आरती शीतलनाथ जी – Sheetalnath Ji Aarti Lyrics in Hindi

आरती शीतलनाथ जी

दसवें तीर्थंकर श्री शीतलनाथ भगवान की यह आरती नाम के अनुरूप ही आत्मा को शीतलता और शांति देने वाली है।

ॐ जय शीतलनाथ स्वामी, स्वामी जय शीतलनाथ स्वामी ।
घृत दीपक से करू आरती, घृत दीपक से करू आरती ।
तुम अंतरयामी, ॐ जय शीतलनाथ स्वामी ॥
ॐ जय शीतलनाथ स्वामी०

भदिदलपुर में जनम लिया प्रभु, दृढरथ पितु नामी २ ।
मात सुनन्दा के नन्दा तुम २, शिवपथ के स्वामी ॥
ॐ जय शीतलनाथ स्वामी०

जन्म समय इन्द्रो ने, उत्सव खूब किया, स्वामी उत्सव खूब किया ।
मेरु सुदर्शन ऊपर २, अभिषेक खूब किया ॥
ॐ जय शीतलनाथ स्वामी०

पंच कल्याणक अधिपति, होते तीर्थंकर ,स्वामी होते तीर्थंकर ।
तुम दसवे तीर्थंकर 2, हो प्रभु क्षेमंकर ॥
ॐ जय शीतलनाथ स्वामी०

अपने पूजक निन्दक के प्रति, तुम हो वैरागी, स्वामी तुम हो वैरागी ।
केवल चित्त पवित्र करन नित 2, तुम पूजे रागी ॥
ॐ जय शीतलनाथ स्वामी०

पाप प्रणाशक सुखकारक, तेरे वचन प्रभो ,स्वामी तेरे वचन प्रभो ।
आत्मा को शीतलता शाश्वत २, दे तब कथन विभो ॥
ॐ जय शीतलनाथ स्वामी०

जिनवर प्रतिमा जिनवर जैसी,हम यह मान रहे,स्वामी हम यह मान रहे।
प्रभो चंदानामती तब आरती २, भाव दुःख हान करें ॥
ॐ जय शीतलनाथ स्वामी०

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