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बधावा / 1 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Badhawa 1 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics

सायबा जी पांच बधावा म्हारे आइया जी।
सायबा जी लीना छै आंचल मोड़।
मोत्यां से महंगी भंवर सा री गोरड़ी।
सायब जी पहलो बधावो जी म्हारा बाप को।
सायब जी दूजो सुसरा जी री पोल। मोत्यां…
सायब जी इगन्यो बधावो जी म्हारो बीर को।
सायबा जी चौथो म्हारा जेठ बड़ा री पोल। मोत्यां…
सायबा जी पांचवो बधावो जी चानण चौक को।
सायबा जी बैठेला देवर ज्येठ। मोत्यां…
सायबा जी छठो बधावो जी रंग महल को।
सायबा जी पोढया बाईसा रा बीर। मोत्यां…
सायबा जी सातवों बधावो जी म्हारी कंूख को
सायबा जी जाया छै लाडण पूत। मोत्यां…
सायबा जी इसड़ो बधावो म्हारे नित नवो।
सायबा जी मेल्यो छै सुसरा जी रो पोल। मोत्यां…
सायबा जी सेण सरावे दोखी बल मरे।
सायबा जी दोख्यां को चीत्यो वांके घर पड़ो।
सायबा जी सेणां रो चीत्यो म्हारे होय। मोत्यां…




 

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