बधावा / 7 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Badhawa 7 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics

बधावो जी राज बधाओ म्हारे घर आयो,
बधावो जी बेटो जायो बधावो बहू घर आय,
सियाला की रुत आई चतरसाल में सेज बिछाई,
मृग नयनी ने उरै ये बुलाई, लडुवां स गोद भारई
लडुवा स गोद भराई, तू तो बाट सगां की जाई,
तू तो बाट सगां की जाई, थारी घर घर होवेली बड़ाई
उन्धाला की रुत आई, डागलिये सेज बिछाई
मृग नयनी ने उरै ये बुलाई, कच्चा मेवा से गोद भराई,
तू तो बाट सगां की जाई,
चौमासा की रुत आई, बंगला मंे सेज बिछाई,
चंदावदनी ने उरै बुलाई, ओला से गोद भराई,
ओला से गोद भराई, तू तो बाट सगां की जाई

 


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Rajasthani Lokgeet Lyrics in Hindi राजस्थानी लोकगीत लिरिक्स

बुन्देली गारी गीत लोकगीत लिरिक्स Bundeli Gali Geet Lokgeet Lyrics

कुमार विश्वास की कविताएँ | Kumar Vishwas Kavita – कोई दीवाना कहता है