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चित्र विचित्र के भजन लिरिक्स : Chitra Vichitra Bhajan Lyrics In Hindi 7

सातवें भाग में गुरु महिमा, कृष्ण प्रेम और होली के उल्लास से जुड़े 11 भजन शामिल किए गए हैं। "ऐ री मेरे सतगुरु कृपा निधान" और "श्याम से श्यामा बोली चलो खेलेंगे होरी" जैसे भजन भक्तों के बीच बेहद पसंद किए जाते हैं। हर भजन की पूरी लिरिक्स नीचे उपलब्ध है, साथ ही उससे जुड़ा वीडियो भी।

कह रहे भुजा उठा भगवान भजन लिरिक्स

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सुन लो भैया कान खोल के
भक्त हमारे प्राण
कह रहे भुजा उठा भगवान
कह रहें भुजा उठा भगवान।।



भक्त कहे मुझे अपना स्वामी
पर मैं भक्तन दास
प्रेम की डोर में बंधा सदा मैं
रहूं भक्तन के पास
भक्त बिना नहीं मेरा गुजारा
भक्त बिना नहीं मेरा गुजारा
भक्त मेरी पहचान
कह रहें भुजा उठा भगवान
कह रहें भुजा उठा भगवान।।

भक्त करे सदा मेरी भक्ति
मैं भक्तन को ध्याऊँ
विविध रूप धरु भक्तन के हित
सेवा का सुख पाऊं
परिवर्तित कर डालूं विधि के
परिवर्तित कर डालूं विधि के
लिखे हुए मैं विधान
कह रहें भुजा उठा भगवान
कह रहें भुजा उठा भगवान।।

कभी किसी का बनूँ सारथि
किसी की चक्की चलाई
किसी के घर जा करूँ चाकरी
बनूँ कभी मैं नाई
किसी के घर जा छिलके खाऊं
किसी के घर जा छिलके खाऊं
त्याग सकल पकवान
कह रहें भुजा उठा भगवान
कह रहें भुजा उठा भगवान।।

भाव भरी भक्तन की भक्ति
प्रभु के ह्रदय समाई
प्रेम बिना रीझे नहीं सुनलो
नटवर कृष्ण कन्हाई
पागल ‘चित्र विचित्र’ भी हो गए
पागल ‘चित्र विचित्र’ भी हो गए
आपके कृपानिधान

कह रहें भुजा उठा भगवान
कह रहें भुजा उठा भगवान।।

सुन लो भैया कान खोल के
भक्त हमारे प्राण
कह रहे भुजा उठा भगवान
कह रहें भुजा उठा भगवान।।

श्याम की मुरली का है स्वीट तराना भजन लिरिक्स

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श्याम की मुरली का है
स्वीट तराना
आल ओवर वर्ल्ड
श्याम का दीवाना।।


आई लव यू टू
डु यू लव मी मोहन
यू आर माय लाइफ
ओ माय लवली मोहन
कान्हा इस फ्रेंडशिप को
दिल से नहीं भुलाना
आल ओवर वर्ल्ड
श्याम का दीवाना।।

आई एम अलोन
इस दुनिया में प्यारे
जीना है इम्पॉसिबल
विदाउट तुम्हारे
व्हेन क्लोज्ड माय आइज़
प्लीज अर्जेन्ट आ जाना
आल ओवर वर्ल्ड
श्याम का दीवाना।।

‘चित्र विचित्र’ के साथ तुम
फिर कैसा फियर
राधा रसिक बिहारी तुम
पागल के डिअर
यू आर माय लार्ड
मैं सर्वेंट पुराना

आल ओवर वर्ल्ड
श्याम का दीवाना।।

श्याम की मुरली का है
स्वीट तराना
आल ओवर वर्ल्ड
श्याम का दीवाना।।

जप ले राधा राधा नाम भजन लिरिक्स

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जप ले राधा राधा नाम
जप लें राधा राधा नाम
मिले परमसुख परमशान्ति
मिले परमसुख परमशान्ति
मिले परमधन धाम
जपलें राधा राधा नाम
जपलें राधा राधा नाम।।


जो कोई राधा राधा टेरे
राधा नाम की माला फेरे
रोम रोम उसके रम जावे
रोम रोम उसके रम जावे
रस मय राधा नाम
जपलें राधा राधा नाम
जपलें राधा राधा नाम।।

जो कोई राधा राधा बोले
गिरधर उसके पीछे डोले
झूम झूम नाचे गावे
झूम झूम नाचे गावे
मुरलीधर घनश्याम
जपलें राधा राधा नाम
जपलें राधा राधा नाम।।

जो कोई राधा राधा गावे
अंत समय यम पास ना आवे
टल जावे हर मुश्किल उसकी
टल जावे हर मुश्किल उसकी
हो पूरण सब काम
जपलें राधा राधा नाम
जपलें राधा राधा नाम।।

जो कोई राधा राधा उचारे
राधा नाम उसे पार उतारे
मिले परम पद मोक्ष का द्वारा
मिले परम पद मोक्ष का द्वारा
मिले मधुप हरिधाम

जपलें राधा राधा नाम
जपलें राधा राधा नाम।।

जप ले राधा राधा नाम
जप लें राधा राधा नाम
मिले परमसुख परमशान्ति
मिले परमसुख परमशान्ति
मिले परमधन धाम
जपलें राधा राधा नाम
जपलें राधा राधा नाम।।


दिल में समाया मेरा सांवरा सलोना भजन लिरिक्स

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दिल में समाया मेरा
सांवरा सलोना
तेरे जैसा श्याम कोई
और नहीं होना
तू है मेरा चितचोर सांवरिया
तू है मेरा चितचोर सांवरिया।।



मैं बैरागन हो गई तेरी
तुम संग प्रीत जुड़ी है मेरी
जाना नहीं है कहीं और सांवरिया
तू है मेरा चितचोर सांवरिया
तू है मेरा चितचोर सांवरिया।।

मेरी तुम संग प्रीत पुरानी
जनम जनम से मैं तेरी दीवानी
बांधी है तुम संग डोर सांवरिया
तू है मेरा चितचोर सांवरिया
तू है मेरा चितचोर सांवरिया।।

ओ रसिया मुझे दर्श दिखा दो
बांसुरिया की तान सुना दो
नाचूंगी बनकर मोर सांवरिया
तू है मेरा चितचोर सांवरिया
तू है मेरा चितचोर सांवरिया।।

मनमोहन प्यारे मुरली वाले
यह जीवन अब तेरे हवाले
पागल विनय कर जोर सांवरिया
तू है मेरा चितचोर सांवरिया
तू है मेरा चितचोर सांवरिया।।

दिल में समाया मेरा
सांवरा सलोना
तेरे जैसा श्याम कोई
और नहीं होना
तू है मेरा चितचोर सांवरिया
तू है मेरा चितचोर सांवरिया।।

 हे श्यामा प्यारी लिरिक्स

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मोहे ना बिसारो हे श्यामा प्यारी
दे दो सहारो हे श्यामा प्यारी
मोहे ना बिसारों हे श्यामा प्यारी।।


मैं जानता हूँ की नहीं तेरे काबिल
गुनाहों से भरपूर है ये मेरा दिल
मुझको सवारों हे श्यामा प्यारी
मोहे ना बिसारों हे श्यामा प्यारी।।

मैं हूँ पतित तुम हो पतित पावन
बैठा हूँ दर तेरे फैला के दामन
कृपा कर निहारों हे श्यामा प्यारी
मोहे ना बिसारों हे श्यामा प्यारी।।

बिच भवर में अटक रहा हूँ
जनम जनम से मैं भटक रहा हूँ
दे दो किनारो हे श्यामा प्यारी
मोहे ना बिसारों हे श्यामा प्यारी।।

‘चित्र विचित्र’ के जीवन की डोरी
कर कमलों में थामे बैठी हो किशोरी
भक्ति रंग डारो हे श्यामा प्यारी

मोहे ना बिसारों हे श्यामा प्यारी।।

मोहे ना बिसारो हे श्यामा प्यारी
दे दो सहारो हे श्यामा प्यारी
मोहे ना बिसारों हे श्यामा प्यारी।।



फूलों में सज रहे मेरे बांके बिहारी भजन लिरिक्स

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फूलों में सज रहे मेरे बांके बिहारी
बेला गुलाब जूही चंपा गुलनारी
फूलो में सज रहे मेरे बांके बिहारी
फूलों के सज गए बंगले कैसी शोभा न्यारी
फूलो में सज रहे मेरे बांके बिहारी।।


सोहे मुकुट फूलन के फूलन की माला
फूलन के बाजूबंद कुंडल विशाला
फूलों के पटका सोहे फूलों की किनारी
फूलो में सज रहे मेरे बांके बिहारी।।

फूलों के नख केसर और फूलों के कंगना
वारी वारी जाऊं खूब फूलों में सजना
संग विराज रही श्री श्यामा प्यारी
फूलो में सज रहे मेरे बांके बिहारी।।

धन्य वृंदावन की फूल और कलियां
जिनसे सजी है देखो यह कुंज गलियां
मेहक रही है कैसी यहां फुलवारी
फूलों में सज रहे मेरे बांके बिहारी।।

श्री चरणों में सोहे फूलों की पायल
निरखत ‘चित्र विचित्र’ भये पागल
दर्शन बिहारी जू के अति सुखकारी

फूलों में सज रहे मेरे बांके बिहारी।।

फूलों में सज रहे मेरे बांके बिहारी
बेला गुलाब जूही चंपा गुलनारी
फूलो में सज रहे मेरे बांके बिहारी
फूलों के सज गए बंगले कैसी शोभा न्यारी
फूलो में सज रहे मेरे बांके बिहारी।।



ऐ री मेरे सतगुरु कृपा निधान भजन लिरिक्स

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ऐ री मेरे सतगुरु कृपा निधान
सतगुरु कृपा निधान
ऐ रीं मेरे सतगुरु कृपा निधान।।


मोह माया के फंद छुडावे
मोह माया के फंद छुडावे
हरि मिलन की लगन लगावे
हरि मिलन की लगन लगावे
करे हर विपदा निदान
ऐ रीं मेरे सतगुरु कृपा निधान।।

श्री गुरु ही सतमार्ग दिखावे
श्री गुरु ही सतमार्ग दिखावे
भजन साधन की रीत सिखावे
भजन साधन की रीत सिखावे
श्री गुरु मेरे भगवान
ऐ रीं मेरे सतगुरु कृपा निधान।।

श्री गुरु चरणों में जिसका ठिकाना
श्री गुरु चरणों में जिसका ठिकाना
उस पे लुटाया किरपा का खजाना
उस पे लुटाया किरपा का खजाना

हर पल रखते ध्यान
ऐ रीं मेरे सतगुरु कृपा निधान।।

प्रभु नाम का अमृत पिला के
प्रभु नाम का अमृत पिला के
‘चित्र विचित्र’ को अपना बना के
‘चित्र विचित्र’ को अपना बना के
पागल किया कल्याण
ऐ रीं मेरे सतगुरु कृपा निधान।।

ऐ री मेरे सतगुरु कृपा निधान
सतगुरु कृपा निधान
ऐ रीं मेरे सतगुरु कृपा निधान।।


मटकी ना फोड़ तोह ते विनती करूँ मैं कर जोड़ लिरिक्स

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मटकी ना फोड़
तोह ते विनती करूँ मैं कर जोड़
मटकी ना फोड
मटकी ना फोड।।

नटखट बड़ा तू कान्हा
करे मनमानी
रोज ही करे क्यों कान्हा
नई शैतानी
मेरा पीछा तू अब दे छोड़
मटकी ना फोड
मटकी ना फोड।।

माखन चुरावे कभी
खोले मेरी गैया
देख समझाऊं तोहे
मान जा कन्हैया
नहीं तो मार पड़ेगी कठोर
मटकी ना फोड
मटकी ना फोड।।

छोड़ दे डगर तू मोकु
है रही है देरी
नहीं तो करुँगी शिकायत
मैया से तेरी
सारे ब्रज में मचा दूंगी शोर
मटकी ना फोड
मटकी ना फोड।।

करूँ मनुहार तेरी
सुनो नंदलाला
तूने मुझे अपना
पागल कर डाला
तुझ बिन सूझे नहीं कछु और

मटकी ना फोड
मटकी ना फोड।।

मटकी ना फोड़
तोह ते विनती करूँ मैं कर जोड़
मटकी ना फोड
मटकी ना फोड।।

जब होवे सच्चा प्यार क्यों ना मिले कन्हैया लिरिक्स

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जब होवे सच्चा प्यार
क्यों ना मिले कन्हैया
जब मिले तार से तार
क्यों ना मिले कन्हैया।।

चंचल मन को तू समझा ले
हरि चरणों में प्रीत लगा ले
तू मन से तज अहंकार
क्यों ना मिले कन्हैया।।

पिता ने जब प्रहलाद सताया
अपने प्रभु का ध्यान लगाया
नरसिंह लिया अवतार
क्यों ना मिले कन्हैया।।

दुर्योधन ने जाल बिछाया
अर्जुन कृष्ण की शरण में आया
बने सारथी कृष्ण मुरार
क्यों ना मिले कन्हैया।।

जो तू भजन करे दिन राति
श्याम सुन्दर तेरा बन जाए साथी
तू शरण तो आ इक बार
क्यों ना मिले कन्हैया।।

जब होवे सच्चा प्यार
क्यों ना मिले कन्हैया
जब मिले तार से तार
क्यों ना मिले कन्हैया।।

श्याम से श्यामा बोली चलो खेलेंगे होरी भजन लिरिक्स

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श्याम से श्यामा बोली
चलो खेलेंगे होरी
चलो खेलेंगे होरी
चलो खेलेंगे होरी।।

कभी वृन्दावन खेले
कभी गोकुल में खेले
कभी मथुरा में खेले
कभी बरसाने खेले
रंगी नंदगाव की गलियां
रंगी भानु की हवेली
चलो खेलेंगे होरी
चलो खेलेंगे होरी।।

कभी वो गुलाल उड़ाएं
कभी मारे पिचकारी
कभी रंग जाए राधा
कभी रंग जाए बिहारी
ये कैसा मस्त महीना
है कैसी सुन्दर जोड़ी
चलो खेलेंगे होरी
चलो खेलेंगे होरी।।

बाग़ ये है अलबेला
लगा कुंजन में मेला
हर कोई नाचे गाए
रहा ना कोई अकेला
पराग के संग मिल बोलो
हर बरस आए होली

चलो खेलेंगे होरी
चलो खेलेंगे होरी।।

श्याम से श्यामा बोली
चलो खेलेंगे होरी
चलो खेलेंगे होरी
चलो खेलेंगे होरी।।

चढ़ गई नाम खुमारी मैनू भजन लिरिक्स

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चढ़ गई नाम खुमारी मैनू
चढ़ गई नाम खुमारी
कमली रमली जोगन रोगन
कर गया बांके बिहारी
चढ़ गयी नाम खुमारी मैनू
चढ़ गयी नाम खुमारी।।

कोई दवा ना होवे जिसदी
लगया रोग निराला
नाम श्याम दा ले के मैनू
दे दो जहर प्याला
उसदे नाम दी बुटी सखियो
सब रोगा ते भारी
चढ़ गयी नाम खुमारी मैनू
चढ़ गयी नाम खुमारी।।

जिसदे नाम दी मैं हाँ जोगन
ओ वृन्दावन वासी
आके अपना दर्श दिखा दे
मर ना जावा प्यासी
कुंडला वाले श्याम नू कह दो
ओ जीतया मैं हारी
चढ़ गयी नाम खुमारी मैनू
चढ़ गयी नाम खुमारी।।

चाँद सितारे स्वर्ग नजारे
कुछ ना मैनू भावे
झल्ला होके दिल ऐ पुकारे
इको नगमा गावे
एक पासे मेरा श्याम प्यारा
दूजे दुनिया सारी
चढ़ गयी नाम खुमारी मैनू
चढ़ गयी नाम खुमारी।।

नाम खुमारी चढ़ गई ऐसी
आप ही रोवा हँसा
‘सागर’ दिल दा हाल अपना
आ मैं तैनू दसा
मिल जावे जे मुरली वाला
जावा वारी वारी

चढ़ गयी नाम खुमारी मैनू
चढ़ गयी नाम खुमारी।।

चढ़ गई नाम खुमारी मैनू
चढ़ गई नाम खुमारी
कमली रमली जोगन रोगन
कर गया बांके बिहारी
चढ़ गयी नाम खुमारी मैनू
चढ़ गयी नाम खुमारी।।


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देशभक्ति कविताओं का कोश – भाग 3 | Deshbhakti Kavita Sangrah 3

 उठो धरा के अमर सपूतों -द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी/देशभक्ति की कविता उठो, धरा के अमर सपूतों। पुन: नया निर्माण करो। जन-जन के जीवन में फिर से नव स्फूर्ति, नव प्राण भरो। नई प्रात है नई बात है नया किरन है, ज्योति नई। नई उमंगें, नई तरंगें नई आस है, साँस नई। युग-युग के मुरझे सुमनों में नई-नई मुस्कान भरो। उठो, धरा के अमर सपूतों। पुन: नया निर्माण करो।।1।। डाल-डाल पर बैठ विहग कुछ नए स्वरों में गाते हैं। गुन-गुन, गुन-गुन करते भौंरें मस्त उधर मँडराते हैं। नवयुग की नूतन वीणा में नया राग, नव गान भरो। उठो, धरा के अमर सपूतों। पुन: नया निर्माण करो।।2।। कली-कली खिल रही इधर वह फूल-फूल मुस्काया है। धरती माँ की आज हो रही नई सुनहरी काया है। नूतन मंगलमय ध्वनियों से गुँजित जग-उद्यान करो। उठो, धरा के अमर सपूतों। पुन: नया निर्माण करो।।3।। सरस्वती का पावन मंदिर शुभ संपत्ति तुम्हारी है। तुममें से हर बालक इसका रक्षक और पुजारी है। शत-शत दीपक जला ज्ञान के नवयुग का आह्वान करो। उठो, धरा के अमर सपूतों। पुन: नया निर्माण करो।।4।। -द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी ऐ मेरे वतन के लोगों- प्रदीप/देशभक्ति कविता ऐ मेरे वतन के लोगो...

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