हरी कसूमल फूल रही बनराय, म्हारी बिरध कुण कुण आवसी जी।
आसी आसी कासब जी रा रोध सूरज बिरध पधारसी जी।
देवतां ने देवतण्या यूं कह्यो जी।
पिया म्हाने रथ सिणगारो तो मैं भी बिरध पधारस्यां जी।
घर छै म्हारा सेवगड़ा रे ब्याव रिद्ध-सिद्ध करबा चालस्यां जी।
हरी कसूमल फूल रही बनराय, म्हारी बिरध कुण कुण आवसी जी।
आसी-आसी… जी रा जोध चन्द्रमा जी बिरध पधारसी जी।
भायां भायां ने देवर जिठाण्यां यों कह्या जी, पिया म्हाने अगड़ धड़ाय जी।
तो म्हे भी बिरद पधार्या जी, घर छै बेटा रो ब्याव ऐला मेला म्हे फिराजी।
हरी कसूमल फूल रही बनराय, म्हारी बिरध कुण कुण आवसी जी।
आसी आसी नानाजी रा जोध,य माम्यां बिरध पधारसी जी।
भायां भायां ने सासु बहू यों कह्यो जी, पिया म्हाने रथड़ो जुताय।
तो म्हे भी बिरध पधारस्यां जी,
घर छै म्हारे भाणेजा रो ब्याव तो माहेरो पहरावस्यां जी।
घूमर गीत राजस्थानी लोकगीत लिरिक्स हिंदी ओ म्हारी घूमर छे नखराळी ऐ माँ घूमर रमवा म्हें जास्याँ ओ राजरी घूमर रमवा म्हें जास्याँ ओ म्हाने रमता ने काजळ टिकी लादयो ऐ माँ घूमर रमवा म्हें जास्याँ ओ राजरी घूमर रमवा म्हें जास्याँ ओ म्हाने रमता ने लाडूङो लादयो ऐ माँ घूमर रमवा म्हें जास्याँ ओ राजरी घूमर रमवा म्हें जास्याँ ओ म्हाने परदेशियाँ मत दीजो रे माँ घूमर रमवा म्हें जास्याँ ओ राजरी घूमर रमवा म्हें जास्याँ ओ म्हाने राठोडा रे घर भल दीजो ऐ माँ घूमर रमवा म्हें जास्याँ ओ राजरी घूमर रमवा म्हें जास्यां ओ म्हाने राठोडा री बोली प्यारी लागे ऐ माँ घूमर रमवा म्हें जास्याँ ओ राजरी घूमर रमवा म्हें जास्यां ओ म्हारी घूमर छे नखराळी ऐ माँ घूमर रमवा म्हें जास्याँ ... इण लहेरिये रा नौ सौ रुपया रोकड़ा सा राजस्थानी लोकगीत लिरिक्स हिंदी इण लहेरिये रा नौ सौ रुपया रोकड़ा सा म्हाने ल्याईदो नी बादिला ढोला लहेरियो सा म्हाने ल्याईदो नी बाईसा रा बीरा लहेरियो सा म्हाने ल्याईदो ल्याईदो ल्याईदो ढोलालहेरियो सा म्हाने ल्याईदो नी बादिला ढोला लहेरियो सा म्हारा सुसराजी तो दिल्ली रा राजवी सा म्हारा सासूजी ...
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