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गौरीक गीत | Gaurik Geet Maithili Lokgeet Lyrics

 


फूल लोढ़य गेली / गौरीक गीत मैथिली


फूल लोढ़य गेली गौरी माली फुलबारी

दस-पाँच सखि गौरी लेल संग साथी

बसहा चढ़ल आबय शंकर भिखारी

ककर अलारी, ककर दुलारी

ककरा हुकुमे अयली फुलबारी

भैया के अलारी गौरी, बाबा के दुलारी

अम्मा के हुकुमे गोरी, अयली फुलबारी

एक खोंइछा लोढ़ल गौरी, अयली फुलबारी

एक खोंइछा लोढ़ल गौरी, दुइ खोंइछा लोढ़ल

तेसर लोढ़इते गौरी गेली रिसिआइ

कि शिव फुल देलनि छिड़िआइ

कनइते खिजइते गौरी अम्मा आगू ठाढ़ भेली

के तोरा मारल, के पढ़ल गारि

के तोरा आहे गौरी देल फूल छिड़िआय

हमरो मुख अम्मा कहलो ने जाइ

के छिड़िआओल फूल, कहितो लजाइ

बसहा चढ़ल एक आयल भिखारी

बएह बुढ़ा बाजल-भूखल, कयल झिकझोर

लोढ़ल फूल सेहो अम्मा, देल छिड़िआइ





देखैत गेन्दा बड़ लाल / गौरीक गीत मैथिली


देखैत गेन्दा बड़ लाल गे मलीनियां

देखैत गेन्दा बड़ लाल

किनकर बाड़ी बेली चमेली

किनकर बाड़ी गुलाब गे मलीनियां

देखैत गेन्दा बड़ लाल

शिवजी के बड़ी बेली चमेली

गौरी केर बाड़ी गुलाब गे मलीनियां

देखैत गेन्दा बड़ लाल

कथीए लोढ़ब बेली चमेली

कथीए लोढ़ब गुलाब गे मलीनियां

देखैत गेन्दा बड़ लाल

आँचरमे लोढ़ब बेली चमेली

फांगड़मे लोढ़ब गुलाब गे मलीनियां

देखैत गेन्दा बड़ लाल

किनका चढ़ायब बेली चमेली

किनका चढ़ायब गुलाब गे मलीनियां

देखैत गेन्दा बड़ लाल

शिवकेँ चढ़ायब बेली चमेली

गौरी चढ़एबनि गुलाब गे मलीनियां

देखैत गेन्दा बड़ लाल

किनकासँ मांगब अनधन लछमी

किनकासँ माँगब सोहाग के मलीनियां

देखैत गेन्दा बड़ लाल

शिवजीसँ माँगब अनधन लछमी

गौरीसँ माँगब सोहाग गे मलीनियां

देखैत गेन्दा बड़ लाल

देखैत गेन्दा बड़ लाल के मलिनियां

देखैत गेन्दा बड़ लाल





चलू सखि गौरी पूजन / गौरीक गीत मैथिली


चलू सखि गौरी पूजन, जनक जी के बागमे

दस सखि आगू चलय, दस सखि पाछू चलय

बीचमे सिया सुकुमारी, जनक जी के बागमे

बाटेमे भेटि गेला फल्लां दुलरुआ

धय लेल अंगुरी के पोर, जनक जी के बागमे

जँ तोहें आहे सिया, वारि कुमारि

चलहु हमरहुँ संग, जनक जी के बागमे





फूल लोढ़न चलू फुलबरिया / गौरीक गीत मैथिली


फूल लोढ़न चलू फुलबरिया

सीता के संग सहेलिया

केओ आगाँ चले केओ पाछा चले

चले बीचहिमे जनक दुलरिया

केओ बेली लोढ़य केओ चमेली लोढ़य

केओ लोढ़य अड़हूल केर कलिया

केओ गौरी पूजय केओ गिरिजा पूजय

केओ पूजय जनक जी के बगीया

सीता के संग सहेलिया





सीता दाइ दुलारी / गौरीक गीत मैथिली


सीता दाइ दुलारी प्रेम के प्यारी

हे अहाँ पूजू गौरी

कहथि सीता दाइ सुनू हे सुनयना

किये लए गौरी हम पूजब

से अहाँ कहिए दीअ ना

जल लीअ फूल लीअ और बेलपत्र लीअ

लाल कमल लीअ हाथ यो

से अहाँ पूजू गौरी

धूप लीअ दीप लीअ और नैवेद लीअ

लाल सिन्दूर लीअ हाथ

हे अहाँ पूजू गौरी

कहथि सीता दाइ सुनू हे सुनयना

किये हम गौरीसँ माँगब

से अहाँ कहिए दीअ ना

सासु ससुर माँगब वीर देओर माँगब

कन्त माँगब श्रीराम

हे अहाँ पूजू गौरी





गौरी पूजन चलली सीता / गौरीक गीत मैथिली


गौरी पूजन चलली सीता, पिता के नगरिया हे

पिता के नगरिया सिया, जनक दुअरिया हे

हाथकऽ लेली फूलक डाली, सिन्दूर केर पुड़िया हे

गौरी पूजन चलली सीता, पिता के नगरिया हे

हाथ कऽ लेली मधुर खांड़, लाल अड़हुल केर कलिया

बेलपत्र सभ तोड़थि सखिया, अपने अड़हूल कलिया

गौरी पूजन चलली सीता, पिता के नगरिया हे





गौरी पूजि लीअ जनक भवनमे / गौरीक गीत मैथिली


गौरी पूजि लीअ जनक भवनमे

हे सुकुमारी सिया

पूजि पूजि मांगू अहिबात

हे सुकुमारी सिया

एक हाथ लीअ सीता फूल केर डलिया

हे सुकुमारी सिया

दोसर हाथे गौरी पूजू आजु

हे सुकुमारी सिया

जाहि लए सभ दिन जप-तप कयलौं

हे सुकुमारी सिया

सेहो वर भेटला भगवान

हे सुकुमारी सिया

गौरी पूजि लीअ जनक भवनमे

हे सुकुमारी सिया





पहिल पहर गौरी पूजल / गौरीक गीत मैथिली


पहिल पहर गौरी पूजल

वर मांगल हे

आहे ऋषि जनक सन बाप

कि माय सुनयना रानी हे

दोसर पहर गौरी पूजल

इहो वर मांगल हे

आहे मांगल दशरथ सन ससूर

कि सासु कौशिल्या रानी हे

तेसर पहर गौरी पूजल

इहो बर मांगल हे

मांगल रामचन्द्र सन कन्त

देओर बाबू लछुमन हे

चारिम पहर गौरी पूजल

इहो वर मांगल हे

मांगल जनकपुर नैहर

कि सासुर अयोध्या सन हे

पांचम पहर गौरी पूजल

इहो वर मांगल हे

मांगल लव-कुश सन पुत्र

कि सेवक श्री हनुमान हे





गिरिजा पूजैत सिया / गौरीक गीत मैथिली


गिरिजा पूजैत सिया फड़कय बामा नयना

हे शुभ अंगक फरकब

सखि हे राति देखल हम सपना

हे शुभ अंगक फरकब

गोर छबीले श्यामल सलोने

प्रीतम जनकजी के अंगना

हे शुभ अंगक फरकब

गोरे कुबंर मोर देओर हयता

प्रीततम श्यामल सलोना

हे शुभ अंगक फरकब

ई सुनि हँसि जनक जी सँ कहलनि

जिनकर नाम सुनयना

हे शुभ अंगक फरकब

तुलसीदास कहे सीता बड़ भागिनि

पाओल वर श्याम सलोना

हे शुभ अंगक फरकब

गिरिजा पूजैत सिया के

फरकय बामा नयना

हे शुभ अंगक फरकब

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Biyah Sa Diragaman Dharik Geet Maithili Lokgeet Lyrics



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