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चित्र विचित्र के भजन लिरिक्स : Chitra Vichitra Bhajan Lyrics In Hindi 9

नौवें भाग में जन्माष्टमी की बधाई, सावन के झूलों और श्री राधा नाम की महिमा से जुड़े 11 भजन शामिल हैं। "मैया बधाई है बधाई है जन्माष्टमी" और "झूला पड्यो है कदम्ब की डार झुलावे ब्रज नारी" जैसे भजन त्योहारों की रौनक को दर्शाते हैं। हर भजन के साथ लिरिक्स और वीडियो लिंक भी उपलब्ध कराया गया है।

मैया बधाई है बधाई है जन्माष्टमी भजन लिरिक्स : Maiya Badhai Hai Badhai Hai Lyrics

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मैया बधाई है बधाई है
बाबा बधाई है बधाई है
ब्रज में ये कैसी ख़ुशी छाई है
ब्रज में ये कैसी ख़ुशी छाई है
मैया बधाईं है बधाईं है
बाबा बधाई है बधाई है।।

घर घर में कैसी ख़ुशी छाई है
श्याम दीवाने गावे बधाई है
घर घर में कैसी ख़ुशी छाई है
श्याम दीवाने गावे बधाई है
मन में है अति ख़ुशी छाई है
मैया बधाईं है बधाईं है
बाबा बधाई है बधाई है।।

भक्तो ने कैसी धूम मचाई है
द्वारे पे बाजे शहनाई है
भक्तो ने कैसी धूम मचाई है
द्वारे पे बाजे शहनाई है
बाबा ने सम्पती लुटाई है
मैया ने बधाई बंटवाई है

मैया बधाईं है बधाईं है
बाबा बधाई है बधाई है।।

मैया बधाईं है बधाईं है
बाबा बधाई है बधाई है
ब्रज में ये कैसी ख़ुशी छाई है
ब्रज में ये कैसी ख़ुशी छाई है
मैया बधाईं है बधाईं है
बाबा बधाई है बधाई है।।

देखो सांवरे के संग गोरी झूले हिंडोला भजन लिरिक्स

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देखो सांवरे के संग
गोरी झूले हिंडोला
प्यारी झूले हिंडोला
श्यामा झूले हिंडोला
राधे झूले हिंडोला
प्यारी झूले हिंडोला
देखो साँवरे के संग
गोरी झूले हिंडोला।।

जमुना के तीर
कदम्ब की छैया
झूले पे बैठे है
श्यामा कन्हैया
बहे रस चहुँ ओरी
प्यारी झूले हिंडोला
देखो साँवरे के संग
गोरी झूले हिंडोला।।

मेघा बरसे
बिजरी चमके
मेघा बरसे
बिजरी चमके
बादल छाए घनघोरी
गोरी झूले हिंडोला
देखो साँवरे के संग
गोरी झूले हिंडोला।।

झूले राधा प्यारी
झुलावे बनवारी
झूले राधा प्यारी
झुलावे बनवारी
छवि देख रस गोरी
गोरी झूले हिंडोला

देखो साँवरे के संग
गोरी झूले हिंडोला।।

देखो सांवरे के संग
गोरी झूले हिंडोला
प्यारी झूले हिंडोला
श्यामा झूले हिंडोला
राधे झूले हिंडोला
प्यारी झूले हिंडोला
देखो साँवरे के संग
गोरी झूले हिंडोला।।

झूला पड्यो है कदम्ब की डार झुलावे ब्रज नारी लिरिक्स

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झूला पड्यो है कदम्ब की डार
झुलावे ब्रज नारी
ब्रज नारी रे ब्रज नारी
ब्रज नारी सखियाँ सारी
झूला पड्यो हैं कदम्ब की डार
झुलावे ब्रज नारी।।

रेशम की सखी डोरी पड़ी है
मोतियन से कैसी पटरी जड़ी है
वा में बैठे युगल सरकार
झुलावे ब्रज नारी
झूला पड्यो हैं कदम्ब की डार
झुलावे ब्रज नारी।।

मधुर मधुर श्याम बंसी बजावत
बंसी बजावत रस बरसावत
नन्ही नन्ही पड़त है फुहार
झुलावे ब्रज नारी
झूला पड्यो हैं कदम्ब की डार
झुलावे ब्रज नारी।।

श्याम राधिका झूला झूले
गोपी ग्वाल देखे फुले
सब गावत है मल्हार
झुलावे ब्रज नारी
झूला पड्यो हैं कदम्ब की डार
झुलावे ब्रज नारी।।

झूला पड्यो है कदम्ब की डार
झुलावे ब्रज नारी
ब्रज नारी रे ब्रज नारी
ब्रज नारी सखियाँ सारी

झूला पड्यो हैं कदम्ब की डार
झुलावे ब्रज नारी।।

बांके बिहारी हमें भूल ना जाना भजन लिरिक्स

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बांके बिहारी हमें भूल ना जाना
जल्दी जल्दी वृन्दावन
हमको बुलाना
बांके बिहारी हमे भूल ना जाना।।

जपते रहे हम नाम तुम्हारा
छूटे कभी ना हमसे वृन्दावन प्यारा
होता रहे तेरे दर पे आना जाना
बांके बिहारी हमे भूल ना जाना।।

भक्ति की ऐसी लगन लगा दो
संतो की सेवा का भाव जगा दो
हर वर्ष उत्सव अपना यूँ ही मनवाना
बांके बिहारी हमे भूल ना जाना।।

कथा कीर्तन से होता जीवन पवित्र
साधन बताते यही ‘चित्र विचित्र’
यूँ ही लुटाना अपनी किरपा का खजाना

बांके बिहारी हमे भूल ना जाना।।

बांके बिहारी हमें भूल ना जाना
जल्दी जल्दी वृन्दावन
हमको बुलाना
बांके बिहारी हमे भूल ना जाना।।



काले काले बदरा घिर घिर आ रहे है भजन लिरिक्स

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काले काले बदरा
घिर घिर आ रहे है
ऐ जी झूला डालो
हम्बे झूला डालो
कदम्ब की डाल
कारे कारे बदरा
घिर घिर आ रहे है
लम्बे लम्बे झोटा
राधा रानी ले रही है
ऐ जी कोई नन्ही नन्ही
हम्बे कोई नन्ही नन्ही
परत फुहार
कारे कारे बदरा
घिर घिर आ रहे है।।

झूला पे मोहन
श्यामा संग झूलते जी
ऐ जी गोपी गाती है
हम्बे गोपी गाती है
राग मल्हार
कारे कारे बदरा
घिर घिर आ रहे है।।

चंपा चमेली जूही
मोगरा खिल रहे जी
ऐ जी कोई शीतल
ऐ जी कोई शीतल
चलत बयार
कारे कारे बदरा
घिर घिर आ रहे है।।

कदम्ब की डाली काली
कोयलिया गा रही जी
ऐ जी दादुर पपिहन की
ऐ जी दादुर पपिहन की
सुरीली मस्त पुकार
कारे कारे बदरा
घिर घिर आ रहे है।।

राधा की पायल कान्हा की
बंसी बज रही
ऐ जी दास प्रेमी के
ऐ जी दास प्रेमी के
लड़ी है अखियाँ चार

कारे कारे बदरा
घिर घिर आ रहे है।।

काले काले बदरा
घिर घिर आ रहे है
ऐ जी झूला डालो
हम्बे झूला डालो
कदम्ब की डाल
कारे कारे बदरा
घिर घिर आ रहे है
लम्बे लम्बे झोटा
राधा रानी ले रही है
ऐ जी कोई नन्ही नन्ही
हम्बे कोई नन्ही नन्ही
परत फुहार
कारे कारे बदरा
घिर घिर आ रहे है।।

श्री राधा नाम सर्व सुख सार भजन लिरिक्स

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श्री राधा नाम सर्व सुख सार

दोहा – मधुर प्रिय श्री राधा नाम
राधा नाम कान पढ़ते ही
खिल उठती है कली तमाम
प्रेम मूल्य निश्चित है मेरा
और प्रेम प्रफुल्लित है राधा नाम
चाहे कोई खरीद ले हमको
एक सुना सुना कर राधा नाम।

श्री राधा नाम सर्व सुख सार
राधा नाम सुन दौड़े आते
नटवर नंद कुमार
श्रीं राधा नाम सर्व सुख सार।।

रा और धा का मेल है राधा
कृष्ण लीला का खेल है राधा
सर्वाधार रस रूप रसेष्वरी
कृष्ण प्रेम अवतार
श्रीं राधा नाम सर्व सुख सार।।

राधा नाम की महिमा भारी
राधा नाम का जगत पुजारी
राधा नाम की अद्भुत मस्ती
देत आनंद अपार
श्रीं राधा नाम सर्व सुख सार।।

नाम जपत श्री राधा राधा
मीटे मधुप सब भव में बाधा
मीटे पाप त्रिताप जगत के
खुले मोक्ष के द्वार
श्रीं राधा नाम सर्व सुख सार।।

श्रीं राधा नाम सर्व सुख सार
राधा नाम सुन दौड़े आते
नटवर नंद कुमार
श्रीं राधा नाम सर्व सुख सार।।


मैं कितना अधम हूँ ये तुम ही जानो भजन लिरिक्स : Main Kitna Adham Hu Lyrics

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मैं कितना अधम हूँ
ये तुम ही जानो
मैं क्या चाहता हूँ
ये तुम ही जानो
मै कितना अधम हूं
ये तुम ही जानो।।

ना दीनता है ना भाव भक्ति
ना कुछ भजन है ना आत्मशक्ति
मैं क्या देखता हूँ
ये तुम ही जानो
मै कितना अधम हूं
ये तुम ही जानो।।

दुनिया से मुझको फुर्सत ना मिलती
तक़दीर की मेरी अटकन ना मिटती
मैं क्या मांगता हूँ
ये तुम ही जानो
मै कितना अधम हूं
ये तुम ही जानो।।

यही दर्द दिल में तड़पन है भारी
तेरे दर पे आया आगे मर्जी तुम्हारी
मैं पागल बना हूँ
ये तुम ही जानो

मै कितना अधम हूं
ये तुम ही जानो।।

मैं कितना अधम हूँ
ये तुम ही जानो
मैं क्या चाहता हूँ
ये तुम ही जानो
मै कितना अधम हूं
ये तुम ही जानो।।

ब्रज की सबसे सुन्दर जोड़ी भजन लिरिक्स

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ब्रज की सबसे सुन्दर जोड़ी
नीलमणि ब्रजराज सांवरा
रतन राधिका गोरी
ब्रज की सबसे सुन्दर जोडी।।

गौलोक ठाकुर ठकुरानी
इक ब्रज राजा इक ब्रज रानी
नन्द नंदन गिरधर गोपाला
नन्द नंदन गिरधर गोपाला
राधा भानु किशोरी
ब्रज की सबसे सुन्दर जोडी।।

प्रेम अवतारीन लीला अवतारी
दोनों रास रसिक है भारी
इक नाचे इक बंसी बजावे
इक नाचे इक बंसी बजावे
कर ले वे चित चोरी
ब्रज की सबसे सुन्दर जोडी।।

सुंदरता की खान है दोनों
ब्रज मंडल की शान है दोनों
इक काला इक गोरी दोनों
इक काला इक गोरी दोनों
लगते चाँद चकोरी
ब्रज की सबसे सुन्दर जोडी।।

बांके लाड़ली लाल हमारे
सबके पूजित सबके प्यारे
अमर प्रेम की जोड़ी मधुप ये
अमर प्रेम की जोड़ी मधुप ये
कान्हा कमल किशोरी

ब्रज की सबसे सुन्दर जोडी।।

ब्रज की सबसे सुन्दर जोड़ी
नीलमणि ब्रजराज सांवरा
रतन राधिका गोरी
ब्रज की सबसे सुन्दर जोडी।।

सांवरे रंग रसिया मोहन मेरे मन बसिया भजन लिरिक्स

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भूखे है तेरे प्यार के
हमें भी दीदार दे
सांवरे रंग रसिया
मोहन मेरे मन बसिया।।

मेरे दिल में बसी
तेरी तस्वीर है
मेरी आँखों से सदा
ही बहते नीर है
की थक गए पुकार के
हमें भी दीदार दे
साँवरे रंग रसिया
मोहन मेरे मन बसिया।।

कहेगी क्या दुनिया
हमें परवाह नहीं
हमें तेरे सिवा
किसी की चाह नहीं
क्यों बैठे हो बिसार के
हमें भी दीदार दे
साँवरे रंग रसिया
मोहन मेरे मन बसिया।।

हमने इस जीवन की
सौंपी तुम्हे डोर है
तुम्हारे बिन मोहन
मेरा ना कोई और है
हम आए सब हार के
हमें भी दीदार दे
साँवरे रंग रसिया
मोहन मेरे मन बसिया।।

‘चित्र विचित्र’ का प्रेम
कन्हैया निभा लेना
अपने दीवानों में
हमें भी मिला लेना
खड़े है तेरे द्वार पे

हमें भी दीदार दे
साँवरे रंग रसिया
मोहन मेरे मन बसिया।।

भूखे है तेरे प्यार के
हमें भी दीदार दे
सांवरे रंग रसिया
मोहन मेरे मन बसिया।।

ऐसा हमारा वृन्दावन चित्र विचित्र भजन लिरिक्स

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राधा राधा नाम का
बरसे जहाँ घन
ऐसा हमारा वृन्दावन
ऐसा हमारा वृंदावन
वृंदावन हमारा वृंदावन
वृंदावन हमारा वृंदावन।।

डाल डाल भी बोले राधे
पात पात भी बोले राधे
बंसीवट भी बोले राधे
चीरघाट भी बोले राधे
राधा राधा नाम स्वयं रटते मोहन
ऐसा हमारा वृंदावन
वृंदावन हमारा वृंदावन
वृंदावन हमारा वृंदावन।।

सेवाकुंज में राधे राधे
श्री निधिवन में राधे राधे
वनविहार में राधे राधे
वनकिशोर में राधे राधे
राधा राधा नाम अनमोल रतन
ऐसा हमारा वृंदावन
वृंदावन हमारा वृंदावन
वृंदावन हमारा वृंदावन।।

रसिक बिहारी में राधे राधे
गौरीलाल में राधे राधे
मोहनीबिहारी में राधे राधे
चतुरबिहारी में राधे राधे
राधा राधा नाम हरिदासों का जीवन
ऐसा हमारा वृंदावन
वृंदावन हमारा वृंदावन
वृंदावन हमारा वृंदावन।।

रसिकन की वाणी में राधे
भक्तों के ह्रदय में राधे
संतो की कुटिया में राधे
‘चित्र विचित्र’ की प्राण आराधे
राधा राधा नाम का चढ़ा है पागलपन

ऐसा हमारा वृंदावन
वृंदावन हमारा वृंदावन
वृंदावन हमारा वृंदावन।।

राधा राधा नाम का
बरसे जहाँ घन
ऐसा हमारा वृन्दावन
ऐसा हमारा वृंदावन
वृंदावन हमारा वृंदावन
वृंदावन हमारा वृंदावन।।

आज हम नाचेंगे राधे के दरबार भजन लिरिक्स

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आज हम नाचेंगे राधे के दरबार
हर कोई झूमे हर कोई नाचे
हो रही जय जयकार
आज हम नाचेंगे राधें के दरबार।।

ऊंचे महल अटारी वारी
श्री राधे बरसाने वाली
कीरतकुंवरी भानु दुलारी
ब्रज मंडल सरकार
आज हम नाचेंगे राधें के दरबार।।

बड़ी सुहानी शुभ शुभ बेला
लाडली लाल का लगा है मेला
मेला भी ऐसा अलबेला
जैसे कोई त्यौहार
आज हम नाचेंगे राधें के दरबार।।

बजे बांसुरी बीन शहनाई
बजे ढोल डफ बजे बधाई
बरस रहे रंग रस फूल कलियाँ
नाच रहे नर नार
आज हम नाचेंगे राधें के दरबार।।

कहे ‘मधुप’ हरि भक्त प्यारे
आंदन लूट रहे है सारे
हरी नाम के हीरे मोती
लूट रहा संसार
आज हम नाचेंगे राधें के दरबार।।

आज हम नाचेंगे राधे के दरबार
हर कोई झूमे हर कोई नाचे
हो रही जय जयकार
आज हम नाचेंगे राधें के दरबार।।

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