फेरों-कन्यादान का गीत / 2 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Feron Kanyadan Ka Geet 2 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics

मां चवस्यां सूरज चढ़या, बाई ओरणा दे रा कथे,
रतनागर चंवर्या चढ़या, शहजादा चंवरी चढ्या
मां चंवर्या बन्ना राजा चढ़या, बाई चंवर्या बींद राजा चढ्या।
बाई ओ बन्नी थारे कंधे रतनागर बन्ना चंवरी चढ्या।
शहजादा बन्ना चंवरी चढ़्या। 



 

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