चित्र विचित्र के भजन लिरिक्स : Chitra Vichitra Bhajan Lyrics In Hindi 4
चौथे भाग में राधा नाम की भक्ति, सावन के महीने की हरियाली और गुरु कृपा से जुड़े भजनों का सुंदर संगम है। "आया हरियाली तीज का त्यौहार" और "मेरे गुरु ही गोविन्द है दूसरा ना कोई" जैसे भजन श्रद्धालुओं के बीच खासे लोकप्रिय हैं। इस पोस्ट में शामिल सभी 12 भजनों के बोल पूरी तरह से नीचे दिए गए हैं।
खजाना कृपा का लुटाया मेरे स्वामी जु ने लिरिक्स

खजाना कृपा का लुटाया
मेरे स्वामी जु ने
रस का सागर है बहाया
मेरे स्वामी जु ने।।
युगल नाम में सदा लीन
बांके पथ गामी
गान कला अति प्रवीण
सुख सागर स्वामी
नित्य विहार प्रकटाया
मेरे स्वामी जु ने
रस का सागर है बहाया
मेरे स्वामी जु ने।।
शरण में इनकी जो भी आए
उनके भाग्य जगे
युगल के प्रेम रस को पाकर
भव से पार लगे
‘चित्र विचित्र’ को अपनाया
मेरे स्वामी जु ने
रस का सागर है बहाया
मेरे स्वामी जु ने।।
खजाना कृपा का लुटाया
मेरे स्वामी जु ने
रस का सागर है बहाया
मेरे स्वामी जु ने।।
राधा नाम दीपक जलाते चलो

राधे राधे राधे राधे गाते चलो
राधा नाम कीर्तन कराते चलो
होएगा दूर मन का अँधियारा
राधा नाम दीपक जलाते चलो
राधा नाम कीर्तन कराते चलो।।
राधा नाम ही साध्य
राधा नाम साधन
राधा नाम में छिपा है
दिव्य वृन्दावन
राधा नाम खुशबु फैलाते चलो
राधा नाम खुशबु फैलाते चलो
राधा नाम कीर्तन कराते चलो
राधा नाम कीर्तन कराते चलो।।
राधा नाम ही सारे
भक्तों का सार है
राधा नाम की जग में
महिमा अपार है
राधा नाम धारा बहाते चलो
राधा नाम धारा बहाते चलो
राधा नाम कीर्तन कराते चलो
राधा नाम कीर्तन कराते चलो।।
राधा राधा नाम
जपलो मेरे भैया
पागल कहे भव से
पार लगे नैया
‘चित्र विचित्र’ कृपा पाते चलो
‘चित्र विचित्र’ कृपा पाते चलो
राधा नाम कीर्तन कराते चलो
राधा नाम कीर्तन कराते चलो।।
राधे राधे राधे राधे गाते चलो
राधा नाम कीर्तन कराते चलो
होएगा दूर मन का अँधियारा
राधा नाम दीपक जलाते चलो
राधा नाम कीर्तन कराते चलो।।
चलो चलो सखी यमुना के तीर बंसी बजाई श्याम ने

चलो चलो सखी यमुना के तीर
बंसी बजाई श्याम ने।
दोहा – मोहन ने जादूभरी
बंसी बजाई आधी रेन
सुन मुरली की तान सखी
मेरा दिल हो गया बेचैन।
चलो चलो सखी यमुना के तीर
बंसी बजाई श्याम ने
सुन के पागल भई अधीर
बंसी बजाई श्याम ने
चलों चलों सखी यमुना के तीर
बंसी बजाई श्याम ने
बंसी बजावे प्यारो नंदलाला
रास रचावे संग ब्रज बाला।।
बंसी की तान ऐसा जादू सा कर गई
लोक लाज कुल कान सारी बिसर गई
मेरा हिये धरे नहीं धीर
बंसी बजाई श्याम ने
चलों चलों सखी यमुना के तीर
बंसी बजाई श्याम ने।।
आई शरद की ये रेन प्यारी प्यारी
बंसी की धुन सुन मैं भई मतवारी
मिलने प्रीतम से चलो मेरी बीर
बंसी बजाई श्याम ने
चलों चलों सखी यमुना के तीर
बंसी बजाई श्याम ने।।
‘चित्र विचित्र’ नाचे ताता थैया
सखियन के संग रास खेले कन्हैया
मिटे मेरी भी विरहा की पीर
बंसी बजाई श्याम ने
चलों चलों सखी यमुना के तीर
बंसी बजाई श्याम ने।।
चलों चलों सखी यमुना के तीर
बंसी बजाई श्याम ने
सुन के पागल भई अधीर
बंसी बजाई श्याम ने
चलों चलों सखी यमुना के तीर
बंसी बजाई श्याम ने
बंसी बजावे प्यारो नंदलाला
रास रचावे संग ब्रज बाला।।
श्री हरिदास नाम धन पाके मैं तो हो गया मालामाल

श्री हरिदास नाम धन पाके
मैं तो हो गया मालामाल।
दोहा – श्री स्वामी हरिदास है
सब रसिकन सिरताज
गौर श्याम अंग संग लिए
श्री निधिवन रहे विराज।
श्री हरिदास नाम धन पाके
मैं तो हो गया मालामाल
मैं तो हो गया मालामाल
मैं तो हो गया मालामाल
श्रीं हरिदास नाम धन पाके
मैं तो हो गया मालामाल।।
जिते स्वांस नासा चले
तीते जपे श्री हरिदास
तन मन प्राणन यूँ मिले
ज्यों फूलन में वास
श्रीं हरिदास नाम धन पाके
मैं तो हो गया मालामाल।।
तन रूपी तो महल है
मन रूपी प्रियालाल
ललित केलि विहरे सदा
किने रसिक निहाल
श्रीं हरिदास नाम धन पाके
मैं तो हो गया मालामाल।।
हों अनाथ तुम नाथ हो
करुणा सिंधु दार
ललित प्रिये हरिदास जु
पोषो सुखद विहार
श्रीं हरिदास नाम धन पाके
मैं तो हो गया मालामाल।।
चरण कमल चित लाई के
गाऊं गुण सुखरास
आनंद निधि कृपालनित
पाऊं प्रेम प्रकाश
श्रीं हरिदास नाम धन पाके
मैं तो हो गया मालामाल।।
श्रीं हरिदास नाम धन पाके
मैं तो हो गया मालामाल
मैं तो हो गया मालामाल
मैं तो हो गया मालामाल
श्रीं हरिदास नाम धन पाके
मैं तो हो गया मालामाल।।
जब जब दुख में घबरा के मैंने तेरा नाम लिया लिरिक्स

जब जब दुख में घबरा के मैंने
तेरा नाम लिया
तेरा नाम लिया
गिरने दिया ना तुमने मुझको
आकर थाम लिया
आकर थाम लिया
जब जब दुःख में घबरा के मैंने
तेरा नाम लिया
तेरा नाम लिया।।
इस जग ने मुझे छोड़ दिया था
अपनों ने मुख मोड़ लिया था
सबने नाता तोड़ लिया था
प्यार दिया मुझे तुमने इतना
तेरा करूँ शुक्रिया
तेरा करूँ शुक्रिया
जब जब दुःख में घबरा के मैंने
तेरा नाम लिया
तेरा नाम लिया।।
इस जग में नहीं कोई हमारा
मिल ही गया मुझे साथ तुम्हारा
तुमने दिया पग पग पे सहारा
इस दिल के उजड़े गुलशन को
फिर महका ही दिया
तेरा करूँ शुक्रिया
जब जब दुःख में घबरा के मैंने
तेरा नाम लिया
तेरा नाम लिया।।
टूट ना पाया बिखर ना पाया
जब से तेरी शरण में आया
अब इस दिल में तू ही समाया
‘चित्र-विचित्र’ को अपने प्रेम में
तुमने पागल किया
तेरा करूँ शुक्रिया
जब जब दुःख में घबरा के मैंने
तेरा नाम लिया
तेरा नाम लिया।।
जब जब दुख में घबरा के मैंने
तेरा नाम लिया
तेरा नाम लिया
गिरने दिया ना तुमने मुझको
आकर थाम लिया
आकर थाम लिया
जब जब दुःख में घबरा के मैंने
तेरा नाम लिया
तेरा नाम लिया।।
झूले पलना में कृष्ण कन्हैया बधाई बाजे गोकुल में

झूले पलना में कृष्ण कन्हैया
बधाई बाजे गोकुल में
बधाई बाजे गोकुल में
बधाई बाजे गोकुल में
झूलें पलना में कृष्ण कन्हैया
बधाई बाजे गोकुल में।।
नन्द भवन की शोभा न्यारी
तीन लोक जाएं बलिहारी
बाजे नोपत ढोल शहनईया
बधाई बाजे गोकुल में
बधाई बाजे गोकुल में
झूलें पलना में कृष्ण कन्हैया
बधाई बाजे गोकुल में।।
धन्य भयो नन्द बाबा को अंगना
पूरण ब्रम्ह झूल रह्यो पलना
श्याम तन पे पीत झगुलिया
बधाई बाजे गोकुल में
बधाई बाजे गोकुल में
झूलें पलना में कृष्ण कन्हैया
बधाई बाजे गोकुल में।।
मंगल गावे मिल ब्रजनारी
जायो यशोदा ने गिरवर धारी
झूमे नाचे ग्वाल ग्वालिनिया
बधाई बाजे गोकुल में
बधाई बाजे गोकुल में
झूलें पलना में कृष्ण कन्हैया
बधाई बाजे गोकुल में।।
‘चित्र विचित्र’ जब सुनी खबरिया
आये पकड़ ‘पागल’ की अंगुलिया
जीवे जुग जुग नन्द जु को छैया
बधाई बाजे गोकुल में
बधाई बाजे गोकुल में
झूलें पलना में कृष्ण कन्हैया
बधाई बाजे गोकुल में।।
झूले पलना में कृष्ण कन्हैया
बधाई बाजे गोकुल में
बधाई बाजे गोकुल में
बधाई बाजे गोकुल में
झूलें पलना में कृष्ण कन्हैया
बधाई बाजे गोकुल में।।
महलन के पट खोलो राधे वृषभान दुलारी लिरिक्स

महलन के पट खोलो
राधे वृषभान दुलारी
राधे वृषभान दुलारी
राधे कीरत की प्यारी
मेहलन के पट खोलो
राधे वृषभान दुलारी।।
दर्श बिना मन चैन ना पावे
छम छम अखियां नीर बहावे
दर्श बिना मन चैन ना पावे
छम छम अखियां नीर बहावे
देह प्राण बिन जो लो
राधे वृषभान दुलारी
मेहलन के पट खोलो
राधे वृषभान दुलारी।।
हे करुणामई स्वामी प्यारी
काहे को सुध हमरी बिसारी
हे करुणामई स्वामी प्यारी
काहे को सुध हमरी बिसारी
कुछ तो मुख से बोलो
राधे वृषभान दुलारी
मेहलन के पट खोलो
राधे वृषभान दुलारी।।
‘चित्र विचित्र’ पुकारे तोको
पतित जान ठुकराओ ना मोको
‘चित्र विचित्र’ पुकारे तोको
पतित जान ठुकराओ ना मोको
अवगुण भार ना तोलो
राधे वृषभान दुलारी
मेहलन के पट खोलो
राधे वृषभान दुलारी।।
महलन के पट खोलो
राधे वृषभान दुलारी
राधे वृषभान दुलारी
राधे कीरत की प्यारी
मेहलन के पट खोलो
राधे वृषभान दुलारी।।
आया हरियाली तीज का त्यौहार महीना सावन का लिरिक्स

आया हरियाली तीज का त्यौहार
महीना सावन का
बाँध घुंघरू नाचे बहार
महीना सावन का
आया हरियाली तीज का त्योहार
महीना सावन का।।
उमड़ घुमड़ घनघोर घटाएं
रिमझिम बुँदे रस बरसाए
गावे मेघा मेघ मल्हार
महीना सावन का
आया हरियाली तीज का त्योहार
महीना सावन का।।
कोकिल चातक मोर चकोरे
बुलबुल जुगनू तितलियाँ भोरें
नाचे झूमे करे गुंजार
महीना सावन का
आया हरियाली तीज का त्योहार
महीना सावन का।।
वन वन में फुलवारी फुले
राधा माधव झूला झूले
फूलों कलियों का श्रृंगार
महीना सावन का
आया हरियाली तीज का त्योहार
महीना सावन का।।
सावन झूला दर्शन कीजे
मधुप युगल हरि गायन कीजे
जय बोलो युगल सरकार
महीना सावन का
आया हरियाली तीज का त्योहार
महीना सावन का।।
आया हरियाली तीज का त्यौहार
महीना सावन का
बाँध घुंघरू नाचे बहार
महीना सावन का
आया हरियाली तीज का त्योहार
महीना सावन का।।
मेरे गुरु ही गोविन्द है दूसरा ना कोई

मेरे गुरु ही गोविन्द है
दूसरा ना कोई
मेरे संत ही भगवंत है
दूसरा ना कोई।।
करता करे ना कर सके
गुरु किए सब होय
सात द्वीप नवखण्ड में
गुरु से बड़ा ना कोय
मेरे गुरु ही गोविंद है
दूसरा ना कोई
मेरे संत ही भगवंत है
दूसरा ना कोई।।
प्याला प्रभु के प्रेम का
गुरु ने दियो पिवाय
पी करके मस्ती चढ़ी
आनंद उर ना समाय
मेरे गुरु ही गोविंद है
दूसरा ना कोई
मेरे संत ही भगवंत है
दूसरा ना कोई।।
गुरु गुरु गोविन्द गुरु
गोविन्द गुरु गोविन्द
गुरु गोविन्द दोऊ एक है
गुरु में दरसे गोविन्द
मेरे गुरु ही गोविंद है
दूसरा ना कोई
मेरे संत ही भगवंत है
दूसरा ना कोई।।
मेरे गुरु ही गोविन्द है
दूसरा ना कोई
मेरे संत ही भगवंत है
दूसरा ना कोई।।
बिगड़ा नसीब किसने संवारा तेरे बगैर भजन लिरिक्स

बिगड़ा नसीब किसने
संवारा तेरे बगैर
हम बेबसों का कौन
सहारा तेरे बगैर।।
बे-आसरों का आसरा
एक तुम ही श्याम हो
दीनो ने कब किसी को
पुकारा तेरे बगैर
बिगडा नसीब किसने
संवारा तेरे बगैर।।
दुनिया ने जख्म दिल को
दिए है जो बेशुमार
किसने दिया है दर्द का
चारा तेरे बगैर
बिगडा नसीब किसने
संवारा तेरे बगैर।।
तुझे भूल जाऊं श्याम ये
गवारा नहीं मुझे
होता नहीं है अब तो
गुजारा तेरे बगैर
बिगडा नसीब किसने
संवारा तेरे बगैर।।
बिगड़ा नसीब किसने
संवारा तेरे बगैर
हम बेबसों का कौन
सहारा तेरे बगैर।।
जादूगर श्याम मेरा दिल लूट ले गया भजन लिरिक्स

जादूगर श्याम मेरा
दिल लूट ले गया
सोणा जेहा मुखड़ा
मैं वेखदा ही रह गया।।
नाम दा खजाना दित्ता
कृपा बरसा के
जिंदगी दी डोर मेरे
हाथ च फड़ाके
दिल दे सिंघासन उत्ते
आप आके बै गया
सोणा जेहा मुखड़ा
मैं वेखदा ही रह गया।।
जदो ओहदे नैन मेरे
नैना विच आ गए
सारे अपराध मेरे
पल विच ले गए
पापां वाला बोझ साडे
सोणा जेहा मुखड़ा
मैं वेखदा ही रह गया।।
चरना दे विच रहके
सेवा मैं कमावांगी
श्याम चरण नु अपने
दिल विच बसावांगी
एहयो अरमान मेरे
दिल विच रह गया
सोणा जेहा मुखड़ा
मैं वेखदा ही रह गया।।
जादूगर श्याम मेरा
दिल लूट ले गया
सोणा जेहा मुखड़ा
मैं वेखदा ही रह गया।।
रखियो लाज हमारी किशोरी राधे भजन लिरिक्स

रखियो लाज हमारी
किशोरी राधे
मेरी किशोरी राधे
प्यारी किशोरी राधे
रखियों लाज हमारी
किशोरी राधे।।
नंद बाबा के कुंवर कन्हैया
नंद बाबा के कुंवर कन्हैया
तुम वृषभानु दुलारी
किशोरी राधे
रखियों लाज हमारी
किशोरी राधे।।
वृंदावन के बांके बिहारी
वृंदावन के बांके बिहारी
तुम बरसाने वारी
किशोरी राधे
रखियों लाज हमारी
किशोरी राधे।।
कमल नयन चरणन में लीजे
कमल नयन चरणन में लीजे
आयो शरण तिहारी
किशोरी राधे
रखियों लाज हमारी
किशोरी राधे।।
रखियो लाज हमारी
किशोरी राधे
मेरी किशोरी राधे
प्यारी किशोरी राधे
रखियों लाज हमारी
किशोरी राधे।।
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