इस श्रृंखला के अंतिम और दसवें भाग में शरद पूर्णिमा, राधा-कृष्ण की लीलाओं और भक्ति भाव से ओतप्रोत 11 भजन शामिल हैं। "आई पूनम की रात बड़े भागन से शरद पूर्णिमा" और "खुल गया बैंक राधा रानी के नाम का" जैसे भजन इस संकलन को एक सुंदर विराम देते हैं। सभी भजनों की पूरी लिरिक्स नीचे दी गई है।
तेरी महफिल में गुनगुनाने से दोस्ती हो गई मुझ दीवाने से…

तेरी महफिल में गुनगुनाने से
दोस्ती हो गई मुझ दीवाने से
तेरी महफ़िल में गुनगुनाने से
दोस्ती हो गई मुझ दीवाने से।।
मुझे अपना के छोड़ मत देना
डर मुझे लगता है रूठ जाने से
दोस्ती हो गई मुझ दीवाने से
तेरी महफ़िल में गुनगुनाने से
दोस्ती हो गई मुझ दीवाने से।।
तेरी चौखट को चूमता ही रहूं
ना हटू गैर के हटाने से
दोस्ती हो गई मुझ दीवाने से
तेरी महफ़िल में गुनगुनाने से
दोस्ती हो गई मुझ दीवाने से।।
मुझे मदहोश बना ही डाला
जब से आया मैं तेरे मयखाने से
दोस्ती हो गई मुझ दीवाने से
तेरी महफ़िल में गुनगुनाने से
दोस्ती हो गई मुझ दीवाने से।।
मेरी जुबां पर जिक्र तेरा रहे
बेफिकर हो गया मैं अब मर जाने से
दोस्ती हो गई मुझ दीवाने से
तेरी महफ़िल में गुनगुनाने से
दोस्ती हो गई मुझ दीवाने से।।
मिल गई मंजिले सफर मुझको
तेरे कदमों में सर झुकाने से
दोस्ती हो गई मुझ दीवाने से
तेरी महफ़िल में गुनगुनाने से
दोस्ती हो गई मुझ दीवाने से।।
मिला है तोहफा हमको पागल का
चित्र विचित्र की गजल गाने से
दोस्ती हो गई मुझ दीवाने से
तेरी महफ़िल में गुनगुनाने से
दोस्ती हो गई मुझ दीवाने से।।
तेरी महफिल में गुनगुनाने से
दोस्ती हो गई मुझ दीवाने से
तेरी महफ़िल में गुनगुनाने से
दोस्ती हो गई मुझ दीवाने से।।
हमारे श्याम आज दूल्हा बने है भजन लिरिक्स

हमारे श्याम आज दूल्हा बने है
दूल्हा बने है बनड़ा बने है
हमारे श्याम आज दूल्हा बने हैं।।
शीश श्याम के सेहरा सोहे
शीश श्याम के सेहरा सोहे
गल में हार पड़े है
गल में हार पड़े है
हमारे श्याम आज दूल्हा बने हैं।।
अधर श्याम के पान की लाली
अधर श्याम के पान की लाली
होठों पे मुरली धरे है
होठों पे मुरली धरे है
हमारे श्याम आज दूल्हा बने हैं।।
‘चित्र-विचित्र’ मिल गावे बधाई
‘चित्र-विचित्र’ मिल गावे बधाई
बंदन वार सजे है
बंदन वार सजे है
हमारे श्याम आज दूल्हा बने हैं।।
हमारे श्याम आज दूल्हा बने है
दूल्हा बने है बनड़ा बने है
हमारे श्याम आज दूल्हा बने हैं।।
मैं नन्दलाल ना भुलाउंगी राणा मारो या छोड़ो भजन लिरिक्स

मैं नन्दलाल ना भुलाउंगी
राणा मारो या छोड़ो
मारो या छोड़ो राणा
मारो या छोड़ो
श्याम का नाम ना भुलाउँगी
राणा मारो या छोड़ो।।
पहला प्याला जहर का जो आया
पहला प्याला जहर का जो आया
अमृत समझ मैंने कंठ लगाया
अमृत समझ मैंने कंठ लगाया
कैसे यूँ ही मर जाउंगी
राणा मारो या छोड़ो
मैं नन्दलाल ना भुलाउँगी
राणा मारो या छोड़ो।।
दूजा पिटारा जो नागो का आया
दूजा पिटारा जो नागो का आया
शालिग्राम जी का दर्शन पाया
शालिग्राम जी का दर्शन पाया
ऐसी झांकी कहाँ पाऊँगी
राणा मारो या छोड़ो
मैं नन्दलाल ना भुलाउँगी
राणा मारो या छोड़ो।।
तीजी जो शूलों की सेज बिछाई
तीजी जो शूलों की सेज बिछाई
फूलों की खुशबु मेरे मन को भाई
फूलों की खुशबु मेरे मन को भाई
फिर क्यों ना सेज सो जाउंगी
राणा मारो या छोड़ो
मैं नन्दलाल ना भुलाउँगी
राणा मारो या छोड़ो।।
चौथे चिता में जो मुझको बिठाया
चौथे चिता में जो मुझको बिठाया
गिरधर ने मुझको अमर बनाया
गिरधर ने मुझको अमर बनाया
ऐसी गोदी का सुख पाऊँगी
राणा मारो या छोड़ो
मैं नन्दलाल ना भुलाउँगी
राणा मारो या छोड़ो।।
मैं नन्दलाल ना भुलाउंगी
राणा मारो या छोड़ो
मारो या छोड़ो राणा
मारो या छोड़ो
श्याम का नाम ना भुलाउँगी
राणा मारो या छोड़ो।।
श्यामा जू की पायल के घुँघरू नृत्य करत में बिखर गए लिरिक्स

श्यामा जू की पायल के घुँघरू
नृत्य करत में बिखर गए
प्यारी जू की पायल के घुँघरू
नृत्य करत में बिखर गए।।
नव निकुञ्ज में नृत्य करे दोऊ
प्रीतम संग श्यामा प्यारी
अद्भुत छवि है नित्त रास की
जाए सखी सब बलहारी
टूटी पायल बिखरे घुंघरू
घुंघरू बिखर के किधर गये
प्यारी जू की पायल के घुँघरू
नृत्य करत में बिखर गए।।
मन मोहन मन में मलिन अति
व्याकुलता भारी छाई
शब्द सुने नहीं नूपुर के कही
श्यामा जु अति अकुलाई
गए किधर अनमोल ये घुंगरू
इधर गये के उधर गये
प्यारी जू की पायल के घुँघरू
नृत्य करत में बिखर गए।।
श्री ललिता जू सखी सहचरी
ढूंढ रही मिलकर घुंगरू
सुनी पायल बिन घुंगरू के
पग में बंधे नहीं घुंगरू
कैसे बजे वो घुँघरू बंधकर
पायल से कैसे उतर गए
प्यारी जू की पायल के घुँघरू
नृत्य करत में बिखर गए।।
कभी निधिवन कभी सेवाकुंज में
ढूंढ रही यमुना तट पर
श्री हरिदासी जु ढूंढ के लाइ
घुंघरू मिले बंशीवट पर
बंधे घुँघरू और बाजी पायल
पागल के सुख उभर गए
प्यारी जू की पायल के घुँघरू
नृत्य करत में बिखर गए।।
श्यामा जू की पायल के घुँघरू
नृत्य करत में बिखर गए
प्यारी जू की पायल के घुँघरू
नृत्य करत में बिखर गए।।
आई पूनम की रात बड़े भागन से शरद पूर्णिमा भजन लिरिक्स

आई पूनम की रात बड़े भागन से
आज होगी मुलाकात मेरी साजन से
आयी पूनम की रात बड़े भागन से।।
फिर से बाजेगी उनकी मुरलिया
छम छम छनकेगी पाँव में पायलिया
होगी मधुर मधुर बात बड़े भागन से
आज होगी मुलाकात मेरी साजन से
आयी पूनम की रात बड़े भागन से।।
आई मिलन की स्वर्णिम बेला
अजर अमर मेरा पिया अलबेला
मिली प्रेम की सौगात बड़े भागन से
आज होगी मुलाकात मेरी साजन से
आयी पूनम की रात बड़े भागन से।।
मोतियन मांग सजाऊंगी सजनी
आई आई रे सखी शरद की रजनी
तान बंसी बजात बड़े भागन से
आज होगी मुलाकात मेरी साजन से
आयी पूनम की रात बड़े भागन से।।
महका मधुबन खिल गई कलियाँ
सज गई ‘चित्र विचित्र’ सब अलियाँ
आज पकड़ेंगे हाथ बड़े भागन से
आज होगी मुलाकात मेरी साजन से
आयी पूनम की रात बड़े भागन से।।
आई पूनम की रात बड़े भागन से
आज होगी मुलाकात मेरी साजन से
आयी पूनम की रात बड़े भागन से।।
थे तो आरोगो नी मदन गोपाल कटोरो ल्याई दूध को भरो लिरिक्स

थे तो आरोगो नी मदन गोपाल
कटोरो ल्याई दूध को भरो।।
दूदाजी म्हने दई बुलावण
जद मैं आई चाल
धोली गाय को दूध गरम कर
ल्याई मिसरी डाल
क्याने रूठ गया मेड़तिया भगवान
कटोरो ल्याई दूध को भरो।।
किस विध रूठ गया छो बाला
कारण काह महाराज
दूध कटोरो धरयो सामने
पीवण री काई लाज
भूखा मरता रा पिच ज्यासी थारा गाल
कटोरो ल्याई दूध को भरो।।
श्याम सलौने दूध आरोगो
साची बात बताऊँ
विना पियां यो दूध कटोरो
पाछी लेर न जाऊँ
देस्यूं सांवरिया चरणां में देह त्याग
कटोरो ल्याई दूध को भरो।।
करुणा सुन डरिया प्रभु जी
मन्द मन्द मुसकात
गट गट दूध पिवण ने लाग्या
चारभुजा रा नाथ
प्रभु राखोजी भक्तों री जाती लाज
कटोरो ल्याई दूध को भरो।।
हरष चली मीरा महला में
खाली कटोरो लेय
दूध प्याय दादा दूदा ने
दियो कटोरो देय
खाली देखत ही कटोरो राव रिषाय
कटोरो ल्याई दूध को भरो।।
अब मीरा पर आफत आई
झूठी साँची कहिवे
साचत दूध पियो प्रभुजी ने
कौन गवाही देवे
थाने नजरां सूं दिखाऊँ चालो साथ
कटोरो ल्याई दूध को भरो।।
भरयो कटोरो लेय सब मिल
ले मीरा न सागे
सारां देखत दूध कटोरो
धरयो प्रभुजी के आगे
मीरा ऊबी-ऊबी करे अरदास
कटोरो ल्याई दूध को भरो।।
दया करो दीनों के स्वामी
अब पत राखो म्हारी
काल कटोरो झटके पी गया
अब क्यों करते देरी
काँई शरमाया मीरा का सरजनहार
कटोरो ल्याई दूध को भरो।।
सुनी प्रेम की टेर प्रभुजी
मन्द-मन्द मुस्काया
मीरा दासी जान दयानिधि
च्यारूँ हाथ बढाया
पी गया मीरा को कटोरो दूध उठाय
कटोरो ल्याई दूध को भरो।।
मीरा नृत्य करे प्रभु के आगे
हरख्यो सारो साथ
भक्तो के वश में गिरधारी
चार भुजा रो नाथ
प्यारो लागे जी मेड़तियो भगवान
कटोरो ल्याई दूध को भरो।।
थे तो आरोगो नी मदन गोपाल
कटोरो ल्याई दूध को भरो।।
खुल गया बैंक राधा रानी के नाम का लिरिक्स : Khul Gaya Bank Radha Rani Ke Naam Ka Lyrics

खुल गया बैंक राधा
रानी के नाम का
बैठा बनके मैनेजर
कान्हा नंदगांव का
बैठा बनके मैनेजर
कान्हा नंदगांव का।।
खाता खुलवाने में भक्तो
लगता ना कोई खर्चा
लगता ना कोई खर्चा
देर करो ना जल्दी आके
भर लो अपना परचा
भर लो अपना परचा
घाटे का नहीं है सौदा
खाता बड़े काम का
बैठा बनके मैनेजर
कान्हा नंदगांव का
बैठा बनके मैनेजर
कान्हा नंदगांव का।।
कान्हा के संग अपनी सेटिंग
है पुरे जीवन की
है पुरे जीवन की
बिना कमीशन लोन करा लो
बात नहीं टेंशन की
बात नहीं टेंशन की
प्रॉफिट ही प्रॉफिट मिलता
लॉस नहीं काम काम
बैठा बनके मैनेजर
कान्हा नंदगांव का
बैठा बनके मैनेजर
कान्हा नंदगांव का।।
सेविंग खाता तुम खुलवाओ
या खुलवाओ करंट
या खुलवाओ करंट
चक्रवृद्धि इंटरेस्ट मिलेगा
हरपल तुम्हे अर्जेन्ट
हरपल तुम्हे अर्जेन्ट
एटीएम कार्ड मिलेगा
तुम्हे राधा नाम का
बैठा बनके मैनेजर
कान्हा नंदगांव का
बैठा बनके मैनेजर
कान्हा नंदगांव का।।
राधा नाम के बैंक प्रचारक
बन गए ‘चित्र-विचित्र’
बन गए ‘चित्र-विचित्र’
हर खाते पे मिले कमीशन
राधा नाम पवित्र
राधा नाम पवित्र
पागलपन मुफ्त मिलेगा
तुम्हे ब्रजधाम का
बैठा बनके मैनेजर
कान्हा नंदगांव का
बैठा बनके मैनेजर
कान्हा नंदगांव का।।
खुल गया बैंक राधा
रानी के नाम का
बैठा बनके मैनेजर
कान्हा नंदगांव का
बैठा बनके मैनेजर
कान्हा नंदगांव का।।
हे मुरलीधर छलिया मोहन हम भी तुमको दिल दे बैठे लिरिक्स : He Murli Dhar Chhaliya Mohan Lyrics

हे मुरलीधर छलिया मोहन
हम भी तुमको दिल दे बैठे
गम पहले से ही कम तो ना थे
एक और मुसीबत ले बैठे
हे मुरलिधर छलिया मोहन
हम भी तुमको दिल दे बैठे।।
दिल कहता है तुम सुन्दर हो
आँखे कहती है दिखलाओ
तुम मिलते नही हो आकर के
हम कैसे कहे देखो ये बैठे
हे मुरलिधर छलिया मोहन
हम भी तुमको दिल दे बैठे।।
महिमा सुनके हैरान है हम
तुम मिल जाओ तो चैन मिले
मन खोज के भी तुम्हे पाता नही
तुम हो की उसी मन में बैठे
हे मुरलिधर छलिया मोहन
हम भी तुमको दिल दे बैठे।।
राजेश्वर राजाराम तुम्ही
प्रभु योगेशेवर घनश्याम तुम्ही
धनुधारी बने कभी मुरली बजा
यमुना तट निज जन में बैठे
हे मुरलिधर छलिया मोहन
हम भी तुमको दिल दे बैठे।।
हे मुरलीधर छलिया मोहन
हम भी तुमको दिल दे बैठे
गम पहले से ही कम तो ना थे
एक और मुसीबत ले बैठे
हे मुरलिधर छलिया मोहन
हम भी तुमको दिल दे बैठे।।
मेनू अपना बनाया तेरी मेहरबानियाँ भजन लिरिक्स

मेनू अपना बनाया
तेरी मेहरबानियाँ
मेनू चरणी लगाया
तेरी मेहरबानियाँ
मेहरबानियाँ तेरी मेहरबानियाँ
मेहरबानियाँ तेरी मेहरबानियाँ
मेनु अपना बनाया
तेरी मेहरबानियाँ।।
प्याला प्रेम वाला
जदो दा पिलाया ऐ
इना आँखा विच
तू ही ओ समाया है
रंग अपना चढ़ाया
तेरी मेहरबानियाँ
मेनु अपना बनाया
तेरी मेहरबानियाँ।।
झूठे जग तो किनारा
असि कित्ता ऐ
जदो मिल गया
सच्चा मन मीता ऐ
मेनू जग तो छुड़ाया
तेरी मेहरबानियाँ
मेनु अपना बनाया
तेरी मेहरबानियाँ।।
मन ले ‘चित्रविचित्र’
दा केहना ऐ
बण के पागल तेरे
चरणा विच रहना है
मेनू वृन्दावन बसाया
तेरी मेहरबानियाँ
मेनु अपना बनाया
तेरी मेहरबानियाँ।।
मेनू अपना बनाया
तेरी मेहरबानियाँ
मेनू चरणी लगाया
तेरी मेहरबानियाँ
मेहरबानियाँ तेरी मेहरबानियाँ
मेहरबानियाँ तेरी मेहरबानियाँ
मेनु अपना बनाया
तेरी मेहरबानियाँ।।
लाड़ली श्यामा किशोरी हमारी है भजन लिरिक्स

लाड़ली श्यामा किशोरी हमारी है
भोरी भारी अतिसुकुमारी प्यारी है
लाडली श्यामा किशोरी हमारी है।।
तीनो लोको पे है इनकी नजरेकरम
तीनो लोको पे है इनकी नजरेकरम
ये ही एक किरपा बरसाने वारी है
ये ही एक किरपा बरसाने वारी है
भोरी भारी अतिसुकुमारी प्यारी है
लाडली श्यामा किशोरी हमारी है।।
श्रष्टि का कण कण अधीन है श्यामा का
श्रष्टि का कण कण अधीन है श्यामा का
श्याम सुन्दर भी इन्ही के पुजारी है
श्याम सुन्दर भी इन्ही के पुजारी है
भोरी भारी अतिसुकुमारी प्यारी है
लाडली श्यामा किशोरी हमारी है।।
प्रेम ममता और करुणा की खान है
प्रेम ममता और करुणा की खान है
लाड़ली मेरी प्रेमाअवतारी है
लाड़ली मेरी प्रेमाअवतारी है
भोरी भारी अतिसुकुमारी प्यारी है
लाडली श्यामा किशोरी हमारी है।।
पल में ‘चित्र विचित्र’ को दिया आसरा
पल में ‘चित्र विचित्र’ को दिया आसरा
इनकी किरपा पे सदा बलिहारी है
इनकी किरपा पे सदा बलिहारी है
भोरी भारी अतिसुकुमारी प्यारी है
लाडली श्यामा किशोरी हमारी है।।
लाड़ली श्यामा किशोरी हमारी है
भोरी भारी अतिसुकुमारी प्यारी है
लाडली श्यामा किशोरी हमारी है।।
थाम लो मैं बिखर जाऊंगा मैं बिखर के किधर जाऊंगा लिरिक्स

थाम लो मैं बिखर जाऊंगा
मैं बिखर के किधर जाऊंगा।।
मुझको कोई शिकायत नही
तेरे बिन मुझको राहत नही
इश्क़ की हद गुजर जाऊंगा
मैं बिखर के किधर जाऊंगा
थामलों मैं बिखर जाऊंगा
मैं बिखर के किधर जाऊंगा।।
लागी तुमको पाने की लगन
रहूं हर पल तुम्ही में मगन
तुम जहाँ हो उधर जाऊंगा
मैं बिखर के किधर जाऊंगा
थामलों मैं बिखर जाऊंगा
मैं बिखर के किधर जाऊंगा।।
तुम हो ‘चित्र विचित्र’ के सजन
सूना सूना है तुम बिन जीवन
तुमको पाके संवर जाऊंगा
मैं बिखर के किधर जाऊंगा
थामलों मैं बिखर जाऊंगा
मैं बिखर के किधर जाऊंगा।।
मुझको ऐसे ना यूँ छोड़िए
मुख अपना ना यूँ मोड़िए
ना मिले तो मैं मर जाऊंगा
मैं बिखर के किधर जाऊंगा
थामलों मैं बिखर जाऊंगा
मैं बिखर के किधर जाऊंगा।।
थाम लो मैं बिखर जाऊंगा
मैं बिखर के किधर जाऊंगा।।
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