सवेरा गीत / 5 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Savera Geet 5 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics

फूलड़ा तो बीनज चाली हो लाडलड़ी आपरा
बाबाजी रा बागां रे मायं जी
कुछ बीणन लागी धराई पधारो बाई आपरे।
कांई रे कारण बाई ने पाली हो पोसी हो।
कांई रे कारण दूध पिलायो
सजना के कारण बाई ने पाली हो पोसी हो
दुलवारे कारण बाई न दूध पिलाओ।
अलख पलख बाई री निकली पालकी आय खड़ी रे बरात जी
बाई थारे लारे झुरे है मायड़ और झुरे बाई रा काकाजी
मत झुरो-झुरो मायड़ हमारी म्हाका दादाजी परणाई सेवरिया। 


 

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