तोरण और मिजमानी के गीत / 1 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Toran Aur Mizmani Ke Geet 1 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics

गीत तोरण पर घोड़ी पूजने का

सासू निरख-निरख जंवाई ए, पछे देली ओलमा।
म्हारो हीरो सरीखो जंवाई आयो पावंणा।
काका निरख-निरख जंवाई ए पछे देली ओलमा।
म्हारो सरस सरीखो जंवाई ए पछे देली ओलमा।
मामी निरख-निरख जंवाई ए पछे देली ओलमा।
म्हारो हीरो सरीखो जंवाई आयो पांवणा।
भाभी निरख-निरख जंवाई ए पछे देली ओलमा।
म्हारो सरस सरीखो जंवाई ए पछे देली ओलमा। 



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