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चित्र विचित्र के भजन लिरिक्स : Chitra Vichitra Bhajan Lyrics In Hindi 6

छठे भाग में राधा रमण की भक्ति के साथ-साथ जन्माष्टमी की बधाइयाँ और भगवान श्रीराम के भजन भी शामिल हैं। "नन्द के लाला आयो है कृष्ण जन्म बधाई" और "मेरे घर आया राजा राम जी का प्यारा" जैसे भजन इस संकलन को और भी संपूर्ण बनाते हैं। इस पोस्ट में कुल 12 भजनों की लिरिक्स और वीडियो दिए गए हैं। ब्रजराज ब्रजबिहारी गोपाल बंसी वाले भजन लिरिक्स ब्रजराज ब्रजबिहारी गोपाल बंसी वाले इतनी विनय हमारी ब्रजधाम में बसा ले ब्रज राज ब्रज बिहारी गोपाल बंसी वाले।। कितने दरो पे भटके कितने ही दर बनाये दर तेरे पे अब आके हम जाये ना निकाले ब्रज राज ब्रज बिहारी गोपाल बंसी वाले।। जोड़ी तेरी हमारी पहले रची विधाता हो तुम तो रंग के काले और हम है दिल के काले ब्रज राज ब्रज बिहारी गोपाल बंसी वाले।। बहुतों को अपना समझा बहुतों के हो लिए हम अब तेरे बन रहेंगे अपना हमें बना ले ब्रज राज ब्रज बिहारी गोपाल बंसी वाले।। राजी तेरी रजा में अपनी बनी या बिगड़े नाचेंगे हम तो नटवर जैसा हमें नचाले ब्रज राज ब्रज बिहारी गोपाल बंसी वाले।। ब्रजराज ब्रजबिहारी गोपाल बंसी वाले इतनी विनय हमार...

चित्र विचित्र के भजन लिरिक्स : Chitra Vichitra Bhajan Lyrics In Hindi 5

इस भाग में होली के रंग और वृंदावन की यादों से जुड़े भजन विशेष रूप से देखने को मिलते हैं। "रंग बरसे लाल गुलाल वृषभानु लली के मंदिर में" और "आई रे आई शरद पूनम की रात" जैसे भजन त्योहारों के माहौल को जीवंत कर देते हैं। इस भाग के 12 भजनों की लिरिक्स क्रमवार नीचे दी गई हैं ताकि आप हर पंक्ति के साथ भाव में डूब सकें। मनमोहन खेल रहे होरी मनमोहन होली भजन लिरिक्स मनमोहन खेल रहे होरी दोहा – फागुण महीना लगत ही जिया मोरा उमंग में होरी खेले श्याम सुन्दर श्री राधा जी के संग में। मनमोहन खेल रहे होरी मनमोहन ओ वारे रसिया ओ वारे छैला ओ वारे रसिया ओ वारे छैला मनमोहन खेल रहे होली मनमोहन।। कोई बचा ना कुन्ज गली में कुन्ज गली में, कुन्ज गली में कोई बचा ना कुन्ज गली में ऐसी मोहन की टोली मनमोहन मनमोहन खेल रहे होली मनमोहन।। कोई बना है रंग रंगीला रंग रंगीला रसिक रसीला कोई बना है रंग रंगीला उड़े गुलाल मले रोली मनमोहन मनमोहन खेल रहे होली मनमोहन।। चुनर भीग गयी सखियन की गयी सखियन की गयी सखियन की चुनर भीग गयी सखियन की रंग में भीग गयी चोली मनमोहन मनमोहन खेल रहे हो...

चित्र विचित्र के भजन लिरिक्स : Chitra Vichitra Bhajan Lyrics In Hindi 4

चौथे भाग में राधा नाम की भक्ति, सावन के महीने की हरियाली और गुरु कृपा से जुड़े भजनों का सुंदर संगम है। "आया हरियाली तीज का त्यौहार" और "मेरे गुरु ही गोविन्द है दूसरा ना कोई" जैसे भजन श्रद्धालुओं के बीच खासे लोकप्रिय हैं। इस पोस्ट में शामिल सभी 12 भजनों के बोल पूरी तरह से नीचे दिए गए हैं। खजाना कृपा का लुटाया मेरे स्वामी जु ने लिरिक्स खजाना कृपा का लुटाया मेरे स्वामी जु ने रस का सागर है बहाया मेरे स्वामी जु ने।। युगल नाम में सदा लीन बांके पथ गामी गान कला अति प्रवीण सुख सागर स्वामी नित्य विहार प्रकटाया मेरे स्वामी जु ने रस का सागर है बहाया मेरे स्वामी जु ने।। शरण में इनकी जो भी आए उनके भाग्य जगे युगल के प्रेम रस को पाकर भव से पार लगे ‘चित्र विचित्र’ को अपनाया मेरे स्वामी जु ने रस का सागर है बहाया मेरे स्वामी जु ने।। खजाना कृपा का लुटाया मेरे स्वामी जु ने रस का सागर है बहाया मेरे स्वामी जु ने।। राधा नाम दीपक जलाते चलो राधे राधे राधे राधे गाते चलो राधा नाम कीर्तन कराते चलो होएगा दूर मन का अँधियारा राधा नाम दीपक जलाते चलो राधा ...

चित्र विचित्र के भजन लिरिक्स : Chitra Vichitra Bhajan Lyrics In Hindi 3

श्रृंखला के तीसरे भाग में भक्ति के अलग-अलग रंग देखने को मिलते हैं — कहीं जन्माष्टमी की बधाई है तो कहीं माखनचोर की शरारतें, और कहीं होली का उत्सव तो कहीं भगवान श्रीराम की जय-जयकार। "ब्रज की गली गली में शोर आयो आयो माखन चोर" और "अवध में हो रही जय जयकार" जैसे भजन इस पोस्ट को विविधता से भर देते हैं। सभी 12 भजनों की लिरिक्स नीचे विस्तार से दी गई हैं। मेरे स्वामी श्री हरिदास कृपा के सागर है मेरे स्वामी श्री हरिदास कृपा के सागर है कृपा के सागर है सब रसिकन के सिरताज सब रसिकन के सिरताज कृपा के सागर कृपा के सागर।। श्री ललिता जू अवतारी है रसिकन सुखदाता है रसिकन सुखदाता श्री निधिवन रहे विराज श्री निधिवन रहे विराज कृपा के सागर है कृपा के सागर है।। जो हुआ अनन्य स्वामी जी का विपिन में उसे बसा लिया विपिन में उसे बसा लिया दरसायो सखी समाज दरसायो सखी समाज कृपा के सागर है कृपा के सागर है।। सदा नाम जो स्वामी जू का गाए बिहारी जी को वो पाए बिहारी जी को वो पाए राखी ‘चित्र विचित्र’ की लाज राखी ‘चित्र विचित्र’ की लाज कृपा के सागर है कृपा के सागर है।। मेर...