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गणेश जी निमंत्रण के गीत / 3 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Ganesh Ji Nimantran Ke Geet 3 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics

आज बिंदायक दादाजी घर नोत्यो।
आज गजानंद बाबाजी घर नेत्यो।
दाद्या मायां न्योत जिमाओ जी बिंदायक।
किला रै छाजै नौबत बाजै, नौबत बाजे नगाड़ा भी बाजै।
तो रणत भंवर गरणायौ औ बिंदायक।
किला रै छाजै नौबत बाजै, नौबत बाजे नगाड़ा भी बाजै।
आज बिंदायक काका जी रो नोत्यो।
आज बिंदायक बीरा जी रो नोत्यो।
काकियां-भाभियां न्योत जिमाओ जी बिंदायक।
किला रै छाजै नौबत बाजे, नौबत बाजे नगाड़ा भी बाजै।
तो रणत भंवर गरणायौ औ बिंदायक।
किला रै छाजै नौबत बाजै, नौबत बाजे नगाड़ा भी बाजै।
आज बिंदायक नाना जी रो नोत्यो।
नानियां-मामियां न्योत जिमाओ जी बिंदायक।
किला रै छाजै नौबत बाजे, नौबत बाजे नगाड़ा भी बाजै।
तो रण भंवर गरणायौ औ बिंदायक।
किला रै छाजै नौबत बाजै, नौबत बाजे नगाड़ा भी बाजै।
आज बिंदायक फूफाजी रो नोत्यो।
आज गजानंद जीजारी रो नोत्यो।
भूवा-बहना न्योत जिमाओ जी बिंदायक।
किला रै छाजै नौबत बाजै, नौबत बाजे नगाड़ा भी बाजै।
तो रणत भंवर गरणायौ औ बिंदायक।
किला रै छाजै नौबत बाजै, नौबत बाजे नगाड़ा भी बाजै।

गणेश जी निमंत्रण के गीत / 1 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Ganesh Ji Nimantran Ke Geet 1 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics






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