कविता, कहानी, ग़ज़ल - शायरी, गीत -लोकगीत, दोहे, भजन, हास्य - व्यंग्य, भजन आरती चालीसा प्रार्थना और एवं अन्य रचनाएं साहित्य के भंडार से

आरती / 3 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Aarti 3 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics

ऊंची ऊंची मेडी झरोका चार, ल्याई रे खाती का बेटा बाजोट्यो।
ज्या बैठ म्हारो किसन मुरार, करोनी सुंदरा बाई आरती।
ऊंची ऊंची मेडी झरोका चार, लयाई रे खाती का बेटा बाजोट्यो।
ज्या बैठ दशरथजी रा जोध करोनी भूवा बाई आरती।
ज्या बैठ वासुदेवजी री जोध करोनी भूवा भतीज्या आरती।
आरतड़या म्हारो धनसुख मेलो होय, माथा री चून्दड़ बीरा गजभरी।
झूठा ओ नणदबाई झूठ न बोल, पाच टकारो थारो आरत्यो राख रूपैयो बाई री आरती।
इसडी तो रीत भावज पिहरीया में राख, पिली पिली मोरा बाई री आरती।

आरती / 1 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Aarti 1 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics

आरती / 2 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Aarti 2 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics

आरती / 4 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Aarti 4 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

Popular Posts

Categories

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *