दिन सुहावना है और सूरज समतल पर फैला आराम कर रहा है। जल्दी ही घंटियाँ बजेंगी, क्योंकि आज इतवार है। एक जोड़ा गेहूँ के खेतों के बीच दो युवाओं ने ऐसी राह पाई है, जिस पर वे पहले कभी नहीं चले और मैदान के तीनों गाँवों की खिड़कियों के पल्ले चमक रहे हैं। किचेन टेबल पर लगे आइनों में मर्द दाढ़ी बनाते हैं और औरतें ब्रेड काटती हैं एवं कॉफ़ी बनाती हैं तथा बच्चे अपने जैकेट के बटन लगाते फ़र्श पर बैठे हैं। यह एक काले दिन की ख़ुशनुमा सुबह है, क्योंकि इस दिन तीसरे गाँव में एक ख़ुश आदमी के द्वारा एक बच्चे की हत्या होगी। अभी बच्चा फ़र्श पर बैठा है और अपनी जैकेट के बटन लगा रहा है और मर्द शेव करते हुए कहता है आज वे नदी में नौका विहार करेंगे और औरत धीमे सुर में गुनगुनाती है और ताज़ी कटी ब्रेड नीले रंग की प्लेट पर देती है। रसोई पर कोई छाया नहीं पड़ रही है, फिर भी जो आदमी बच्चे को मारेगा वह पहले गाँव में एक लाल गैस पंप के पास खड़ा है। जो आदमी कैमरे से देख रहा है, वह ख़ुश है और काँच से उसे एक छोटी नीली कार दिखती है तथा कार की बग़ल में एक लड़की जो हँस रही है। जिस समय लड़की हँस रही है आदमी सुंदर तस्वीर लेता है, प...