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ऐसो निज नाम नजर नहिं आया संत जूड़ीराम भजन / Aiso Nij Naam Nazar Nahin Aaya Sant Judiram Bhajan

 

ऐसो निज नाम नजर नहिं आया।
निकटई है तो निहार न देखत लेखत-लेखत जनम गमायो।
फर्क है बीज नीचमत डालत बिन गुरु संध चीन नहिं पायो।
व्याप रहे सब ठौर एक सो बिन विवेक जुग-जुग डहकायो।
जूड़ीराम जैसई को तैसो ने कहुं गयो बहुरि नहिं आयो।


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