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भगोड़े (कहानी) | Bhagore : सेल्मा लेगरलोफ

एक किसान ने एक साधु की हत्या कर दी और जंगलों में भाग गया। वह भगोड़ा हो गया और उस पर इनाम घोषित कर दिया गया। जंगल में उसकी भेंट एक और भगोड़े से हुई जिस पर मछलियों का जाल चुराने का आरोप था। वह एक बाहरी टापू में रहने वाला मछुआरा था। वे दोनों साथी बन गए और उन्होंने एक गुफा काटकर उसमें अपना घर बना लिया। वे साथ-साथ जाल बिछाते, खाना पकाते, तीर बनाते और एक-दूसरे की पहरेदारी करते। किसान तो कभी जंगल से बाहर जा नहीं पाता था। लेकिन मछुआरे का अपराध कम गंभीर था, तो वह जब-तब अपने मारे हुए शिकार को अपनी पीठ पर लादकर गाँव के बाह्याँचल में बसे अपेक्षाकृत अकेले मकानों में रेंग जाता। वह अपनी मारी हुई चमकीले पंखों वाली जंगली मुर्गी, काले पहाड़ी मुर्गे, स्वादिष्ट हिरनी और लंबे कानों वाले ख़रगोश ले जाता और उनके बदले में दूध, मक्खन, बाण का अगला नुकीला हिस्सा और कपड़े ले आता। उन्होंने जिस गुफा को अपना घर बनाया, वह पहाड़ में गहराई से काटकर बनाई गई थी। उसके मुँह पर चौड़े-चौड़े पत्थर और कँटीली झाड़ियाँ सुरक्षा के लिए लगाई गई थीं। पहाड़ के ऊपर चीड़ का एक विशाल वृक्ष था और उनकी भट्ठी की चिमनी इसकी कुंडलीदार जड़ों म...