ऐसी मत मंद फंद नहिं सूझे संत जूड़ीराम भजन / भजन Aisi Mat Mand Phand Nahin Soojhe Sant Judiram Bhajan / Bhajan
ऐसी मत मंद फंद नहिं सूझे।
आवत नहीं निकट सतगुरु के काल कर्म के रन में जूझे।
प्रतमा पूज जूझ में अटको भटक मरो फिर पंथ न सूझे।
जूड़ीराम नाम बिन चीन्हें कर परतीत ध्येय दिल पूजे।
0 comments:
एक टिप्पणी भेजें