तुंदेर्लकि बहनें गिनती में तीन थीं। उनमें से दो इज़्ज़तदार थी, पर तीसरी न थी। इज़्ज़तदार लड़कियों के नाम थे मरिश्का और योलान—जो इज़्ज़तदार नहीं थी वह थी पुत्यि। पुत्यि कोई अभिनेत्री भी न थी—बस एक तरह की तमाशे वाली थी। वह अनैतिक जीवन बिताती थी, क्योंकि उसका एक मित्र था (निस्संदेह सिर्फ़ एक) जो बहुत अमीर था और उसे रखैल की तरह रखता था। उसने उसके लिए एक बहुत बड़ा घर सजवाया था, उस पर रुपए और हीरे-जवाहरात बरसाता था, और उसके साज-सिंगार के लिए जी खोलकर ख़र्च करता था। मरिश्का और योलान पुत्यि के साथ रहती थीं। पुत्यि उन्हें कपड़े, गहने, हैट और रुपए दिया करती। क्योंकि पुत्यि भली बहन थी और उनकी इज़्ज़तदारी को ऊँची नज़र से देखती थी। मरिश्का और योलान को भी इस बात का बड़ा गर्व था कि वे इज़्ज़तदार हैं और उन्हें अपने रहने के लिए, अपनी रेशमी जुर्राबों के लिए, पंखदार हैटों और पेटेंट लैदर के जूतों के लिए बदले में कुछ नहीं देना पड़ता है। इसके अलावा मरिश्का के सिर ऊँचा करके चलने की एक ख़ास वजह थी। वह टीचर बनना चाहती थी। सच तो यह है कि वह डिप्लोमा ले चुकी थी और उसे उम्मीद थी कि किसी भी दिन नौकरी मिल जाएगी,...