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पीठी के गीत / 4 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Pithi Ke Geet 4 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics

सुन सुन रे जोधाणा रा तेली, थारी घाणी केसर और किस्तूरी।
मांय घाली जायफल और जावत्री, ओ तेल बनड़ा रे अंग चढ़सी।
दमड़ा वांका दादासा भर देसी, लेखो वांकी दादीसा भर लेसीं
सुण-सुण ओ जयपुरा रा तेली, थारी घाणी केसर ने किस्तुरी।
ओ मांय घाली मरबो ने मखतुली।
मांय घाली जायफल और जावत्री, ओ तेल बनड़ा रे अंग चढ़सी।
दमड़ा वांका बाबाजी भर देसी, लेखो वांकी मायां कर लेसी।
दमड़ा वांका बीराजी भर देसी, लेखो वांकी भाभियां कर लेसी।

पीठी के गीत / 1 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Pithi Ke Geet 1 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics

पीठी के गीत / 2 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Pithi Ke Geet 2 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics

पीठी के गीत / 3 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Pithi Ke Geet 3 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics

पीठी के गीत / 5 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Pithi Ke Geet 5 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics

पीठी के गीत / 6 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Pithi Ke Geet 6 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics

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