बन्नी सुहाग मांगन चाली अपनी दादी रे दरबार,
ताई रे दरबार, मम्मी रे दरबार
दादी दे ओ जी सुहाग, बालक बनड़ी ने सुहाग,
पीहर प्यारी ने सुहाग, बालक बनड़ी ने सुहाग,
ऐ मां मै क्या जाणूं कामण, ऐसा घुल लाग्या,
कामण लाग्या हो राइवर, कामण लाग्या हो।
सूरजमल, इन्दली बिन्दली से घुल लाग्या,
काजल टीकी से घुल लाग्या, नैन मजीठी,
से घुल लाग्या, मेहंदी से घुल लाग्या।
हे मां मैं क्या जाणूं कामण ऐसा घुल लाग्या।
घूमर गीत राजस्थानी लोकगीत लिरिक्स हिंदी ओ म्हारी घूमर छे नखराळी ऐ माँ घूमर रमवा म्हें जास्याँ ओ राजरी घूमर रमवा म्हें जास्याँ ओ म्हाने रमता ने काजळ टिकी लादयो ऐ माँ घूमर रमवा म्हें जास्याँ ओ राजरी घूमर रमवा म्हें जास्याँ ओ म्हाने रमता ने लाडूङो लादयो ऐ माँ घूमर रमवा म्हें जास्याँ ओ राजरी घूमर रमवा म्हें जास्याँ ओ म्हाने परदेशियाँ मत दीजो रे माँ घूमर रमवा म्हें जास्याँ ओ राजरी घूमर रमवा म्हें जास्याँ ओ म्हाने राठोडा रे घर भल दीजो ऐ माँ घूमर रमवा म्हें जास्याँ ओ राजरी घूमर रमवा म्हें जास्यां ओ म्हाने राठोडा री बोली प्यारी लागे ऐ माँ घूमर रमवा म्हें जास्याँ ओ राजरी घूमर रमवा म्हें जास्यां ओ म्हारी घूमर छे नखराळी ऐ माँ घूमर रमवा म्हें जास्याँ ... इण लहेरिये रा नौ सौ रुपया रोकड़ा सा राजस्थानी लोकगीत लिरिक्स हिंदी इण लहेरिये रा नौ सौ रुपया रोकड़ा सा म्हाने ल्याईदो नी बादिला ढोला लहेरियो सा म्हाने ल्याईदो नी बाईसा रा बीरा लहेरियो सा म्हाने ल्याईदो ल्याईदो ल्याईदो ढोलालहेरियो सा म्हाने ल्याईदो नी बादिला ढोला लहेरियो सा म्हारा सुसराजी तो दिल्ली रा राजवी सा म्हारा सासूजी ...
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