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बन्ना नहाने का गीत / 1 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Banna Nahane Ka Geet 1 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics

नहाय ले लाडा धोयले, ओ थारां पावल्यां मंे गंगा बहे।
जठे म्हारा बोपर वारो नहावसीं, ओ जठे सूरज जी राणा जी दे आवसी।
जठे रूपां देवी नहावसी, ओ जठे चन्द्र चन्द्राणी पधारसी।
जठे म्हारो बनड़ो नहावसी ओ जठे विनायक जी रिद्धि सिद्धि ल्यावसी।
जी देवता रे हाथ कचौलण, ओ बहू सासू वां कलश बंधावसी। 

 
बन्ना नहाने का गीत / 2 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Banna Nahane Ka Geet 2 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics

बन्ना नहाने का गीत / 3 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Banna Nahane Ka Geet 3 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics

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