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मुंडन गीत | Mundan Geet Maithili Lokgeet Lyrics

 हमरा के मोरंग जाय दऽ हे बबुये के माय / मुंडन गीत मैथिली 

हमरा के मोरंग जाय दऽ हे बबुये के माय
मोरंग जयबऽ, कतेक दिन रहबऽ
हमरा लय की-की लयऽ हे बबुये के बाप
मोरंग जयबऽ बरिस दिन रहबऽ
तोरो लय सौतिन लयबऽ हे बबुये के माय
हमरा के नैहर जाय दऽ हे बबुये के बाप
नैहर जयबऽ कतेक दिन रहबऽ
हमरा लय की-की लयबऽ हे बबुये के माय
नैहर जयबऽ नौ दिन रहबऽ
नौ टा बेटा जनमयबऽ हे बबुये के बाप
नबो बेटा के मूड़न करबऽ
सब के नौता पठयबऽ हे बबुये के बाप
सब नौतहारिन के डोली-महफा
तोरो के पैदल बजयबऽ हे बबुये के बाप
सब नौतहारिन के तोसक-तकिया
तोरो के भुइयां लोटयबऽ हे बबुये के बाप
सब नोतहारिन के पीरे-पीताम्बर
तोरो के बिष्ठी पहिरयबऽ हे बबुये के बाप
सब नोतहारिन के पूरी-जिलेबी
तोरो के पत्तल चटेबऽ हे बबुये के बाप


कहाँसँ हजमा एलै, कहाँसँ बाबा एलै / मुंडन गीत मैथिली 



कहाँसँ हजमा एलै, कहाँसँ बाबा एलै
कहाँसँ एलै बौआक पीसी, लगाबय दही
फल्लाँ गामसँ हजमा एलै, फल्लाँ गामसँ बाबा
चिल्लाँ गामसँ एलै बौआक पीसी, लगाबय दही
कीये बैसक हजमा देबै, कीये बैसक बाबा देबनि
कीये बैसक देबनि बौआक पीसी, लगाबय दही
आसन बैसक हजमा देबै, सिहासन बैसक बाबा
खढ़ तर बैसक देबनि बौआक पीसी, लगाबय दही
कीये पहिरन हजमा देबै, कीये पहिरन बाबा देबनि
कीये पहिरन देबनि बौआक पीसी, लगाबय दही
पीरे पहिरन हजमा देबै, पीताम्बर पहिरन बाबा देबनि
गदरी पहिरन देबनि बौआक पीसी, लगाबय दही
कीये भोजन हजमा देबै, कीये भोजन बाबा देबनि
कीये भोजन देबनि बौआक पीसी, लगाबय दही
पूरी भोजन हजमा देबै, खीर भोजन बाबा देबनि
पत्तल चटेबनि बौआक पीसी, लगाबय दही


केहन कठोर अहाँ भेलिऐ यो भैया / मुंडन गीत मैथिली 


केहन कठोर अहाँ भेलिऐ यो भैया
पहिले बेटा के मूड़न केलौं
बहिनी बिदागरी बिसरलौं यो भैया
केहन कठोर अहाँ भेलिऐ
चौवन्नी ने लेबै, अठन्नी ने लेबै
असर्फीमे कोंढ़ा लगेबै यो भैया
केहन कठोर अहाँ भेलिऐ
गायो ने लेबै, महिसियो ने लेबै
दुअरे पर बरदा खोलेबै यो भैया
केहन कठोर अहाँ भेलिऐ
सेर नहि लेबै, सम्पत्ति नहि लेबै
अंगनेमे लग्गी खसेबै यो भैया
केहन कठोर अहाँ भेलिऐ


लाल बचा के मूड़न छलनि / मुंडन गीत मैथिली 




लाल बचा के मूड़न छलनि
तेँ हम नैहर अयलौं हो लाल
सोना के जे काड़ा मट्ठा
रूपा के करपैरी हो लाल
खासा मलमल के अंगा - टोपी
चौंसठ लागल फुदनियां हो लाल
खोना खराम चढ़ि भैया भौजो सँ पुछथिन
की-की बहिनो लयली हो लाल
कासा - पित्तर के काड़ा - मट्ठा
लोहा के करपैरी हो लाल
कारी कम्मल के अंगा ओ टोपी
दुइ-चारि लागल फुदनियां हो लाल
सोना खराम चढ़ि भैया भौजोसँ पुछथिन
की-की बहिनो लऽ जेती हो लाल
घर पछुअरबा मे बेलक गछिया
ताहिमे रेशम के डोरिया हो लाल
नन्दो के बान्हब, नन्दोसियो के बान्हब
ताहिमे ननदोक भैया हो लाल
एमकी के बेरिया छोड़ि दऽ हे भौजो
आब नहि नैहर एबै हो लाल
सौ लय एलौं, पचासस नहि पूरल
मूरोमे भऽ गेल हानियें हो लाल


हजमा धीरे-धीरे कैंची तोँ चलबिहें / मुंडन गीत मैथिली 


हजमा धीरे-धीरे कैंची तोँ चलबिहें
बौआ नञि कनबिहें ना
देबौ सूप भरि चाउर, ओइमे पांच टका निछाउर
हजमा बाबा जी सँ गैया तोँ खोलबिहें
बौआ नञि कनबिहें ना
देबौ सूप भरि चाउर, ओइमे दस टका निछाउर
हजमा नाना जीसँ महिंस तों खोलबिहें
बौआ नञि कनबिहें ना
देबौ सूप भरि चाउर, ओइमे बीस टका निछाउर
हजमा बाबूजी सँ घड़ी तो खोलबिहें
बौआ नञि कनबिहें ना


हृदय मध्य लागल कसाय हे / मुंडन गीत मैथिली 



हृदय मध्य लागल कसाय हे
सखी केओ ने छोड़ाबे
एक तऽ छोड़ाबय अम्मा हे
जे कि ओद्रमे राखे
छाबा मध्य लागल कसाय हे
सखी केओ ने छोड़ाबे
एक तऽ छोड़ाबय चाची हे
जे कि गोदमे खेलाबे
बाँहि मध्य लागल कसाय हे
सखी केओ ने छोड़ाबे
एक तऽ छोड़ाबय भौजी हे
जे कि नयनमे राखे
माथ मध्य लागल कसाय हे
सखी केओ ने छोड़ाबे
एक तऽ छोड़ाबय पीसी हे
जे कि नोतल आबे



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