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मेहंदी गीत / 3 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Mehndi Geet 3 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics

म्हारे घरां रे कंवर बना रो ब्याव मेहंदी राचणी।
मेहंदी मंगाई सोजत शहर से म्हार रंग रलिया लाडा
हरिया हरिया पाना, मेहंदी राचणी।
मेहंदी पिसाई पाट में रे म्हारा रंग रलिया लाडा,
झीणे पोत छणाय, मेहंदी राचणी।
रजत कटोरे मेहंदी घोलली रे म्हारा रंग रलिया लाडा,
चोखो लोच अणाय, मेहंदी राचणी।
भाभी थांकी चतरु घणी रे म्हारा रंग रलिया लाडा,
मांडैली दोन्यू हाथ, मेंहदी राचणी।
मेहंदी मांडी म्हे हाथां में म्हारा रंग रलिया लाडा,
निरखै घर का लोग, मेहंदी राचणी। 

मेहंदी गीत / 2 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Mehndi Geet 2 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics

मेहंदी गीत / 4 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Mehndi Geet 4 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics

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