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तुम्हारे हैं तुमसे दया माँगते हैं / Tumhare Hain Tumse Daya Maangte Hain

 तुम्हारे हैं तुमसे दया माँगते हैं

तेरे लाडलों की दुआ माँगते हैं


यतीमों की दुनिया में हरदम अंधेरा

इधर भूल कर भी न आया सवेरा

इसी शाम को एक पल भर जले जो

हम आशा का ऐसा दिया माँगते हैं ...


थे हम जिनकी आँखों के चंचल सितारें

हमें छोड़ वो इस जहाँ से सिधारे

किसीकी न हो जैसी क़िसमत है अपनी

दुखी दिल सभी का भला माँगते हैं ...


बचा हो जो रोती क टुकड़ा दिला दो

जो उतरा हो तन से वो कपड़ दिला दो

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