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छत्तीसगढ़ी लोकगीत गीत मिश्रित Chhatisgarhi Geet Lokgeet Lyrics Misc.Part Two

 कान्हा के होली / छत्तीसगढ़ी

रंग बगरे हे बिरिज धाम मा
कान्हा खेले रे होली
वृन्दावन ले आये हवे
गोली ग्वाल के टोली
कनिहा में खोचे बंसी
मोर मुकुट लगाये
यही यशोदा मैया के
किशन कन्हैया आए
आघू आघू कान्हा रेंगे
पाछु ग्वाल गोपाल
हाथ में धरे पिचकारी
फेके रंग गुलाल
रंग बगरे हे ...
दूध दही के मटकी मा
घोरे रहे भांग
बिरिया पान सजाये के
खोचे रहे लवांग
ढोल नंगाडा बाजे रे
फागुन के मस्ती
होगे रंगा-रंग सबो
गाँव गली बस्ती
 रंग बगरे हे ...
गोपी ग्वाल सब नाचे रे
गावन लगे फाग
जोरा जोरी मच जाहे
कहूँ डगर तैं भाग
ग्वाल बाल के धींगा मस्ती
होली के हुड्दंग
धानी चुनरी राधा के
होगे रे बदरंग
 रंग बगरे हे ...
करिया बिलवा कान्हा के
गाल रंगे हे लाल
गली गली माँ धुमय वो
मचाये हवे धमाल
रास्ता छेके कान्हा रे
रंग गुलाल लगाये
एती ओती भागे राधा
कैसन ले बचाए
रंग बगरे हे ...
आबे आबे कान्हा तैं
मोर अंगना दुवारी
फागुन के महिना मा
होली खेले के दारी
छत्तीसगढ़िया मनखे हमन
यही हमार चिन्हारी
तोर संग होली खेले के
आज हमार हे बारी
रंग बगरे हे ...


का तै मोला मोहनी डार दिये गोंदा फूल /छत्तीसगढ़ी

का तै
का तै मोला मोहनी डार दिये गोंदा फूल
का तै मोला मोहनी डार दिये ना
का तै मोला मोहनी डार दिये गोंदा फूल
का तै मोला मोहनी डार दिये ना
रूपे के रुखुवा मा चड़ गिए तेहां
रूपे के रुखुवा मा चड़ गिए तेहां
मोर मनके मंदरस ला झार दिये ना
मोर मनके मंदरस ला झार दिये ना
मोर मनके मंदरस ला झार दिये गोंदा फूल
का तै
का तै मोला मोहनी डार दिये गोंदा फूल
का तै मोला मोहनी डार दिये ना
उल्हवा पाना कस कवला करेजा
उल्हवा पाना कस कवला करेजा
भूंज डारे तेला बघार दिये ना
भूंज डारे तेला बघार दिये ना
भूंज डारे तेला बघार दिये गोंदा फूल
का तै
का तै मोला मोहनी डार दिये गोंदा फूल
का तै मोला मोहनी डार दिये ना
तोर होगे आती अउ मोर होगे जाती
तोर होगे आती अउ मोर होगे जाती
रेंगते रेंगत आँखी मार दिये ना
रेंगते रेंगत आँखी मार दिये ना
रेंगते रेंगत आँखी मार दिये गोंदा फूल
का तै
का तै मोला मोहनी डार दिये गोंदा फूल
का तै मोला मोहनी डार दिये ना
का तै मोला मोहनी डार दिये गोंदा फूल
का तै मोला मोहनी डार दिये ना
का तै मोला मोहनी डार दिये गोंदा फूल
का तै मोला मोहनी डार दिये ना
का तै मोला मोहनी डार दिये गोंदा फूल
का तै मोला मोहनी डार दिये ना

काबर समाये रे मोर / छत्तीसगढ़ी

काबर समाये रे मोर, बैरी नैना मा
काबर समाये रे मोर, बैरी नैना मा
झूलत रहिथे तोरे चेहरा
ए हिरदे के अएना मा
काबर समाये रे मोर, बैरी नैना मा
काबर समाये रे मोर, बैरी नैना मा

अपने अपन मोला हांसी आथे
सुरता मा तोर रोवासी आथे

अपने अपन मोला हांसी आथे
सुरता मा तोर रोवासी आथे
का जादू डारे
ए~ ए~ रे टोनहा तैं
ए पिंजरा के मैंना मा
काबर समाये रे मोर, बैरी नैना मा
काबर समाये रे मोर, बैरी नैना मा

आथे घटा करिया घनघोर
झूमर जाथे मंजूर मन मोर

आथे घटा करिया घनघोर
झूमर जाथे मंजूर मन मोर
पुरवईया असन
आ~ आ~ आजे संगी
पानी हो के रैना मा
काबर समाये रे मोर, बैरी नैना मा
काबर समाये रे मोर, बैरी नैना मा

का होगे मोला तोर गीत गा के
नाचे के मन होथे

काम बुता मा मन नइ लागे
धकर धकर तन होथे
आके कुछु कहिते
ए~ ए~ ए संगवारी
मया के बोली बैना मा
काबर समाये रे मोर, बैरी नैना मा
काबर समाये रे मोर, बैरी नैना मा
झूलत रहिथे तोरे चेहरा
ए हिरदे के अएना मा
काबर समाये रे मोर, बैरी नैना मा
काबर समाये रे मोर, बैरी नैना मा

खोपा पारे पाटी मारे / छत्तीसगढ़ी

खोपा पारे पाटी मारे टुरी रंग-रेली
खोपा पारे पाटी मारे टुरी रंग-रेली
छुनुर छुनुर पैरी~~ हो
छुनुर छुनुर पैरी बाजे गली गली देखे
खोपा पारे पाटी मारे टुरी रंग-रेली
खोपा पारे पाटी मारे टुरी रंग-रेली

रद्दा ल रेंगे खोरे ल डहके
रद्दा ल रेंगे खोरे ल डहके
गोरी खोचें है करौंदा गली म महके देखे

खोपा पारे पाटी मारे टुरी रंग-रेली
खोपा पारे पाटी मारे टुरी रंग-रेली
छुनुर छुनुर पैरी~~ हो
छुनुर छुनुर पैरी बाजे गली गली देखे
खोपा पारे पाटी मारे टुरी रंग-रेली
खोपा पारे पाटी मारे टुरी रंग-रेली

चंदा ऊबे अउ चंदैनी छिटके
चंदा ऊबे अउ चंदैनी छिटके
तोर कनिहा ले चुंदी नागिन लटके-रे देखे
खोपा पारे पाटी मारे टुरी रंग-रेली
खोपा पारे पाटी मारे टुरी रंग-रेली

पहिने ल लुगरा देखे ल दरपन
पहिने ल लुगरा देखे ल दरपन
तोला खुल के बिराजे चांदी के करधन देखे

खोपा पारे पाटी मारे टुरी रंग-रेली
खोपा पारे पाटी मारे टुरी रंग-रेली
छुनुर छुनुर पैरी~~ हो
छुनुर छुनुर पैरी बाजे गली गली देखे
खोपा पारे पाटी मारे टुरी रंग-रेली
खोपा पारे पाटी मारे टुरी रंग-रेली

खुनुर खुनुर सुर में बाजे / छत्तीसगढ़ी

खुनुर खुनुर~
खुनुर खुनुर सुर में बाजे
चुटकी चटक बोले रे बैरी पैरी ल
छी
बैरी पैरी ल चिटको सरम नइ लागे
पैरी ल चिटको सरम नइ लागे
खुनुर खुनुर~

रुनझुन रुनझुन सुनगुन सुनगुन
थिरक थिरक के बोले
थिरक थिरक के बोले
रुनझुन रुनझुन सुनगुन सुनगुन
थिरक थिरक के बोले
थिरक थिरक के बोले
मांदर थाप थाप सुन नाचे
मांदर थाप
मांदर थाप थाप सुन नाचे
नवरस नवरंग घोले रे बैरी पैरी ल
छी
बैरी पैरी ल चिटको सरम नइ लागे
पैरी ल चिटको सरम नइ लागे
खुनुर खुनुर~

कैसन हे तोर सांचा खांचा
कैसन हे सिरजैया
कैसन हे सिरजैया
कैसन हे तोर सांचा खांचा
कैसन हे सिरजैया
कैसन हे सिरजैया
चाल चलत कनिहा मटके सखि
चाल चलत
चाल चलत कनिहा मटके सखि
ताना मारे ठोले रे बैरी पैरी ल
छी
बैरी पैरी ल चिटको सरम नइ लागे
पैरी ल चिटको सरम नइ लागे
खुनुर खुनुर~

सुर के बही धनी सुर बैहा
सुर के सुर म बोले
सुर के सुर म बोले
सुर के बही धनी सुर बैहा
सुर के सुर म बोले
सुर के सुर म बोले
अवघट घाट-बाट नइ चिन्हे
अवघट
अवघट घाट-बाट नइ चिन्हे
संग संगवारी डोले रे बैरी पैरी ल
छी
बैरी पैरी ल चिटको सरम नइ लागे
पैरी ल चिटको सरम नइ लागे
खुनुर खुनुर~
खुनुर खुनुर सुर में बाजे
चुटकी चटक बोले रे बैरी पैरी ल
छी
बैरी पैरी ल चिटको सरम नइ लागे
पैरी ल चिटको सरम नइ लागे या
बैरी पैरी ल चिटको सरम नइ लागे
चिटको सरम नइ लागे
चिटको सरम नइ लागे
चिटको सरम नइ लागे

गजब दिन भईगे राजा तोर संग मा / छत्तीसगढ़ी

चक्कर मा घोड़ा, नई छोड़व मैं जोड़ा
झुलाहूँ तोला वो, हाय झुलाहूँ तोला वो
नदिया मा डोंगा, नई छोड़व मैं जोड़ा
तौराहूँ तोला वो, हाय तौराहूँ तोला वो
गजब दिन भईगे राजा तोर संग मा, नई देखेंव खल्लारी मेला वो~
गजब दिन भईगे राजा तोर संग मा, नई देखेंव खल्लारी मेला वो~

चक्कर मा घोड़ा, नई छोड़व मैं जोड़ा
झुलाहूँ तोला वो, हाय झुलाहूँ तोला वो
नदिया मा डोंगा, नई छोड़व मैं जोड़ा
तौराहूँ तोला वो, हाय तौराहूँ तोला वो
गजब दिन भईगे राजा तोर संग मा, नई देखेंव खल्लारी मेला वो~
गजब दिन भईगे राजा तोर संग मा, नई देखेंव खल्लारी मेला वो~

संगी जउहरिय नई छोड़ही तोर संग गोरी वो~
गोरी वो, गोरी वो, गोरी वो
संगी जउहरिय नई छोड़ही तोर संग, में बन जाहूं चकरी, तैं उड़बे पतंग
चटभइंया बोली तोर निक लागे वो, तोर बोली-ठोली हा गुरतुर लागे वो
गजब दिन भईगे राजा तोर संग मा, नई देखेंव खल्लारी मेला वो~
गजब दिन भईगे राजा तोर संग मा, नई देखेंव खल्लारी मेला वो~

तरिया के पानी लागे है बनी गोरी वो~
गोरी वो, गोरी वो, गोरी वो
तरिया के पानी लागे है बानी, दुरिहा घुजके भरबे, कर छेड़कानी
बेलबेल्हा टुरा घटौन्दा के तीर, बइठे बजावत रइथे सिटी
गजब दिन भईगे राजा तोर संग मा, नई देखेंव खल्लारी मेला वो~
गजब दिन भईगे राजा तोर संग मा, नई देखेंव खल्लारी मेला वो

गाँव बस्ती हे चारी करईया / छत्तीसगढ़ी

गाँव बस्ती हे चारी करईया
गाँव बस्ती हे चारी करईया
सुन्ना हबाय निचट अमरईया
ऐ गाँव बस्ती हे चारी करईया
सुन्ना हबाय निचट अमरईया
दिन बुड़ती होही मुंधियार करौंदा चले आबे वो~~~
दिन बुड़ती होही मुंधियार करौंदा चले आबे वो~~~

गाँव बस्ती हे चारी करईया (का)
सुन्ना हबाय निचट अमरईया (अच्छा)
गाँव बस्ती हे चारी करईया (हाँ हाँ)
सुन्ना हबाय निचट अमरईया
दिन बुड़ती होही मुंधियार करौंदा चले आहूं य~~~
दिन बुड़ती होही मुंधियार करौंदा चले आहूं य~~~
(ऐ दिन बुड़ती होही मुंधियार करौंदा चले आबे वो~~~)

पास आ हे तीर में बलावव कईसे या~~~~~
पास आ हे तीर में बलावव कईसे या~~~
दुरिहा ले~~ देखत रईतें~~व संगवारी~~ (होरे~~)
दुरिहा ले~~ देखत रईथ~~व संगवारी~~

गोठियावव कईसे या
गाँव बस्ती हे चारी करईया (अच्छा)
सुन्ना हबाय निचट अमरईया (गउव)
गाँव बस्ती हे चारी करईया (अच्छा)
सुन्ना हबाय निचट अमरईया
दिन बुड़ती होही मुंधियार करौंदा चले आहूं य~~~
दिन बुड़ती होही मुंधियार करौंदा चले आहूं य~~~

ऐ गाँव बस्ती हे चारी करईया (गउवकी)
गाँव बस्ती हे चारी करईया (अच्छा)
सुन्ना हबाय निचट अमरईया
ऐ दिन बुड़ती होही मुंधियार करौंदा चले आबे वो~~~
ऐ दिन बुड़ती होही मुंधियार करौंदा चले आबे वो~~~
(दिन बुड़ती होही मुंधियार करौंदा चले आहूं य~~~)

रटहा रे डारा ह फलकथे वो~~~~~
रटहा रे डारा ह फलकथे वो~~~~~
तोर सुध~~ जाथे मोला~~ संगवारी~~~
तोर सुध~~ जाथे मोला~~ संगवारी~~~

चोला तरसथ वो
गाँव बस्ती हे चारी करईया
सुन्ना हबाय निचट अमरईया
गाँव बस्ती हे चारी करईया
सुन्ना हबाय निचट अमरईया
ऐ दिन बुड़ती होही मुंधियार करौंदा चले आबे वो~~~
दिन बुड़ती होही मुंधियार करौंदा चले आबे वो~~~

गाँव बस्ती हे चारी करईया
सुन्ना हबाय निचट अमरईया (ईमान से)
गाँव बस्ती हे चारी करईया (अच्छा)
सुन्ना हबाय निचट अमरईया
दिन बुड़ती होही मुंधियार करौंदा चले आहूं य~~~
दिन बुड़ती होही मुंधियार करौंदा चले आहूं य~~~
(हाँ हाँ हाँ हाँ
दिन बुड़ती होही मुंधियार करौंदा चले आबे वो~~~)

नरवा के पानी ह नदिया में जा~~~य
नरवा के पानी ह नदिया में जा~~~य
तोला कई~~से बतावव~~ संगवारी~~~ (होरे~~)
तोला कई~~से बतावव~~ संगवारी~~~

ऐ मोर आँसू ह बोहाय
गाँव बस्ती हे चारी करईया
सुन्ना हबाय निचट अमरईया
गाँव बस्ती हे चारी करईया
सुन्ना हबाय निचट अमरईया
दिन बुड़ती होही मुंधियार करौंदा चले आहूं य~~~
दिन बुड़ती होही मुंधियार करौंदा चले आहूं य~~~

ऐ गाँव बस्ती हे चा~री करईया (अच्छा)
सुन्ना हबाय निच~ट अमरईया
गाँव बस्ती हे चारी करईया
सुन्ना हबाय निचट अमरईया
ऐ दिन बुड़ती होही मुंधियार करौंदा चले आबे वो~~~
दिन बुड़ती होही मुंधियार करौंदा चले आबे वो~~~
(दिन बुड़ती होही मुंधियार करौंदा चले आहूं य~~~)

तेल अउ~ हरदी ला धर लेबो वो~~~~~
तेल अउ~ हरदी ला धर लेबो वो~~~~~
उहीं आमा~~ में गिंजर~~ लेबो भाँवर~~
उहीं आमा~~ में गिंजर~~ लेबो भाँवर~~

बिहाव कर लेबो वो
गाँव बस्ती हे चारी करईया
सुन्ना हबाय निचट अमरईया
गाँव बस्ती हे चारी करईया
सुन्ना हबाय निचट अमरईया
हाँ दिन बुड़ती होही मुंधियार करौंदा चले आबे वो~~~
दिन बुड़ती होही मुंधियार करौंदा चले आबे वो~~~

गाँव बस्ती हे चारी करईया (गउवकी)
सुन्ना हबाय निचट अमरईया (अच्छा)
गाँव बस्ती हे चारी करईया (हूँ~)
सुन्ना हबाय निचट अमरईया
दिन बुड़ती होही मुंधियार करौंदा चले आहूं य~~~
दिन बुड़ती होही मुंधियार करौंदा चले आहूं य~~~

ऐ गाँव बस्ती हे चारी करईया
(सुन्ना हबाय निचट अमरईया)
गाँव बस्ती हे चारी करईया
(सुन्ना हबाय निचट अमरईया)
दिन बुड़ती होही मुंधियार करौंदा चले आबे वो~~~
(दिन बुड़ती होही मुंधियार करौंदा चले आहूं य~~~)

{ऐ दिन बुड़ती होही मुंधियार करौंदा चले आबे वो~~~
दिन बुड़ती होही मुंधियार करौंदा चले आहूं य~~~
दिन बुड़ती होही मुंधियार करौंदा चले आबे वो~~~
दिन बुड़ती होही मुंधियार करौंदा चले आहूं य~~~

गुलगुल भजिया खा ले / छत्तीसगढ़ी

गुलगुल भजिया खा-ले
गुलगुल भजिया खा-ले
गुलगुल भजिया खा-ले
गुलगुल भजिया खा-ले
गोरी तैं धनिया डोली
मोर संग तैं हर ददरिया गा-ले मन के गोरी
मोर संग तैं हर ददरिया गा-ले
संग म जाबे, तरिया जाबे वो~
गुलगुल भजिया खा-ले
गुलगुल भजिया खा-ले
गोरी तैं धनिया डोली
मोर संग तैं हर ददरिया गा-ले
मन के गोरी
मोर संग तैं हर ददरिया गा-ले
संग म जाबे, तरिया जा-बे वो~

खट्टा हाबय अमली गोरी जाम खा-ले वो
गोरी जाम खा-ले वो
गोरी जाम खा-ले~
खट्टा हाबय अमली गोरी जाम खा-ले वो
गोरी जाम खा-ले वो
गोरी जाम खा-ले
कतेक मंझन के रेंगे बासी खा-के वो
गोरी धनिया डोली
गुलगुल भजिया खा-ले
गुलगुल भजिया खा-ले
गोरी तैं धनिया डोली
मोर संग तैं हर ददरिया गा-ले
मन के गोरी
मोर संग तैं हर ददरिया गा-ले
संग म जाबे, तरिया जा-बे वो~

मोटर हाबय टेसन म छूट गे-हे रेल
छूट गे-हे रेल
छूट गे-हे~
मोटर हाबय टेसन म छूट गे-हे रेल
छूट गे-हे रेल
छूट गे-हे
गली गली म बेचत हे तेलिन टुरी तेल
गोरी धनिया डोली
गुलगुल भजिया खा-ले
गुलगुल भजिया खा-ले
गोरी तैं धनिया डोली
मोर संग संग म ददरिया गा-ले
मन के गोरी
मोर संग संग म ददरिया गा-ले
संग म जाबे, तरिया जा-बे वो~

कुंदरू करेला बारी म बो-ले वो
बारी म बो-ले वो
बारी म बो-ले~
कुंदरू करेला बारी म बो-ले वो
बारी म बो-ले वो
बारी म बो-ले
तोर आ-गे लेवइया गली म रो-ले वो
गोरी धनिया डोली
गुलगुल भजिया खा-ले
गुलगुल भजिया खा-ले
गुलगुल भजिया खा-ले
गोरी तैं धनिया डोली
मोर संग तैं हर ददरिया गा-ले
मन के गोरी
मोर संग तैं हर ददरिया गा-ले
संग म जाबे, तरिया जा-बे वो~

गोंदा फुलगे मोरे राजा / छत्तीसगढ़ी

हो गोंदा फुलगे मोरे राजा
गोंदा फुलगे मोर बैरी
छाती मं लागय बान
गोंदा फुलगे~~
हो गोंदा फुलगे मोरे राजा
गोंदा फुलगे मोर बैरी
छाती मं लागय बान
गोंदा फुलगे~~
गोंदा फुलगे मोरे राजा~~~

ठाढ़े हे बै~री टरत नई ये
हो~~~ ठाढ़े हे बैरी टरत नईये~
मोर आंखी के पिसना
मोर आंखी के पिसना मरत नईये~
गोंदा फुलगे~~
गोंदा फुलगे मोरे राजा
गोंदा फुलगे मोर बइरी
छाती मं लागय बान
गोंदा फुलगे~~
हो गोंदा फुलगे मोरे राजा~~ हा हा~~

पूनम के चंदा लजा के मर जाए~~
पूनम के चंदा लजा के मर जाए
तोर रूप आज रतिहा
तोर रूप आज रतिहा गजब गदराए
गोंदा फुलगे~~
गोंदा फुल गे मोरे राजा
गोंदा फुल गे मोर बैरी
छाती मं लागय बान
गोंदा फुलगे~~
हो गोंदा फुलगे मोरे राजा~~
होहो~ ओहो~ अहा~ अहा~ अहा~

सुआ नही बोले ना बोले मैना
हो~~ सुआ नही बोले ना बोले मैना
मैं तरसत हव सुनेबर तोरेच बैना
गोंदा फुलगे~~
गोंदा फुल गे मोरे राजा
गोंदा फुल गे मोर बैरी
छाती मं लागय बान
गोंदा फुलगे~~
हो गोंदा फुलगे मोरे राजा~~
हो~ हा हहा हा~~

गोवर्धन पूजा / छत्तीसगढ़ी

हो~~~~~रे~~~~
पूजा परय पुजेरी के संगी (हे~~य)
अरे~रे~रे धोवा चाऊर चढ़ाई हे (हे~~य)
पूजा परत हे मोर गोवर्धन के ददा शोभा बरन नहीं जाए (हे~~)

हो~येह~~~~~
धमधा बांधेव पचेरी रे~ भेड़ा (हे~~य)
अरे गांठे दिये~~ हरेरईहा (हे~~य)
गाय केहेव धावर वो तेल पठरे दे घोरे रईहा (हे~~)

आरा~~रा~रा~रा~रा~रा~रा
हरदी पिसेंव कसौंदी वो दाई (हे~~य)
अउ घस घस पिसेंव आदा (हे~~य)
गाय केहेव धावर वो तें सोहई पहिरले सादा हे (हे~~)

हो~येह~~~~~
हरिना हरिना तें दिखे रे भेड़ा (हे~~य)
अरे~ हरिन सुवा के~~ चोंच ऐ (हे~~य)
हरिन बरोबर मोर भेड़ा दिखत हे ददा बरे सुरूज के जोंड़ ऐ (हे~~)

हो~~~~~ओ~ओ
कोन दिये रे दिन जलय गा संगी (हे~~य)
अउ कोन जलय सरी रात (हे~~य)
कोन दिया रे मड़नी में जलय कोन जले दरबार ऐ (अररारारा)

ऐ~~~~ऐह~~~~
सुरूज दिया दिन जलय रे भईया (हे~~य)
अरे चन्दा जलय सरी~ रात (हे~~य)
लक्ष्मी दिया तो मड़नी में जलय पुत्र जलय दरबार ऐ (अररारारा)

आरा~~रा~रा~रा~रा~रा~रा
पीपर पान ला लुही गा संगी (हे~~य)
अउ बोइर पान बनिहार (हे~~य)
मैं तो मानत हव देवरी ददा मोर भेड़न गे हे बनिहार (अररारारा)

बोल दे गोवर्धन भगवान की जय

गौरव गाथा महतारी के / छत्तीसगढ़ी

ये नाग मन के धरती जिंकर ले नग घलो थररात रिहिस ।
फणीं अऊ छिन्दक राजा मन के ध्वज हा लहरात रिहिस ।।
पाण्डव के पार्थ पौत्र परीक्षित ल जेन हा ललकारिन ।
लड़त मेरठ के तीर रण में तक्षक हा उनला मारिस ।।
अड़बड़ वीर मन के धरती ये छत्तीसगढ़ महतारी हे ।
ज्ोमां रत्न भरे खान, सरल-सुघर- सुन्दर सुजानी हे ।।
अइसन मनखे के माटी में बारुद बोवत हे मक्कार ।
अइसन मनखे के चिंहारी कर करना हे नक्कार ।।
ये वीरनारायण की धरती दाऊ दयाल के माटी हे ।
इंकर रक्षा हित बर मिटना वीर मन के परिपाटी हे ।।
मांदर के थाप सुनके इहां शेर के टांग घलो कांपथे ।
आदिवासी के तीर विरोधी के देह घलो वोहा नापथे ।।
काबर येमन भोला-भाला के मन मा जहर घोरथें ।
लोहा के सिक्का के बल मा ईमान ला तोलथें ।।
अउ कतका दिन तुमन अइसने कटवाहू ?
जेन दिन सब संभलहीं कुटका में बंट जाहू ।।
वो दिन माटी के बेटा धरती के करजा उतारहीं ।
अउ खोज-खोज के सब मक्कार ला मारहीं ।।
जंगल मा कोयली मैना पंख अपन फहराही ।
धरती धान के बाली ले चारों मुड़ा लहराही ।।
ताला के रुद्र छोड़ ताण्डव तब मंद-मंद मुस्काहीं ।
छत्तीसगढ़ के वासी कपूत जनगणमन ला गाही दे ।।

चल गिंजर आबो संगी / छत्तीसगढ़ी

चल गिंजर आबो संगी, सुपेला के बजार ले, गिंजर आबो
चल गिंजर आबो संगी, सुपेला के बजार ले, गिंजर आबो
बाहीं जोरे जोरे संगी, सुपेला के बजार ले, गिंजर आबो
बाहीं जोरे जोरे संगी, सुपेला के बजार ले, गिंजर आबो

तोरे अगोरा मा बेरा पहागे वो~~~ओ~~ओ
तोरे अगोरा मा बेरा पहागे वो~~~ओ
बड़ बेरा~ करे संगी~~~~इ~~इ
जी मा डर समागे का वो, चल गिंजर आबो
चल गिंजर आबो संगी, सुपेला के बजार ले, गिंजर आबो

बमरी के पेड़ गिरा ले पैरी ला~~~आ~~आ
बमरी के पेड़ गिरा ले पैरी ला~~~
मोर मन मा बसे हे~~~~ऐ~~
परदेसी बैरी गा, चल गिंजर आबो
चल गिंजर आबो संगी, सुपेला के बजार ले, गिंजर आबो

चांदी के मुंदरी रेशम के फुन्दरा~~~आ~~आ
चांदी के मुंदरी रेशम के फुन्दरा~~~आ
ले दुहूँ~ तोर बर संगी~~~इ~~
लाली के लुगरा वो, चल गिंजर आबो
चल गिंजर आबो संगी, सुपेला के बजार ले, गिंजर आबो

ले देबे जोड़ी मया के बंधना~~~आ~~आ
ले देबे जोड़ी मया के बंधना~~~आ
ले के आबे तैं हा डोली~~~इ~~
मोरेच अंगना मा, चल गिंजर आबो
चल गिंजर आबो संगी, सुपेला के बजार ले, गिंजर आबो
बाहीं जोरे जोरे संगी, सुपेला के बजार ले, गिंजर आबो
बाहीं जोरे जोरे संगी, सुपेला के बजार ले, गिंजर आबो
बाहीं जोरे जोरे संगी, सुपेला के बजार ले, गिंजर आबो

चलो मन बँसरी बजावे / छत्तीसगढ़ी

चलो मन बँसरी बजावे जिहाँ मोहना रे, राधा रानी नाचे ठुमा–ठुम
रास रचावे जिँहा गोकुल गुवाला रे, मृदँग बाजे धुमा-धुम ,
मोर सुवा न मृदँग बाजे धुमा-धुम ॥
तरी हरी नहा नरी नना मोर सुवा न , तरी हरी नहा नरी नना


जमुना के खड़ मे कदम के बिरखा, नाचथे मँजुरा अव फुदकथे मिरगा ,
खेतले कछार जिहाँ बोलथे पपीहरा रे , कलपथे हाबे पाना फुल ।
रास रचावे जिँहा गोकुल गुवाला रे, मृदँग बाजे धुमा-धुम ,
मोर सुवा न मृदँग बाजे धुमा-धुम ॥
तरी हरी नहा नरी नना मोर सुवा न , तरी हरी नहा नरी नना ।


रूनझुन घुनझुन जिँहा कदम के छईहाँ , नाचथे गुवालिन जिँहा जोरे जोरे बईँहा
झाँझ मजिँरा जिँहा झमके झमाझम रे, घुँघरू सुनाथे छुनाछुन ॥
रास रचावे जिँहा गोकुल गुवाला रे, मृदँग बाजे धुमा-धुम ,
मोर सुवा न मृदँग बाजे धुमा-धुम ॥
तरी हरी नहा नरी नना मोर सुवा न , तरी हरी नहा नरी नना


कल-कल छल छल , छलकथे जमुना , झनन झनन झनके तारा अव तमुरा ।
महर महर बन म मन लेय लहरा ले , भँवरा गुँजावे गुनागुन
रास रचावे जिँहा गोकुल गुवाला रे, मृदँग बाजे धुमा-धुम ,
मोर सुवा न मृदँग बाजे धुमा-धुम ॥


चलो मन बँसरी बजावे जिहाँ मोहना रे, राधा रानी नाचे ठुमा–ठुम
रास रचावे जिँहा गोकुल गुवाला रे, मृदँग बाजे धुमा-धुम ,
मोर सुवा न मृदँग बाजे धुमा-धुम ॥
तरी हरी नहा नरी नना मोर सुवा न , तरी हरी नहा नरी नना


चोला माटी के हे राम / छत्तीसगढ़ी

चोला माटी के हे राम
एकर का भरोसा, चोला माटी के हे रे

चोला माटी के हे हो
हाय चोला माटी के हे राम
एकर का भरोसा, चोला माटी के हे रे

द्रोणा जइसे गुरू चले गे
करन जइसे दानी संगी, करन जइसे दानी
बाली जइसे बीर चले गे, रावन कस अभिमानी
चोला माटी के हे राम
एकर का भरोसा, चोला माटी के हे रे

कोनो रिहिस ना कोनो रहय भई आही सब के पारी
एक दिन आही सब के पारी
काल कोनो ल छोंड़े नहीं राजा रंक भिखारी
चोला माटी के हे राम
एकर का भरोसा, चोला माटी के हे रे

भव से पार लगे बर हे ते हरि के नाम सुमर ले संगी
हरि के नाम सुमर ले
ए दुनिया मा आके रे पगला जीवन मुक्ती कर ले
चोला माटी के हे राम
एकर का भरोसा, चोला माटी के हे रे

चोला माटी के हे हो
हाय चोला माटी के हे राम
एकर का भरोसा, चोला माटी के हे रे
हाय चोला माटी के हे राम
एकर का भरोसा, चोला माटी के हे रे

जा तेहां ससुरार जाबे / छत्तीसगढ़ी

करले सिंगार, मोर गर के हार, जा तेहां ससुरार जाबे
करले सिंगार, मोर गर के हार, जा तेहां ससुरार जाबे
करले सिंगार, मोर गर के हार, जा तेहां ससुरार जाबे
करले सिंगार, मोर गर के हार, जा तेहां ससुरार जाबे

झन रो मोर दुलौरिन बेटी~~~~~~~~~~~~~~~
बेटी वो~~~~~~~ओ~ओ बेटी बेटी~~इ~
झन रो मोर दुलौरिन बेटी
सुन्दर खाबे कमाबे वो~
सुन्दर खाबे कमाबे वो

करले सिंगार, मोर गर के हार, जा तेहां ससुरार जाबे
करले सिंगार, मोर गर के हार, जा तेहां ससुरार जाबे
आ~~~~~~ आ~~~~~~
आ~~~~~~ आ~~~~~~

लइका पन में झूलना झूला के कोरा मा तोला खेलाएव
लइका पन में झूलना झूला के कोरा में तोला खेलाएव
फूल बरोबर जतन करेवं हाथ धर के गली मा रेंगाएव
फूल बरोबर जतन करेवं हाथ धर के गली मा रेंगाएव
आज ले वो मोर कोरा टूट गे~~~~~~~~~~~~ (सिसकी)
बेटी वो~~~~~~~ओ~हो~ (सिसकी) बेटी बेटी~~इ (सिसकी)
आज ले वो मोर (सिसकी) कोरा टूट गे
आज ले वो मोर कोरा टूट गे
इंहा के सुध झन लमाबे वो~
इंहा के सुध झन लमाबे~ (सिसकी)

करले सिंगार, मोर गर के हार, जा तेहां ससुरार जाबे
करले सिंगार, मोर गर के हार, जा तेहां ससुरार जाबे
आ~~~~~~ आ~~~~~~
आ~~~~~~ (सिसकी) आ~~~~~~

छुटत हे गाँव गली अमरईया, छुटत हे जम्मो जउरिहा
छुटत हे गाँव गली अमरईया, छुटत हे जम्मो जउरिहा
छुटत हे तोर इंहा के लागमानी, छुटत हे तोर छोटे भईया (सिसकी)
छुटत हे तोर इंहा के लागमानी, छुटत हे तोर छोटे भईया
करम ठठा के रोवय ददा दाई~~~~~~~~~~~
बेटी वो~~~~~~~ओ~हो~ (सिसकी) बेटी वो~~ (सिसकी)
करम ठठा के (सिसकी) रोवय ददा दाई~
मइके के लाज बचाबे वो~
मइके के लाज बचाबे~(सिसकी)

करले सिंगार, मोर गर के हार, जा तेहां ससुरार जाबे
ए झन रो मोर दुलौरिन बेटी~~~~~~~~~~~~ (सिसकी)
बेटी वो~~~~~~~ओ~ (सिसकी) बेटी वो~~ (सिसकी)
झन रो मोर दुलौरिन बेटी
झन रो मोर दुलौरिन बेटी
सुन्दर खाबे कमाबे वो~
सुन्दर खाबे कमाबे

करले सिंगार, मोर गर के हार, जा तेहां ससुरार जाबे
करले सिंगार, मोर गर के हार, जा तेहां ससुरार जाबे
आ~~~~~~ आ~~~~~~
(सिसकी) आ~~~~~~ (सिसकी) आ~~~~~~

(सिसकी) सनसों तें थोरको झन करबे आही बेटी तीजा पोरा
सनसों तें
सनसों तें थोरको झन करबे बेटी बेटी~~ (सिसकी) झन रो
सनसों तें थोरको झन करबे आही बेटी तीजा पोरा
सनसों तें थोरको झन करबे आही बेटी तीजा पोरा

मोर गरीबीन तोर बर मैं हा करके रखे रइहव जोरा
मोर गरीबीन तोर बर मैं हा करके रखे रइहव जोरा
सती अनसुईया सावित्री सही वो~~~~~~~~~
बेटी वो~~~~~~~ओ~हो~~ बेटी वो~~
सती अनसुईया सावित्री सही वो~
कुल के लाज बचाबे वो~
कुल के लाज बचाबे~

करले सिंगार, मोर गर के हार, जा तेहां ससुरार जाबे
ए झन रो मोर दुलौरिन हीरा~~~~~~~~~~~आ~ (सिसकी)
हीरा वो~~~~~~~ओ~~ (सिसकी) बेटी वो~~ (सिसकी)
झन रो मोर (सिसकी) दुलौरिन बेटी
झन रो (सिसकी) मोर दुलौरिन बेटी (सिसकी)
सुन्दर खाबे कमाबे वो~
सुन्दर खाबे कमाबे~

करले सिंगार, मोर गर के हार, जा तेहां ससुरार जाबे
जा बेटी जा (सिसकी)
करले सिंगार, मोर गर के हार, जा तेहां ससुरार जाबे~
जा तेहां ससुरार जाबे~ जाबे~ (सिसकी)
जा तेहां ससुरार जाबे~
जा तेहां ससुरार जाबे~ जाबे~ (सिसकी)
जा तेहां ससुरार जाबे~

डँडा गीत / छत्तीसगढ़ी

तोर अस जोड़ी हो ललना , मोरे अस जोड़ी
कबहू न गढ़े भगवान मोरे ललना ॥


कउन महीना म होही मंगनी अव बरनी ।
कउन महीना म होही मंगनी अव बरनी ।
मंगनी अव बरनी हो ललना , मंगनी अव बरनी ।
मंगनी अव बरनी हो ललना , मंगनी अव बरनी ।
कउन महीना मे बिहाव मोरे ललना ।


माँघ महीना म होही मंगनी अव बरनी ।
माँघ महीना म होही मंगनी अव बरनी ।
मंगनी अव बरनी हो ललना , मंगनी अव बरनी
मंगनी अव बरनी हो ललना , मंगनी अव बरनी
फागुन महीना मे बिहाव मोर ललना ॥


कोरवन पाइ–पाइ भँवर गिंजारे ।
खोरवन पाइ –पाइ भंवर गिंजारे ।
भँवर गिंजारे हो ललना , भँवर गिंजारे ।
पर्रा मे लगिंन लगाय मोरे ललना ॥


तोरे ददा बाबू देसपति के राजा अउ काहे गुन रहे गा कुँवारा / छत्तीसगढ़ी

तोरे ददा बाबू देसपति के राजा
अउ काहे गुन रहे गा कुंवारा
हरदी के देस दीदी
हरदी महंगा भइगे, अउ परी सुकाल भइगे
इही गुन रहेंव ओ कुंवारा

करसा के देस दीदी
करसा महंगा भइगे, बिजना सुकाल भइगे
इही गुन रहेंव ओ कुंवारा

हरदी के देस दीदी
चाउंर महंगा भइगे, अउ पर्ण भइगे सुकाल
इही गुन रहेंव ओ कुंवारा

करसा के देस दीदी
मंगरोहन महंगा भइगे, गुड़रा भइगे सुकाल
इही गुन रहेंव ओ कुंवारा


पहार ऊपर मोर धानर बाजे / छत्तीसगढ़ी

पहार ऊपर
पहार ऊपर मोर धानर बाजे

पेरि देबे तेलिया मोर कांचा तिली के तेल
कोन तोर लाने नोनी अटना के हरदी
पटना के हरदी बने

कोन तोर सिरही चढ़ाये, चंदन रूप अगनी
सजन घर मड़वा गड़े

ददा तोर लाने नोनी अटना के हरदी
पटना के हरदी बने

दाई तोर सिरही चढ़ाये, चंदन रूप अगनी
सजन घर मड़वा गड़े

पहिली गवन के मोला देहरी बैठाये / छत्तीसगढ़ी

पहिली गवन के मोला देहरी बैठाये
न रे सुआ हो छाँडि चले बनिजार
काकर संग खेलहूँ, काकर संग खाहूँ
काला राखों मन बांध, न रे सुआ हो
छाँडि चले बनिजार
खेलबे ननद संग सास संग खाबे
छोटका देवर मन बांध न रे सुआ हो
छाँडि चले बनिजार
पीवरा पात सन सासे डोकरिया
नन्द पठोहूँ ससुरार न रे सुआ हो
छोटका देवर मोर बेतवा सरीखे कइसे
राखों मन बांध न रे सुआ हो
छाँडि चले बनिजार ...
तोर अँगना म चौरा बंधा ले
कि तुलसा ल देबे लगाय
नित नित छुइबे नित नितं लीपबे
कि नित नित दियना जलाय
तुलसा के पेड़ ह हरियर हरियर
कि मोर नायक करथे बनिजार
जब मोर तुलसा के पेड़ झुर मुर जाही
कि मोर नायक गये रन जूझ न रे सुआ हो नायक

प्रथम चरन गणपति को / छत्तीसगढ़ी

प्रथम चरन गणपति को, प्रथम चरन गणपति को
गणपति को मनाव , गणपति को मनाव,
प्रथम चरन गणपति को ।


काकर पुत्र गणपति भयो, काकर हनुमान , काकर हनुमान
काकर पुत्र भैरो, भैरो, भैरो, भैरो ।
काकर लक्षमण-राम, काकर लक्षमण-राम ,
प्रथम चरन गणपति को
गणपति को मनाव , गणपति को मनाव,
प्रथम चरन गणपति को ।
होली है ........


गौरी के पुत्र गणपति भयो, अंजनी के हनुमान , अंजनी के हनुमान
कालका के पुत्र भैरो, भैरो, भैरो, भैरो ।
कौशिल्या के राम, कौशिल्या के राम ,
प्रथम चरन गणपति को
गणपति को मनाव , गणपति को मनाव,
प्रथम चरन गणपति को ।
होली है ........



बिना बल के जवान / छत्तीसगढ़ी

बिना बल के जवान , बिना बल के जवान
फोरे न फूटे सुपलिया ।


कांहा ले मंगाबो रे चुना रे चुना रे चुना ।
कंहवा ले रे पान , कंहवा ले रे पान ।
कांहा ले मंगाबो रे रंड़ी रे रंडी रे रंड़ी ॥
कंहवा के जवान , कंहवा के जवान
फोरे न फूटे सुपलिया ।
बिना बल के जवान , बिना बल के जवान
फोरे न फूटे सुपलिया ।
होली है ...............


कटनी ले मंगाबो रे चुना रे चुना रे चुना ।
रायपुर ले रे पान , रायपुर ले रे पान ।
पटना ले मंगाबो रे रंड़ी रे रंडी रे रंड़ी ॥
धमतरी के जवान , धमतरी के जवान ।
फोरे न फूटे सुपलिया ।
बिना बल के जवान , बिना बल के जवान
फोरे न फूटे सुपलिया ।
होली है ...............


फुल गजरा ओ दाई बर / छत्तीसगढ़ी

फुल गजरा ओ दाई बर , फुल गजरा ।
गुथौँ महामाई के बर , फुल गजरा ॥


काहेन फूल के गजरा , अव काहेन फूल के हार ।
काहेन फूल के माथे मकुटिया , सोला हो सिंगार ॥
माइ बर फूल गजरा ओ दाई बर फुल गजरा ।
गुथौँ हो मालिन के अंगना , फुल गजरा ॥


चंपा फूल के गजरा , चमेली फूल के हार ।
मोंगरा फूल के माथे मकुटिया , सोला हो सिंगार ॥
माइ बर फूल गजरा ओ दाई बर फुल गजरा ।
गुथौँ हो मालिन के अंगना , फुल गजरा ॥


कौन माइ बर गजरा , अव कोन माइ बर हार ।
कोन माइ बर माथ मकुटिया, सोला हो सिंगार ॥
माइ बर फूल गजरा ओ दाई बर फुल गजरा ।
गुथौँ हो मालिन के अंगना , फुल गजरा ॥



बुड़ी माइ बर गजरा , अव मंझली माइ बर हार ।
सीतला माइ बर माथ मकुटिया, सोला हो सिंगार ॥
माइ बर फूल गजरा ओ दाई बर फुल गजरा ।
गुथौँ हो मालिन के अंगना , फुल गजरा ॥


बुझो बूझो गोरखनाथ अमरित बानी / छत्तीसगढ़ी

बुझो बूझो गोरखनाथ अमरित बानी

बरसे कमरा भींजे ल पानी जी

कौआ के डेरा मा पीपर के बासा

मुसवा के बिला म बिलई होय नासाजी

बूझो बूझो.....

तरी रे घैला उप्पर पनिहारी

लइका के कोरा म खेले महतारी जी

बुझो-बुझो

भागे ले कुकुर भूँके ले चोर

मरगे मनखे झींकत हे डोर जी

बुझो-बुझो



बांधे ले घोड़ा, भागे ले खूंटा

चढ़ के नगाड़ा बजावत हे ऊंटा जी

बुझो-बुझो

पहली हे पूछें पीछे भय माई

चेला के गुरू लागत हे पाईं जी

बुझो-बुझो

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