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प्रार्थना: हे शारदे माँ | He Sharade Maa Lyrics in Hindi

शारदे माँ, हे शारदे माँ

हे शारदे माँ, हे शारदे माँ

अज्ञानता से हमें तारदे माँ, हे शारदे माँ॥

हे शारदे माँ, हे शारदे माँ

हे शारदे माँ, हे शारदे माँ

अज्ञानता से हमें तार दे माँ हे शारदे माँ॥

तू स्वर की देवी, ये संगीत तुझसे

हर शब्द तेरा है, हर गीत तुझसे

हम है अकेले, हम है अधूरे

तेरी शरण हम, हमें प्यार दे माँ

हे शारदे माँ, हे शारदे माँ

अज्ञानता से हमें तार दे माँ॥

मुनियों ने समझी, गुणियों ने जानी

वेदों की भाषा, पुराणों की बानी

हम भी तो समझे, हम भी तो जाने

विद्या का हमको अधिकार दे माँ

हे शारदे माँ, हे शारदे माँ

अज्ञानता से हमें तार दे माँ॥

तू श्वेतवर्णी, कमल पर विराजे

हाथों में वीणा, मुकुट सर पे साजे

मन से हमारे मिटाके अँधेरे

हमको उजालों का संसार दे माँ

हे शारदे माँ, हे शारदे माँ

अज्ञानता से हमें तार दे माँ॥

शारदे माँ, हे शारदे माँ

अज्ञानता से हमें तार दे माँ

हे शारदे माँ, हे शारदे माँ

हे शारदे माँ, हे शारदे माँ॥

हे हंस वाहिनी ज्ञान दायिनी

हे हंसवाहिनी ज्ञान दायिनी

हे हंस वाहिनी ज्ञान दायिनी

अम्ब विमल मति दे

अम्ब विमल मति दे

हे हंसवाहिनी ज्ञान दायिनी

अम्ब विमल मति दे

अम्ब विमल मति दे

जग सिरमौर बनाएँ भारत

वह बल विक्रम दे

वह बल विक्रम दे

हे हंसवाहिनी ज्ञान दायिनी

अम्ब विमल मति दे

अम्ब विमल मति दे

साहस शील हृदय में भर दे

जीवन त्याग-तपोमय कर दे

साहस शील हृदय में भर दे

जीवन त्याग-तपोमय कर दे

संयम सत्य स्नेह का वर दे

स्वाभिमान भर दे

संयम सत्य स्नेह का वर दे

स्वाभिमान भर दे।

हे हंसवाहिनी ज्ञान दायिनी

अम्ब विमल मति दे

अम्ब विमल मति दे

लव-कुश ध्रुव प्रहलाद बनें हम

मानवता का त्रास हरें हम

लव-कुश ध्रुव प्रहलाद बनें हम

मानवता का त्रास हरें हम

सीता सावित्री दुर्गा मां

फिर घर-घर भर दे

सीता सावित्री दुर्गा मां

फिर घर-घर भर दे।

हे हंसवाहिनी ज्ञान दायिनी

अम्ब विमल मति दे

अम्ब विमल मति दे

अम्ब विमल मति दे

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