कविता, कहानी, ग़ज़ल - शायरी, गीत -लोकगीत, दोहे, भजन, हास्य - व्यंग्य, भजन आरती चालीसा प्रार्थना और एवं अन्य रचनाएं साहित्य के भंडार से

टूट्या के बाद बधावा / 1 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Tutya Ke Baad Badhawa 1 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics

पोलीड़ा पोल उघाड़ जी, म्हे तो बरस बधावो ले घर आइयो।
म्हे तो जास्यां भंवरजी री सेज जी, म्हे तो देखां भंवर साईना।
जाताई जलमेली धीव जी, म्हारे नहीं रे भरोसी म्हारी कूख रो।
बारा मूं आवेली रे बरात, पातर आवे नाचती।
घर सूनो आंगन सूनो, सूनो है चंदन चौक जी, मैं तो धीय परणाय मेली सासरे।
पोलीड़ा पोल उघाड़ म्हे तो आनन्द बधावो ले घर आविया।
म्हे तो जास्यां भंवर जी री सेज, जी म्हे तो देखां भंवर साइबाजी।
म्हारे जाताई जलमेता पूत जो म्हारे घणो रे भरोसो म्हारी कूखरो।
घर सूं जावेला बराती जी म्हारे पातर जावे नाचती।
म्हारो घर भरियो आंगण भरियो, म्हारे भरियो है।
चांदन चौक जी म्हे तेा पूत परणाय ल्याया कुल बहू।

 


0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

Popular Posts

Categories

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *