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संत ज्ञानेश्वर की रचना पसायदान और ज्ञानेश्वरी : Sant Gyaneshwar / Dnyaneshwar Rachna



संत ज्ञानेश्वर (1275–1296) महाराष्ट्र के प्रसिद्ध संत, कवि और आध्यात्मिक गुरु थे। उनका जन्म महाराष्ट्र के पैठण के पास आपेगाँव में हुआ था। उनके पिता का नाम विठ्ठल पंत और माता का नाम रुक्मिणी बाई था। उनके बड़े भाई संत निवृत्तिनाथ उनके गुरु थे। ज्ञानेश्वर को ज्ञानदेव, ज्ञानेश्वर महाराज और माऊली नामों से भी जाना जाता है। उन्होंने कम उम्र में ही भक्ति और ज्ञान का संदेश दिया। उनकी प्रमुख रचनाओं में ज्ञानेश्वरी, अमृतानुभव, चांगदेव पासष्टी और हरिपाठ शामिल हैं। वारकरी परंपरा में संत ज्ञानेश्वर का बहुत ऊँचा स्थान है। उन्होंने लगभग 20–21 वर्ष की उम्र में आलंदी में समाधि ली।


पसायदान : संत ज्ञानेश्वर 

आतां विश्वात्मके देवे, येणे वाग्यज्ञे तोषावे,
तोषोनि मज द्यावे, पसायदान हे ||१||
जे खळांचि व्यंकटी सांडो, तया सत्कर्मी रती वाढो,
भूतां परस्परे जडो, मैत्र जीवांचे ||२||
दुरितांचे तिमिर जावो, विश्व स्वधर्म सूर्ये पाहो,
जो जे वांछील तो ते लाहो, प्राणिजात ||३||
वर्षत सकळ मंडळी, ईश्वरनिष्ठांची मांदियाळी,
अनवरत भूमंडळी, भेटतु भूता ||४||
चला कल्पतरूंचे आरव, चेतनाचिंतामणींचे गाव,
बोलती जे अर्णव, पीयूषांचे ||५||
चन्द्रमेंजे अलांछन, मार्तण्ड जे तापहीन,
ते सर्वाही सदा सज्जन, सोयरे होतु ||६||
किंबहुना सर्व सुखी, पूर्ण होवोनि तिहीं लोकी,
भजिजो आदिपुरुषीं, अखण्डित ||७||
आणि ग्रंथोपजिवीये, विशेषी लोकी इये,
दृष्टादृष्टविजये, होआवेजी ॥८॥
येथ म्हणे श्री विश्वेश्वरावो, हा होईल दानपसावो,
येणे वरे ज्ञानदेवो, सुखिया झाला ||९||


ज्ञानेश्वरी : संत ज्ञानेश्वर : Gyaneshwari Sant Gyaneshwar / Dnyaneshwar


ज्ञानेश्वरी / अध्याय पहिला : संत ज्ञानेश्वर
ज्ञानेश्वरी / अध्याय दुसरा : संत ज्ञानेश्वर
ज्ञानेश्वरी / अध्याय तिसरा : संत ज्ञानेश्वर
ज्ञानेश्वरी / अध्याय चौथा : संत ज्ञानेश्वर
ज्ञानेश्वरी / अध्याय पांचवा : संत ज्ञानेश्वर
ज्ञानेश्वरी / अध्याय सहावा : संत ज्ञानेश्वर
ज्ञानेश्वरी / अध्याय सातवा : संत ज्ञानेश्वर
ज्ञानेश्वरी / अध्याय आठवा : संत ज्ञानेश्वर
ज्ञानेश्वरी / अध्याय नववा : संत ज्ञानेश्वर
ज्ञानेश्वरी / अध्याय दहावा : संत ज्ञानेश्वर
ज्ञानेश्वरी / अध्याय अकरावा : संत ज्ञानेश्वर
ज्ञानेश्वरी / अध्याय बारावा : संत ज्ञानेश्वर
ज्ञानेश्वरी / अध्याय तेरावा : संत ज्ञानेश्वर
ज्ञानेश्वरी / अध्याय चौदावा : संत ज्ञानेश्वर
ज्ञानेश्वरी / अध्याय पंधरावा : संत ज्ञानेश्वर
ज्ञानेश्वरी / अध्याय सोळावा : संत ज्ञानेश्वर
ज्ञानेश्वरी / अध्याय सतरावा : संत ज्ञानेश्वर
ज्ञानेश्वरी / अध्याय अठरावा : संत ज्ञानेश्वर


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