तोरण और मिजमानी के गीत / 2 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Toran Aur Mizmani Ke Geet 2 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics

गीत तोरण का

क्या देरदार है घोड़ी खड़ी दरवाजे करती इंतजार है।
दादा बाराती सज रहे बरात जायेगी ताऊजी बराती सज रहे।
बारात जायेगी दादी रानी जी वारे मोती हजार के।
ताई रानी जी वारे मोती हजार के। घोड़ी खड़ी दरवाजे करती इंतजार है।
घोड़ी चलके आई है बनड़ी के द्वार पे।
सासू निरखे जंवाई न देख कर। घोड़ी खड़ी दरवाजे करती इंतजार है। 



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