श्री पद्मप्रभ भगवान चालीसा 🎬 वीडियो देखें श्री पद्मप्रभ भगवान चालीसा एक अत्यंत पावन एवं भक्तिभाव से परिपूर्ण स्तुति है। श्रद्धालु प्रतिदिन इस चालीसा का पाठ करके मन की शांति, सुख-समृद्धि और सभी कष्टों से मुक्ति की कामना करते हैं। नीचे दी गई सम्पूर्ण चालीसा को ध्यानपूर्वक पढ़ें और साथ ही ऊपर दिए गए बटन पर क्लिक करके इसका भक्ति वीडियो भी देखें। कविश्री चंद्र (दोहा) शीश नवा अरिहन्त को सिद्धन करूँ प्रणाम । उपाध्याय आचार्य का ले सुखकारी नाम ।। सर्व साधु और सरस्वती जिनमंदिर सुखकार । पद्मपुरी के पद्म को मन-मंदिर में धार ।। (चौपाई छन्द) जय श्री पद्मप्रभ गुणधारी, भवि-जन को तुम हो हितकारी । देवों के तुम देव कहाओ, पाप भक्त के दूर हटाओ ।।१।। तुम जग में सर्वज्ञ कहाओ, छट्ठे तीर्थंकर कहलाओ । तीन-काल तिहुँ-जग को जानो, सब बातें क्षण में पहचानो ।।२।। वेष-दिगम्बर धारणहारे, तुम से कर्म-शत्रु भी हारे । मूर्ति तुम्हारी कितनी सुन्दर, दृष्टि-सुखद जमती नासा पर ।।३।। क्रोध-मान-मद-लोभ भगाया, राग-द्वेष का लेश न पाया । वीतराग तुम कहलाते हो, सब जग के मन को भाते हो ।।४।। कौशाम्बी नगरी कहलाए, राजा ध...

श्री चन्द्र प्रभु चालीसा (देहरा तिजारा) – सम्पूर्ण पाठ हिंदी में (Lyrics व Video सहित)

श्री चन्द्र प्रभु चालीसा (देहरा तिजारा) 🎬 वीडियो देखें श्री चन्द्र प्रभु चालीसा (देहरा तिजारा) एक अत्यंत पावन एवं भक्तिभाव से परिपूर्ण स्तुति है। श्रद्धालु प्रतिदिन इस चालीसा का पाठ करके मन की शांति, सुख-समृद्धि और सभी कष्टों से मुक्ति की कामना करते हैं। नीचे दी गई सम्पूर्ण चालीसा को ध्यानपूर्वक पढ़ें और साथ ही ऊपर दिए गए बटन पर क्लिक करके इसका भक्ति वीडियो भी देखें। वीतराग सर्वज्ञ जिन, जिनवाणी को ध्याय | लिखने का साहस करूँ, चालीसा सिर-नाय ||१|| देहरे के श्री चंद्र को, पूजौं मन-वच-काय || ऋद्धि-सिद्धि मंगल करें, विघ्न दूर हो जाय ||२|| जय श्री चंद्र दया के सागर, देहरेवाले ज्ञान-उजागर ||३|| शांति-छवि मूरति अति-प्यारी, भेष-दिगम्बर धारा भारी ||४|| नासा पर है दृष्टि तुम्हारी, मोहनी-मूरति कितनी प्यारी |५|| देवों के तुम देव कहावो, कष्ट भक्त के दूर हटावो ||६|| समंतभद्र मुनिवर ने ध्याया, पिंडी फटी दर्श तुम पाया ||७|| तुम जग में सर्वज्ञ कहावो, अष्टम-तीर्थंकर कहलावो ||८|| महासेन के राजदुलारे, मात सुलक्षणा के हो प्यारे ||९|| चंद्रपुरी नगरी अतिनामी, जन्म लिया चंद्र-प्रभ स्वामी...

बड़ागाँव पार्श्वनाथ जिन चालीसा – सम्पूर्ण पाठ हिंदी में (Lyrics व Video सहित)

बड़ागाँव पार्श्वनाथ जिन चालीसा 🎬 वीडियो देखें बड़ागाँव पार्श्वनाथ जिन चालीसा एक अत्यंत पावन एवं भक्तिभाव से परिपूर्ण स्तुति है। श्रद्धालु प्रतिदिन इस चालीसा का पाठ करके मन की शांति, सुख-समृद्धि और सभी कष्टों से मुक्ति की कामना करते हैं। नीचे दी गई सम्पूर्ण चालीसा को ध्यानपूर्वक पढ़ें और साथ ही ऊपर दिए गए बटन पर क्लिक करके इसका भक्ति वीडियो भी देखें। कविश्री चंद्र (दोहा) बड़ागाँव अतिशय बड़ा, बनते बिगड़े काज । तीन लोक तीरथ नमहुँ, पार्श्व प्रभु महाराज ।।१।। आदि-चन्द्र-विमलेश-नमि, पारस-वीरा ध्याय । स्याद्वाद जिन-धर्म नमि, सुमति गुरु शिरनाय ।।२।। (मुक्त छन्द) भारत वसुधा पर वसु गुण सह, गुणिजन शाश्वत राज रहे । सबकल्याणक तीर्थ-मूर्ति सह, पंचपरम पद साज रहे ।।१।। खाण्डव वन की उत्तर भूमी, हस्तिनापुर लग भाती है । धरा-धन्य रत्नों से भूषित, देहली पास सुहाती है ।।२।। अर्धचक्रि रावण पंडित ने, आकर ध्यान लगाया था । अगणित विद्याओं का स्वामी, विद्याधर कहलाया था ।।३।। आदि तीर्थंकर ऋषभदेव का, समवशरण मन भाया था । अगणित तीर्थंकर उपदेशी, भव्यों बोध कराया था ।।४।। चन्द्रप्रभु अरु विमलनाथ का, ...