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गाली ब्याई जी को / 1 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Gali Byai Ji Ko 1 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics

…वाला मन मस्ताना, तेल मेट से माथो न्हायो, ऊपर जड़ियो बोर गुंथायो।
पाटी पर पान चिमकायो रे शौकीन कहायो रे,
हां हां नार शौकीन कहावे ऐसी बात सुनने में आवे।
कीनी पाती सुरमो कालो, गालां ऊपर उगियो तारो,
मुखड़ा पर चंदा उजियारो रे। शौकीन कहावे…
मन मस्तानी असल दिवानी, तिरछी झांके मरदां कानी,
शरम न मन में ल्यावे रे। शौकीन कहावे…।



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