Chal Akela Chal Lyrics Kavi Pradeep – चल अकेला चल अकेला

 चल अकेला चल अकेला चल अकेला

तेरा मेल पीछे छूटा राही चल अकेला


हजारों मील लम्बे रस्ते तुझको बुलाते

यहाँ दुखड़े सहने के वास्ते तुझको बुलाते

है कौन सा वो इन्सान यहाँ पे

जिसने दुःख ना झेला

चल अकेला चल अकेला चल अकेला...


तेरा कोई साथ न दे तो

तू खुद से प्रीत जोड़ ले

बिचौना धरती को करके

अरे आकाश ओढ़ ले

पूरा खेल अभी जीवन का

तूने कहाँ है खेला

चल अकेला चल अकेला चल अकेला

तेरा मेल पीछे छूटा राही चल अकेला


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