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फेरों-कन्यादान का गीत / 6 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Feron Kanyadan Ka Geet 6 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics

चंवरी का गीत

रतना घर चवर्या सिग चढ़, इण चवर्याम शिवजी पधार्या।
बाई पारबती रा भरतार।
रतना घर चवर्या सिग चढ़, इण चवर्याम गजानंदजी पधार्या।
बाई रिद्ध सिद्ध रा भरतार।

नोट- इसी प्रकार बेटी जंवाई का नाम लें।




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