बना के गीत / 16 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Bana Ke Geet 16 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics

बन्ना बनकर जशोदा के लाल निकले
राधा रानी को वरने आज गोपाल निकले
क्या सुन्दर है सिर पे मुकुट साजता
कुण्डल कानों में देखो हैं मन भावता
चम-चम चमके मुकुट पे हीरालाल निकले
राधा रानी को वरने आज गोपाल निकले
बन्ना बनकर जशोदा के लाल निकले
माला गले मंे बैजन्ती देखो है पड़ी
कर में कंगन सुबरन का है जवाहर जड़ी
कांधे पटुका पीला वो डाल निकले
राधा रानी को वरने आज गोपाल निकले
बन्ना बनकर जशोदा के लाल निकले
संग बराती है ग्वाला देखे सजने लगे
द्वारे बाजे मन मोहक हैं बजने लगे
नन्दराय सब सामां संभाल निकले
राधा रानी को वरने आज गोपाल निकले
बन्ना बनकर जशोदा के लाल निकले
फूल आकाश से देव बरसाने लगे
देख बन्ना को सब ही मुस्काने लगे
नाचे चंचल छमा-छम संुदर लाल निकले
राधा रानी को वरने आज गोपाल निकले
बन्ना बनकर जशोदा के लाल निकले। 

बना के गीत / 18 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Bana Ke Geet 18 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics

बना के गीत / 19 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Bana Ke Geet 19 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Rajasthani Lokgeet Lyrics in Hindi राजस्थानी लोकगीत लिरिक्स

बुन्देली गारी गीत लोकगीत लिरिक्स Bundeli Gali Geet Lokgeet Lyrics

कुमार विश्वास की कविताएँ | Kumar Vishwas Kavita – कोई दीवाना कहता है