कविता, कहानी, ग़ज़ल - शायरी, गीत -लोकगीत, दोहे, भजन, हास्य - व्यंग्य, भजन आरती चालीसा प्रार्थना और एवं अन्य रचनाएं साहित्य के भंडार से

सखी हम जीबन कोना कटबई / Sakhi ham jeeban kona katbai Vidyapati

सखी हम जीबन कोना कटबई
अयलाह से काल्हिये जेताह
नै साहब कान्हि सँ टिकुली
नै पहिरब चुड़ी ने बिजली
भमर सन केस अछि हमरो
सेहो बिनु तेल के रखबई
सखी हम जीबन कोना कटबई
अयलाह से काल्हिये जेताह
जहन चल अंग मे भुषण
तहन भ हम लेपबई
चमेली तेल के बदला
रुक्ख भ हम लेपबई
जखन अंगुली के आठो पर
गनै छलियई पीया अपोता
तहन माला के गोरी पर
पीया के नाम हम रटबई
जहन दिन-राति पलंगिया पर
पीया संग केलि हम केलयै
तहन बीरहा के बेदन में
पीया के नाम हम रटबई
सखी हम जीबन कोना कटबई
अयलाहे हो काल्हिये जेताह…..

यहाँ पढ़ें – विद्यापति का साहित्य / जीवन परिचय एवं अन्य रचनाएं
 

 

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

Popular Posts

Categories

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *