मोक्ष के प्रेमी हमने – Moksh Ke Premi Hamne (Bhajan Lyrics in Hindi)
मोक्ष के प्रेमी हमने, कर्मों से लड़ते देखें ।
मखमल पर सोनेवाले, भूमि पर चलते देखें ॥
सरसोंका भी एक दाना, जिनके तन पर चुबता था ।
काया की सुध छोड़ी, गीदड़ तन खाते देखें ॥(1)
ऐसे श्री पारस स्वामी, तदभव थे मोक्षगामी ।
कर्मों ने नाहीं बख्शा, पत्थर तक गिरते देखें ॥(2)
सेठो में सेठ सुदर्शन, कामी रानी का बंधन।
शील को नाहीं छोड़ा, सूली पर चढ़ते देखें ॥(3)
ऐसे निकलंक स्वामी, अध्ययन करने की ठानी।
जिनशासन नाहीं छोडा, मस्तक तक कटते देखें ॥(4)
भोगों को अब तो त्यागो, जागो चेतन अब जागो।
आशा ना पूरी होती, मरघट तक जाते देखें ॥(5)
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