कविता, कहानी, ग़ज़ल - शायरी, गीत -लोकगीत, दोहे, भजन, हास्य - व्यंग्य, भजन आरती चालीसा प्रार्थना और एवं अन्य रचनाएं साहित्य के भंडार से

सामे लेने का गीत / 1 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Same Lene Ka Geet 1 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics

बीरो म्हारो आयो ये म्हारी चन्द्र गोरजा कलश बधावो ये।
आज तो बीरासा म्हारे कांकड़ आय बिराज्या जी।
कांकड आय बिराज्या बीरासा ने ग्वाल्या बीर सरायो जी।
आज तो बीरासा म्हारा बागां आय बिराज्या जी।
बागां आय बिराज्या बीरासा ने साली बीर सरायो जी।
आज तो बीरासा म्हारा बागां आय बिराज्या जी।
पनघट आय बिराज्या जी पनघट की पनहारिया बीरो सरायो जी।
आज तो बीराजी म्हारा जयपुर आय बिराज्या जी।
जयपुर आय बिराज्या बीरासा ने महाजन खूब सराया जी।
आज तो बीरासा म्हारा चौखट आय बिराज्या जी।
चौखट का चोरसी म्हारो बीर सरायो जी।
आज तो बीराजी म्हारा पोल्यां मायं बिराज्या जी।
आज तो बीरासा म्हारा चानण चौक बिराज्या जी।
चानण चौक बिराज्या बीराा ने पंच सराया जी।
आज तो बीरा सा म्हारे मायरो लेकर आया जी।
नोमण मिसरी घोल बीरासा ने शरबत पावो जी।
बीरो म्हारो आयो ये म्हारी चन्द्र गोरजा…।

 राजस्थानी शादी ब्याह वैवाहिक मारवाड़ी गीत लोकगीत अगले ---> पृष्ठ पर

Rajasthani Lokgeet Lyrics in Hindi राजस्थानी लोकगीत लिरिक्स अगले ---> पृष्ठ पर


0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

Popular Posts

Categories

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *