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जुवा-जुवी खेलने का गीत / 2 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Jua-Juvi Khelne Ka Geet 2 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics

राया को जीत्यो रे, डेड़ा की हारी रे।
डेड़ा की जीती रे, राया को हारी रे।
नोट- इसी तरह इन लाइनों को सात-सात बार गाएं।



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