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नकटा गीत | Nakta Geet Awadhi Lokgeet Lyrics

 मैं तोर गुन जानि गयूँ ए नान गुटकी / अवधी नकटा गीत

मैं तोर गुन जानि गयूँ ए नान गुटकी

दाल बनाईं भात बनाईं और बनाईं फुलकी,
सारा जेवना जेई के भर्तार पति के आगे ठुनकी
मैं तोर गुन...

लौंग इलाइची बीरा खाईं आवै लागीं हिचकी,
सीसा लै के मुंह निहारें गाल होई गे सुट्की
मै तोर गुन...

मारी गईं पीटी गईं कोने जाए सुसकी,
तनिक नैना ओट भएँ बांधे लागी पुटकी
मैं तोर गुन...

सेज सुपेती दासन पाइन संझवय से खसकी,
सारे पलंग पर अपना सोवैं पिया का काटें चुटकी
मैं तोर गुन...


तुम मोरी बात बिगाड्यो बारे रसिया / अवधी नकटा गीत

तुम मोरी बात बिगाड्यो बारे रसिया

मन भरे का जात मंगौबे हाथ भरे क चकिया
पिसौबे बारे रसिया पिसौबे बारे रसिया,
सोलह सेर पिसना पिसौबे बारे रसिया

हाथ बढ़निया लिहे बगल छिटनिया
झारौबे बारे रसिया झरौबे बारे रसिया,
झाँसी वाली लैन झरौबे बारे रसिया

हाथे मा हथकड़ी डरौबे पांए मा पैजनिया
देखौबे बारे रसिया देखौबे बारे रसिया,
कानपुर का जेहल जेल देखौबे बारे रसिया


लागा झुलानिया प धक्का / अवधी नकटा गीत

लागा झुलानिया प धक्का, बलम कलकत्ता पहुंची गए

कैसे क मति मोरी बैरन होई गई
कीन्ह्यो मैं हठ अस पक्का, बलम कलकत्ता...

लागे जेठानिया के बोल बिखै ज़हर से
लागा करेजवा में लुक्काआग , बलम कलकत्ता...

रेक्सा चलायें पिया तांगा चलायें
झुलनी के कारण भयें बोक्का पागल, बलम कलकत्ता...

बरहें बरिस झुलनी लई के लौटें ,
देहिंयाँ हमारि भै मुनक्का, बलम कलकत्ता...

लागा झुलानिया प धक्का बलम कलकत्ता पहुँची गए

पटना से बैदा बोलाई द्या नजरा गैली गोरिया / अवधी नकटा गीत

पटना से बैदा बोलाई द्या नजरा गैली गोरिया

काहे से आएं बैदा बेटौना,
काहे से आई दवाई रे, नजरा गैली गोरिया

मोटर से आएं बैदा बेटौना,
टेम्पो से आई दवाई रे, नजरा गैली गोरिया

बैदा बेटौना पलंग चढ़ी बैठो,
नाड़ी का रोग बताओ रे,नजरा गैली गोरिया

न इनके गर्मी न इनके सर्दी,
इनके तो चढ़ी है मोटाई रे,नजरा गैली गोरिया


हमसे खिंचत न गगरिया कमर मोरी छल्ला मुन्दरिया / अवधी नकटा गीत

हमसे खिंचत न गगरिया कमर मोरी छल्ला मुन्दरिया

वोहि सासू मोरी जनम की बैरनि,
दुई-दुई भरावें गगरिया, कमर मोरी छल्ला मुन्दरिया

वोहि देवरा मोरे बचपन का साथी
काँधे टेकावै गगरिया मोरी छल्ला मुन्दरिया

अंटा चढ़े उइ सैयां जो देखैं,
कहैं इक-इक उठावो गगरिया, कमर तोरी छल्ला मुन्दरिया

जो सैयां हमें इतना चाहत हो,
भोरै लगावौ कहरिया, कमर मोरी छल्ला मुन्दरिया

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