सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

गुजराती लोकगीत Gujarati Lokgeet Lyrics in Hindi Garba Geet

भूलो भले बीजू बधू / गुजराती लोक कविता 

Bhulo Bhale Biju Badhu / Gujarati Lok Kavita




भूलो भले बीजू बधू माँ बाप ने भुलसो नही

अगणीत से उपकार ऐना एह विशर्सो नही


अशःय वेठी वेदना त्यारे दिठु तम मुख्डू

ऐ पुनीत जन ना काळजा पत्थर बनी छुन्द्सो नही


काढ़ी मुखे थी कोडिया मो मा दई मोटा करिया

अमृत तना देणार सामे, जहर उचर्सो नही


लाखो लडाव्या लाड तमने कोड सव पूरा करया

ऐ कोड ना पुर्नारना कोड पुरवा भुलसो नही


लाखो कमाता हो भले , माँ बाप जेना ना थर्या

ऐ लाख नही पण राखे छे ऐ मान्वु भुलसो नही


संतान थी सेवा चाहो , संतान छो सेवा करो

जेवू करो तेवु भरो ऐ भावना भुलसो नही



भीने सुई पोते सूखे सुवाडया आपने

एनी अमी मय आँख ने भूली ने भिनव्सो नही



पुष्पों बिछावया जेने तमारा राह पर

ऐ राहबर नी राह पर ना कंकर बनशो नही



धन खराचता मळ्शे बधू माँ बाप मळ्शे नही

ऐना पुनीत चरणों तनी,चाहना भुलसो नही

मारी महिसागर नी आरे ढोल/गुजराती लोक गरबा

Mari Mahisagar Ni Aare Dhol / Gujarati Lok Garba

lyrics in Hindi






मारी महिसागर नी आरे ढोल वागे छे

वागे छे ढोल वागे छे ....


गाम गाम ना सोनीडा आवे छे

आवे छे हूँ लावे छे

मारी माँ नी नथनियु लावे छे

मारी महिसागर नी आरे ढोल वागे छे



गाम गाम ना सुथारी आवे छे

आवे छे हूँ लावे छे

मारी माँ नो बाजटीयो लावे छे

मारी महिसागर नी आरे ढोल वागे छे


गाम गाम ना डोशीडा आवे छे

आवे छे हूँ लावे छे

मारी माँ नी चुन्दरियु लावे छे

मारी महिसागर नी आरे ढोल वागे छे



मारी महिसागर नी आरे ढोल वागे छे

वागे छे ढोल वागे छे ....


नागर नंदजी ना लाल /गुजराती लोक गरबा

Nagar Nandji Na Lal / Gujarati Lokgeet Garba lyrics in Hindi



नागर नंदजी ना लाल नागर नंदजी ना लाल

रास रमंता म्हारी नथनी खोवाई


कान्हा जड़ी होए तो आल, कान्हा जड़ी होए तो आल

रस रमंता म्हारी नथनी खोवाई ...


वृन्दावन नी कुञ्ज गलीं मां बोले झिना मोर

राधाजी नी नथनी नो शामलियो छे चोर ....


नागर नंदजी ना लाल नागर नंदजी ना लाल

रास रमंता म्हारी नथनी खोवाई.....

महेंदी ते वावी मालवे ने / गुजराती लोक गरबा

Mehndi Te Vavi Malve Ne / Gujarati Lokgeet Garba lyrics in Hindi



मेहँदी ते वावी माळवे ने एनो रंग गयो गुजरात रे

मेहँदी रंग लाग्यो रे....


नानो दिअर्यो लाडको ने काइन लाव्यो मेहँदी नो छोड़ रे

मेहँदी रंग लाग्यो रे....


मेहँदी ते वावी माळवे ने एनो रंग गयो गुजरात रे

मेहँदी रंग लाग्यो रे....


वाटी कूटी ने भर्यो वाटको ने भाभी रंगों तमारा हाथ रे

मेहँदी रंग लाग्यो रे...


मेहँदी ते वावी माळवे ने एनो रंग गयो गुजरात रे

मेहँदी रंग लाग्यो रे....


हाथ रंगीने वीरा शु करूं रे एनो जोनारो परदेस रे

मेहँदी रंग लाग्यो रे


मेहँदी ते वावी माळवे ने एनो रंग गयो गुजरात रे

मेहँदी रंग लाग्यो रे....


लाख टका नू रोकडा रे कोई जाजो दरिया पार रे

मेहँदी रंग लाग्यो रे..


मेहँदी ते वावी माळवे ने एनो रंग गयो गुजरात रे

मेहँदी रंग लाग्यो रे....


तारा विना श्याम मने एकलडु लागे / गुजराती लोक गरबा

Tara Vina Shyam Mane Ekaladu Lage / Gujarati Lokgeet Garba lyrics in Hindi



तारा विना श्याम मने एकलडु लागे

रास रमवा ने वहलो आवजे....

तारा विना श्याम एकलडु लागे...


शरद पूनम नी रातडी ओह ओह

चांदनी खिली छे भली भांत नी

तू न आवे तो श्याम रास जामे न श्याम

रास रमवा ने वहलो आव आव श्याम....

श्याम श्याम.....


तारा विना श्याम मने एकलडु लागे

रास रमवा ने वहलो आवजे....

तारा विना श्याम एकलडु लागे...



अंग अंग रंग से अनंग नो

रंग केम जाए तारा संग नो

पायल झंकार सुनी रोदिया नो नाद सुनी

रास रमवा ने वहलो आव आव श्याम



तारा विना श्याम मने एकलडु लागे

रास रमवा ने वहलो आवजे....

तारा विना श्याम एकलडु लागे...



गरबे घुमती गोपियो सुनी छे गोकुल नी शेरीयो

सुनी सुनी शेरियो मां गोकुल नी गलियों मां

रास रमवा ने वहलो आव आव श्याम....



तारा विना श्याम एकलडु लागे

रास रमवा ने वहलो आवजे....

तारा विना श्याम एकलडु लागे ...



पंखिडा रे उड़ी जाजे पावागढ़ रे / गुजराती लोक गरबा

Pankhida Re Udi Jaje Pavagadh Re / Gujarati Lokgeet Garba lyrics in Hindi



पंखिडा रे उडी ने जाजो पावागढ़ रे

मारी महाकाली ने जै ने कह्जो गरबे रमे रे...

मरी कालका माँ ने जै ने कह्जो गरबे रमे रे...


ओला गाम न सुथारी वीरा वहला आवो रे...

मारी महाकाली ने माटे रुडो बाजोट लावो रे

मारी कालका मां ने रुडो बाजोट लावो रे..

सारो लावो सुंदर लावो वहला आवो रे

मारी महाकाली ने जै ने कह्जो गरबे रमे रे...

मारी कालका माँ ने जै ने कह्जो गरबे रमे रे...

पंखिडा रे ओ पंखिडा रे...


ओला ओला गाम न रे मणीहारा वीरा वहला आवो रे

मारी महाकाली ने माटे रुडो चुडलो लावो रे

मारी कालका माँ ने माटे रुडो चुडलो लावो रे

सारो लावो सुंदर लावो वहला आवो रे

मारी महाकाली ने जै ने कह्जो गरबे रमे रे...

मारी कालका माँ ने जै ने कह्जो गरबे रमे रे...

पंखिडा रे ओ पंखिडा रे...



ओला गाम न रे सोनिडा वीरा वहला आवो रे

मारी महाकाली न माटे रूडा झांझर लावो रे

मारी कालका मां ने रूडा झांझर लावो रे

सारा लावो सुंदर लावो वहला आवो रे

मारी महाकाली ने जै ने कह्जो गरबे रमे रे...

मारी कालका माँ ने जै ने कह्जो गरबे रमे रे...

पंखिडा रे ओ पंखिडा रे...



ओला गाम ना रे दोशिडा वीरा वहला आवो रे

वीरा वहला आवो रे

मारी महाकाली ने माटे रूडी चुंदरी लावो रे

मारी कालका माँ ने काल रूडी चुंदरी लावो रे

सारी लावो सुंदर लावो वहला आवो रे

मारी महाकाली ने जै ने कह्जो गरबे रमे रे...

मारी कालका माँ ने जै ने कह्जो गरबे रमे रे...

पंखिडा रे ओ पंखिडा रे...



ओला गाम ना रे कुम्भारी वीरा वहला आवो रे

मारी महाकाली ने माटे रुडो गरबो लावो रे

मारी कालका माँ ने काल रुडो गरबो लावो रे

सारो लावो सुंदर लावो वहला आवो रे..

मारी महाकाली ने जै ने कह्जो गरबे रमे रे...

मारी कालका माँ ने जै ने कह्जो गरबे रमे रे...

पंखिडा रे ओ पंखिडा रे...



चपटी भरी चोखा / गुजराती लोक गरबा

Chapti Bhari Chokha / Gujarati Lokgeet Garba lyrics in Hindi




चपटी भरी चौखा ने घी नो छे दिवडो

हे श्रीफल नी जोड़ लई ने हालो हालो पावागढ़ जैई ये ने..


सामे नी पोळ थी मालिडो आवे....

ऐ गजरा नी जोड़ लई ने हालो हालो पावागढ़ जैई ये ने.....

चपटी भरी चौखा ने घी नो छे दिवडो......


सामे नी पोळ थी डोसिडो आवे....

ऐ चुंदरी नी जोड़ लई ने हालो हालो पावागढ़ जैई ये ने.....

चपटी भरी चौखा ने घी नो छे दिवडो....


सामे नी पोळ थी कुम्भारी आवे...

ऐ माता नो गरबो लई ने हालो हालो पावागढ़ जैई ये ने.....

चपटी भरी चौखा ने घी नो छे दिवडो....


सामे नी पोळ थी सुथारी आवे....

ऐ बाजट नी जोड़ लई ने लई ने हालो हालो पावागढ़ जैई ये ने.....

चपटी भरी चौखा ने घी नो छे दिवडो....


चपटी भरी चौखा ने घी नो छे दिवडो....

हालो हालो पावागढ़ जैई ये ने.....


वान्ना वगडा न वायरा वायरे, / गुजराती

Vanna Vagda Na Vayra Vayre / Gujarati lyrics in Hindi



वान्ना वगडा न वायरा वायरे,
कन्ने घूमरियो घुम तो गायरे,
 
रासे रमे, रासे रमे,
गोप गोपियों नी संग,
जामयो वृन्दावन ने मार गड़े रंग,
वान्ना वगडा न वायरा वायरे,
कन्ने घुमरिया घूम तो गायरे.
 
घेरी घेरी, घेरी घेरी,
एनी वागे मुरलियो,
गौरी गौरी राधा ने,
सुंदर श्यामडियो,
वान्ना वगडा न वायरा वायरे,
कन्ने घुमरिया घूम तो गायरे.


अमे महियारा रे गोकुल गाम ना / गुजराती लोक गरबा

Ame Mahiyara Re Gokul Gam Na / Gujarati Lok Garba lyrics in Hindi



अमे महियारा रे गोकूळ गाम ना,

म्हारे नहीं वेचवा ने जावा ...... महियारा रे गोकूळ गाम ना

अमे महियारा रे गोकूळ गाम ना.


मथुरा नि वाट महि वेचवा ने निसरी,

नटखट ऐ नंदकिशोर मांगे छे दाळजी,

म्हारे दाळ देवा ने लेवा ... महियारा रे गोकूळ गाम ना,

अमे महियारा रे गोकूळ गाम ना.


मावडी जसोदा जी कानजी ने वारो,

दुखड़ा झीले हज़ार नंदजी नो लालो,

म्हारे दुःख सहवा ने कहवा............. महियारा रे गोकूळ गाम ना,

अमे महियारा रे गोकूळ गाम ना.


जमना ने तीरे कानो वासली वगाडतो,

भुलावे भान शान ऊंघ थी जगाडतो,

म्हारे सखी जोवा ने जावा ...... महियारा रे गोकूळ गाम ना,

अमे महियारा रे गोकूळ गाम ना.


माथे मटुक्डी महिनी गोरी / गुजराती लोक गरबा


माथे मटुक्डी महिनी गोरी हूँ मय हारण हाली , रे गोकुल मां

ओ मोरा श्याम मुझने हरी व्हाला ....


सांकळी शेरी माँ म्हारा ससराजी मऴया,

मुने लाजू करी या ने घणी हाम रे..गोकुल मां,

हो मोरा श्याम मुझने हरी व्हाला,

माथे मटुक्डी महिनी गोरी हूँ मय हारण हाली , रे गोकुल मां

ओ म्हारा श्याम मुझने हरी व्हाला ....


सांकळी शेरी माँ म्हारा जेठजी मऴया

मुने झिणु बोल्या ने घणी हाम रे.... गोकुल मां

हो मोरा श्याम मुझने हरी व्हाला

माथे मटुक्डी महिनी गोरी हूँ मय हारण हाली रे गोकुल मां

ओ म्हारा श्याम मुझने हरी व्हाला ....


सांकळी शेरी माँ म्हारा सासुजी मऴया,

मुने पाए लाग्या ने घणी हाम रे ...गोकुल मां..

हो मोरा श्याम मुझने हरी व्हाला,

माथे मटुक्डी महिनी गोरी हूँ मय हारण हाली , रे गोकुल मां

ओ म्हारा श्याम मुझने हरी व्हाला ....


सांकळी शेरी मां म्हारा परणयाजी मऴया,

मुने प्रीत करया नी घणी हाम रे ... ऐ गोकुल मां..

हो मोरा श्याम मुझने हरी व्हाला रे,

माथे मटुक्डी महिनी गोरी हूँ मय हारण हाली, रे गोकुल मां

ओ म्हारा श्याम मुझने हरी व्हाला ....



मुने एकली जानी ने / गुजराती लोक गरबा

Mune Ekli Jani Ne / Gujarati Lok Garba lyrics in Hindi




मुने एकली जाणी ने कान ऐ छेडी रे....


मारो गरबो ने मेली ने हालतों था..

नही तो कही दऊँ यशोदा ना कान माँ...


मुने एकली जाणी ने कान ऐ काने छेडी रे..


बेडलुं लैने हूँ तो सरोवर गई थी..

पाछी वडी ने जोयु तो बेडलुं चोराई गयू

मारा बेडला नो चोर मारे केम लेवो खोळी

पछी कही दऊँ यशोदा ना कान माँ...


मुने एकली जाणी ने काने छेडी रे..

मुने एकली जाणी ने काने छेडी रे..



खम्मा मारा नंदजी ना लाल / गुजराती लोक गरबा

Khama Mara Nandji Na Lal / Gujarati Lok Garba lyrics in Hindi




खम्मा मारा नंदजी ना लाल

मोरली क्यां रे वगाडी


हूँ तो रे सूती थी मारा शयन भवन मां

सांभळ्यो मोरली नो राग

मोरली क्यां रे वगाडी

खम्मा मारा नंदजी ना लाल

मोरली क्यां रे वगाडी...


भर नींदर माथी झबकी ने जागी

भूली गई हूँ तो भान शान

मोरली क्यां रे वगाडी

खम्मा मारा नंदजी ना लाल

मोरली क्यां रे वगाडी...

 साथिया पुरावो / गुजराती लोक गरबा


हे रणचंडी दुर्गा चामुंडा

करता सवनी रखवाली

हे माजी करता सवनी रखवाली

हे महिसासुर मर्दिनी अम्बिका जै जै माँ गबर वाली

जै जै माँ आरासुर वाली

खेडब्रह्मा ना खोले रमता बाला घुमे बहुचर वाली

गरबे रमवा ने आवो

बाल साहू विनवे माँ पवावाली माँ जै जै माँ गबर वाली...


साथिया पुरावो द्वारे, दिवडा प्रग्टावो राज

आज मारा आँगणे पधारशे माँ पावावाली

जै अम्बे जै अम्बे अम्बे जै जै अम्बे...



वान्झिया नो मेलो पाले रमवा राजकुमार दे

खोळा नो खुन्दनार दे

कुंवारी कन्या ने मनगम्तो भरतार दे

प्रीतमजी नो प्यार दे

निर्धन ने धन धान आपे

राखे माड़ी सवनी लाज

आज मारा आँगणे पधारशे माँ पावावाली


साथिया पुरावो द्वारे, दिवडा प्रग्टावो राज

आज मारा आँगने पधारशे माँ पावावाली

जै अम्बे जै अम्बे अम्बे जै जै अम्बे...


लीली लेमड़ी रे, लीलो नागरवल नो छोड़ /गुजराती

Leeli Lemdi Re, Leelo Nagarwal No Chhod / Gujarati lyrics in Hindi



लीली लेमड़ी रे, लीलो नागरवल नो छोड़
हे परभू परोड़ ना रे
म्हारे घर उतारा करता जाओ
उतारो नहीं करूँ रे
के म्हारे घर सीता जूवे वाट
सीता एकली रे
के जूवे राम-लखमण नी वाट

लीली लेमड़ी रे, लीलो नागरवल नो छोड़
हे परभू परोड़ ना रे
म्हारे घर दातन करता जाओ
दातन नहीं करूँ रे
के म्हारे घर सीता जूवे वाट
सीता एकली रे
के जूवे राम-लखमण नी वाट

लीली लेमड़ी रे, लीलो नागरवल नो छोड़
हे परभू परोड़ ना रे
म्हारे घर नहावन करता जाओ
नहावन नहीं करूँ रे
के म्हारे घर सीता जूवे वाट
सीता एकली रे
के जूवे राम-लखमण नी वाट

लीली लेमड़ी रे, लीलो नागरवल नो छोड़
हे परभू परोड़ ना रे
म्हारे घर भोजन करता जाओ
भोजन नहीं करूँ रे
के म्हारे घर सीता जूवे वाट
सीता एकली रे
के जूवे राम-लखमण नी वाट

लीली लेमड़ी रे, लीलो नागरवल नो छोड़
हे परभू परोड़ ना रे
म्हारे घर परोधन करता जाओ
परोधन नहीं करूँ रे
के म्हारे घर सीता जूवे वाट
सीता एकली रे
के जूवे राम-लखमण नी वाट

gujarati lokgeet hindi lyrics


टिप्पणियाँ

Popular

Rajasthani Lokgeet Lyrics in Hindi राजस्थानी लोकगीत लिरिक्स

 घूमर गीत राजस्थानी लोकगीत लिरिक्स हिंदी  ओ म्हारी घूमर छे नखराळी ऐ माँ घूमर रमवा म्हें जास्याँ ओ राजरी घूमर रमवा म्हें जास्याँ ओ म्हाने रमता ने काजळ टिकी लादयो ऐ माँ घूमर रमवा म्हें जास्याँ ओ राजरी घूमर रमवा म्हें जास्याँ ओ म्हाने रमता ने लाडूङो लादयो ऐ माँ घूमर रमवा म्हें जास्याँ ओ राजरी घूमर रमवा म्हें जास्याँ ओ म्हाने परदेशियाँ मत दीजो रे माँ घूमर रमवा म्हें जास्याँ ओ राजरी घूमर रमवा म्हें जास्याँ ओ म्हाने राठोडा रे घर भल दीजो ऐ माँ घूमर रमवा म्हें जास्याँ ओ राजरी घूमर रमवा म्हें जास्यां ओ म्हाने राठोडा री बोली प्यारी लागे ऐ माँ घूमर रमवा म्हें जास्याँ ओ राजरी घूमर रमवा म्हें जास्यां ओ म्हारी घूमर छे नखराळी ऐ माँ घूमर रमवा म्हें जास्याँ ... इण लहेरिये रा नौ सौ रुपया रोकड़ा सा राजस्थानी लोकगीत लिरिक्स हिंदी  इण लहेरिये रा नौ सौ रुपया रोकड़ा सा म्हाने ल्याईदो नी बादिला ढोला लहेरियो सा म्हाने ल्याईदो नी बाईसा रा बीरा लहेरियो सा म्हाने ल्याईदो ल्याईदो ल्याईदो ढोलालहेरियो सा म्हाने ल्याईदो नी बादिला ढोला लहेरियो सा म्हारा सुसराजी तो दिल्ली रा राजवी सा म्हारा सासूजी ...

कुमार विश्वास की कविताएँ | Kumar Vishwas Kavita – कोई दीवाना कहता है

कुमार विश्वास का जन्म 10 फ़रवरी (वसंत पंचमी), 1970 को पिअखुआ (ग़ाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश) में हुआ था। चार भाईयों और एक बहन में सबसे छोटे कुमार विश्वास ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा लाला गंगा सहाय स्कूल, पिलखुआ में प्राप्त की। उनके पिता डा चन्द्रपाल शर्मा आर एस एस डिग्री कालेज (चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ से सम्बद्ध), पिलखुआ में प्रवक्ता रहे। उनकी माता श्रीमती रमा शर्मा गृहिणी हैं। राजपूताना रेजिमेंट इंटर कालेज से बारहवीं में उनके उत्तीर्ण होने के बाद उनके पिता उन्हें इंजीनियर (अभियंता) बनाना चाहते थे। डा कुमार विश्वास का मन मशीनों की पढाई में नहीं रमा, और उन्होंने बीच में ही वह पढाई छोड़ दी। साहित्य के क्षेत्र में आगे बढने के ख्याल से उन्होंने स्नातक और फिर हिन्दी साहित्य में स्नातकोत्तर किया, जिसमें उन्होंने स्वर्ण-पदक प्राप्त किया। तत्प्श्चात उन्होंने "कौरवी लोकगीतों में लोकचेतना" विषय पर पीएचडी प्राप्त किया। उनके इस शोध-कार्य को 2001 में पुरस्कृत भी किया गया। पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं- 'इक पगली लड़की के बिन' (1996) और 'कोई दीवाना कहता है' (2007 और 2010 दो...

देशभक्ति कविताओं का कोश – भाग 3 | Deshbhakti Kavita Sangrah 3

 उठो धरा के अमर सपूतों -द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी/देशभक्ति की कविता उठो, धरा के अमर सपूतों। पुन: नया निर्माण करो। जन-जन के जीवन में फिर से नव स्फूर्ति, नव प्राण भरो। नई प्रात है नई बात है नया किरन है, ज्योति नई। नई उमंगें, नई तरंगें नई आस है, साँस नई। युग-युग के मुरझे सुमनों में नई-नई मुस्कान भरो। उठो, धरा के अमर सपूतों। पुन: नया निर्माण करो।।1।। डाल-डाल पर बैठ विहग कुछ नए स्वरों में गाते हैं। गुन-गुन, गुन-गुन करते भौंरें मस्त उधर मँडराते हैं। नवयुग की नूतन वीणा में नया राग, नव गान भरो। उठो, धरा के अमर सपूतों। पुन: नया निर्माण करो।।2।। कली-कली खिल रही इधर वह फूल-फूल मुस्काया है। धरती माँ की आज हो रही नई सुनहरी काया है। नूतन मंगलमय ध्वनियों से गुँजित जग-उद्यान करो। उठो, धरा के अमर सपूतों। पुन: नया निर्माण करो।।3।। सरस्वती का पावन मंदिर शुभ संपत्ति तुम्हारी है। तुममें से हर बालक इसका रक्षक और पुजारी है। शत-शत दीपक जला ज्ञान के नवयुग का आह्वान करो। उठो, धरा के अमर सपूतों। पुन: नया निर्माण करो।।4।। -द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी ऐ मेरे वतन के लोगों- प्रदीप/देशभक्ति कविता ऐ मेरे वतन के लोगो...

देशभक्ति कविताओं का कोश - भाग 2 | Deshbhakti Kavita Sangrah 2

 आज जीत की रात- गिरिजाकुमार माथुर/देशभक्ति कविता आज जीत की रात पहरुए! सावधान रहना खुले देश के द्वार अचल दीपक समान रहना २ प्रथम चरण है नये स्वर्ग का है मंज़िल का छोर इस जन-मंथन से उठ आई पहली रत्न-हिलोर अभी शेष है पूरी होना जीवन-मुक्ता-डोर क्यों कि नहीं मिट पाई दुख की विगत साँवली कोर ले युग की पतवार बने अंबुधि समान रहना। ३ विषम शृंखलाएँ टूटी हैं खुली समस्त दिशाएँ आज प्रभंजन बनकर चलतीं युग-बंदिनी हवाएँ प्रश्नचिह्न बन खड़ी हो गयीं यह सिमटी सीमाएँ आज पुराने सिंहासन की टूट रही प्रतिमाएँ उठता है तूफान, इंदु! तुम दीप्तिमान रहना। ४ ऊंची हुई मशाल हमारी आगे कठिन डगर है शत्रु हट गया, लेकिन उसकी छायाओं का डर है शोषण से है मृत समाज कमज़ोर हमारा घर है किन्तु आ रहा नई ज़िन्दगी यह विश्वास अमर है जन-गंगा में ज्वार, लहर तुम प्रवहमान रहना पहरुए! सावधान रहना।। गिरिजाकुमार माथुर   चिर प्रणम्य यह पुण्य अह्न जय गाओ सुरगण,- सुमित्रानंदन पंत/देशभक्ति कविता १५ अगस्त १९४७ चिर प्रणम्य यह पुण्य अह्न जय गाओ सुरगण, आज अवतरित हुई चेतना भू पर नूतन! नवभारत, फिर चीर युगों का तिमिर आवरण, तरुण अरुण-सा उदित हुआ परि...

बुन्देली गारी गीत लोकगीत लिरिक्स Bundeli Gali Geet Lokgeet Lyrics

 खोय देत हो जीवन बिना काम के भजन करो कछु राम के / बुन्देली लोकगीत  खोय देत हो जीवन बिना काम के, भजन करो कछु राम के। जी बिन देह जरा न रुकती, चाहो अन्त समय में मुक्ती ऐसी करो जतन से जुक्ती, ध्यान करियों सबेरे न तो शाम के। भजन... लख चौरासी भटकत आये, मानुष देह कठिन से पाये, फिर भी माने न समुझायें, गलती चक्कर में फंसे बिना राम के। भजन... ईश्वर मालिक से मुंह फेरे, दिल से नाम कभऊं न टेरे, वन के नारि कुटुम्ब के चेरे, कोरी ममता में फंसे इते आन के। भजन... छोड़ो मात पिता और भ्राता, जो हैं तीन लोक के दाता, करियो उन ईश्वर से नाता, क्षमा करिहें अपराध अपना जान के। भजन... गगा को मान बड़ा भारी / बुन्देली लोकगीत  गंगा को मान बड़ा भारी, चलो बहनों मुक्ती सुधारी। तारन के लाने सहज में न आई, तप करके भागीरथ निकारी। चलो दीदी.... गंगा की धार शम्भू रोकी जटन में भोला शिवत्रिपुरारी। चलो दीदी.... तीरथ व्रत ऐसे चारों तरफ हैं गंगा की महिमा है न्यारी। चलो दीदी.... जावे के लाने कछु अड़चन नैयां दिन भर चले मोटर गाड़ी। चलो दीदी.... गंगा जी जावें परम गति पावें मन में विश्वास करो भारी। चलो दीदी.... ग...