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शांतिनाथ भगवान आरती (रूप 2) – Shantinath Aarti Lyrics in Hindi

शांतिनाथ भगवान आरती (रूप 2)

शांतिनाथ भगवान की यह दूसरी आरती एक अलग धुन और शैली में है, फिर भी भाव वही — शांति और सुख की कामना। दोनों रूप गाकर देखें, कौन सा ज्यादा पसंद आता है।

शांतिनाथ भगवान की हम आरती उतारेंगे।
आरती उतारेंगे हम आरती उतारेंगे
आरती उतारेंगे हम आरती उतारेंगे
शांतिनाथ भगवान

हस्तिनापुर में जनम लिये हे प्रभु देव करे जयकारा हो ।
जन्म महोत्सव करें कल्याणक, नाचे झूमे गाये हो ॥
ऐसे अवतारी की अब हम आरती उतारेंगे । शांतिनाथ भगवान

धन्य है माता ऐरा देवी तुम्हें जो गोद उठाईं है ।
विश्वसेन के कुलदीपक ने ज्ञान की ज्योति जगाई है ।
ऐसे अवतारी की अब हम आरती उतारेंगे । शांतिनाथ भगवान

पंचम चक्रवर्ती पद पाये, जग सुख बढा अपार था ।
द्वादस कामदेव अति सुन्दर जग में बढा ही नाम था ।
ऐसे अवतारी की अब हम आरती उतारेंगे । शांतिनाथ भगवान

शांति नाथ प्रभु शांति प्रदाता शुचिता सुख अपार दो ।
जनम मरण दुःख मेटो प्रभुजी लेना शरण में आप हो ।
ऐसे अवतारी की अब हम आरती उतारेंगे ।
शांतिनाथ भगवान की हम आरती उतारेंगे।

जैन आरती संग्रह की सभी आरतियाँ यहाँ पढ़ें: जैन आरती संग्रह (सम्पूर्ण सूची)

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