गणेश जी निमंत्रण के गीत / 6 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Ganesh Ji Nimantran Ke Geet 6 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics

चालो बिनायक आपा बजाजा र चाला, पीला मुलावशा ओ राज
ओ राज म्हारा बिरद बिनायक।
सुंड सुंडालो बाबो धंुध धुंद्यालो, ओ छी सी पींडया कामण गारा,
ओ राज म्हारा बिरद बिनायक।
मखमल री टोपी बाबा जरकस जामा, बुढ़ारा बालक होय आई ज्यो,
ओ राज म्हारा बिरद बिनायक।
चालो बिनायक आपा सोनीडारा चाला, चोखा चोखा गेणा घड़ावा,
ओ राज म्हारा बिरद बिनायक।
चालो बिनायक आपा कंदोई र चाला, घेवर मुलाबाना न,
ओ राज म्हारा बिरद बिनायक।
चालो बिनायक आपा बजाजा र चाला, पीला मुलावशा ओ राज
चालो बिनायक आपा चिरोई र चाला, चुड़ला चिरावा ओ राज
चालो बिनायक आपा तंबोली र चाला, बिड़ला मुलावशा ओ राज
चालो बिनायक आपा खातीड़ा र चाला, ढोल्या मुलावशा ओ राज
चालो बिनायक आपा सजना र चाला, बनणी परणीजा,
ओ राज म्हारा बिरद बिनायक।

गणेश जी निमंत्रण के गीत / 1 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Ganesh Ji Nimantran Ke Geet 1 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics







टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Rajasthani Lokgeet Lyrics in Hindi राजस्थानी लोकगीत लिरिक्स

बुन्देली गारी गीत लोकगीत लिरिक्स Bundeli Gali Geet Lokgeet Lyrics

कुमार विश्वास की कविताएँ | Kumar Vishwas Kavita – कोई दीवाना कहता है