पारस देवा आरती (बड़ागांव) – Baragaon Parshvanath Aarti in Hindi
बड़ागांव के टीले से जुड़े चमत्कारी प्रसंगों का जिक्र करती यह आरती पार्श्वनाथ भगवान की महिमा को अलग ही अंदाज़ में बयां करती है।
ओं जय पारस देवा, स्वामी जय पारस देवा |
आरति हम सब करते, मिले मुक्ति मेवा || टेक ||
बड़ागांव टीले से, स्वप्न दिया तुमने |
चमत्कार कर प्रगटे, शरण लही हमने || ओं ..
लक्ष्मण बचे तोप से, महिमा जग छायी |
तन निरोग कितनों ने, नेत्र ज्योति पायी || ओं ..
स्याद्वाद गुरुकुल में, इन्द्र शीश राजे |
शतक आठ फण छाया, सौम्य मूर्ति साजे || ओं ..
जो भी शरण में आते, वांछित फल पाते |
भूत-प्रेत, करमों-कृत, संकट कट जाते || ओं ..
स्याद्वाद ध्वज धरती पर, आपहि फहराया |
किया समर्पण सन्मति, अनुभव लहराया || ओं ..
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