बनी के गीत / 6 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Bani Ke Geet 6 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics

मेरी बन्नी का रचा है ब्याह सखी री मंगल गाओ-2
शीश बन्नी के टीका सोहे
नाक बन्नी के बेसर सोहे
झूमर पै इतर लगाओ सखी री मंगल गाओ
मेरी बन्नी का रचा है ब्याह सखी री मंगल गाओ-2
कान बन्नी के कुण्डल सोहे
हाथ बन्नी के मेंहदी सोहे
कंगन पै इतर लगाओ सखी री मंगल गाओ
मेरी बन्नी का रचा है ब्याह सखी री मंगल गाओ-2
गले बन्नी के हरवा सोहे
पैर बन्नी के पायल सोहे
बिछवां पै इतर लगाओ सखी री मंगल गाओ
मेरी बन्नी का रचा है ब्याह सखी री मंगल गाओ-2
अंग बन्नी के साड़ी सोहे
संग बन्नी के बन्ना सोहे
जोड़े पै इतर लगाओ सखी री मंगल गाओ
मेरी बन्नी का रचा है ब्याह सखी री मंगल गाओ-2

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