माधव कत तोर / Madhav kat tor Vidyapati

माधव ,कत तोर करब बड़ाई
उपमा तोहर कहब ककरा हम कहितहु अधिक लजाई .
जौं श्रीखंड सौरभ अति दुर्लभ तौं पुनि काठ कठोर .
जौं जगदीस निसाकर तौं पुनि एकहिं पच्छ उजोर .
मनि समान औरो नहि दोसर तिनकर पाथर नाम .
कनक कदलि छोट लज्जित भय रह की कहु ठामहि ठाम.
तोहर सरिस एक तोंहे माधव मन होंइछ अनुमान .
सज्जन जन सों नेह कठिन थिक कवि विद्यापति भान.

यहाँ पढ़ें – विद्यापति का साहित्य / जीवन परिचय एवं अन्य रचनाएं
 

 

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