रोपनी गीत | Ropani Geet Awadhi Lokgeet Lyrics

 रिमझिम बरसे पनियाँ / अवधी रोपनी गीत

रिमझिम बरसे पनियाँ,
आवा चली धान रोपे धनियाँ।
लहरत बा तलवा में पनियाँ,
आवा चली धान रोपे धनियाँ।
सोने के थारी मं ज्योना परोसैं,
पिया कां जेंवाईं आईं धनियाँ।
झंझरे गेरुआ मं गंगा जल पनियाँ,
पिया कां घुटावैं आईं धनिया।
लौंगा-इलाची के बीरा जोरावैं,
पिया कां कूँचावैं आईं धनियाँ।
धान रोपि कर जब घर आयों,
नाच्यो गायो खुसी मनायो।
भरि जईहैं कोठिला ए धनियाँ,
आवा चली धान रोपै धनियाँ।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Rajasthani Lokgeet Lyrics in Hindi राजस्थानी लोकगीत लिरिक्स

बुन्देली गारी गीत लोकगीत लिरिक्स Bundeli Gali Geet Lokgeet Lyrics

कुमार विश्वास की कविताएँ | Kumar Vishwas Kavita – कोई दीवाना कहता है